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Rewari News: पहली से 8वीं तक की सभी विषयों की नई किताबें तैयार करने की कवायद शुरू
Mon, 20 May 2024 12:56 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Mon, 20 May 2024 12:56 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
रेवाड़ी। नई शिक्षा नीति को लागू करने के लिए राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एससीईआरटी) गुरुग्राम की ओर से कक्षा पहली से 8वीं तक की सभी विषयों की नई किताबें तैयार करने की कवायद शुरू कर दी है।
हर जिले से नाम पहुंचने के बाद विषयवार शिक्षकों के ग्रुप (पूल) बनाए जाएंगे। इसके बाद शिक्षकों को एससीईआरटी में ही ट्रेनिंग दी जाएगी। प्रशिक्षण के उपरांत शिक्षक एससीईआरटी में ही किताबों का कंटेंट तैयार करेंगे। सिलेबस अनुसार किताबें लिखने के लिए मिलेगा प्रशिक्षण शिक्षकों के नाम पहुंचने के बाद उनको ग्रुप अनुसार बांटा जाएगा। इसके बाद उनको एससीईआरटी गुड़गांव में एक्सपर्ट की ओर से प्रशिक्षण दिया जाएगा। उनको नई एजुकेशन पॉलिसी के बारे में बताया जाएगा। किताबें लिखने के मानदंड बताए जाएंगे। सिलेबस अनुसार ही जानकारी प्रदान की जाएगी।
इसे लेकर एससीईआरटी हरियाणा की ओर से राज्य के सभी जिलों के डीईओ व डीईईओ को पत्र जारी कर उनके यहां कक्षा पहली से 12वीं तक को पढ़ाने वाले योग्य अनुभवी इच्छुक शिक्षकों के नाम मांगे गए हैं। शिक्षकों को अपने नाम सीधे एससीईआरटी को भेजने होंगे।
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लोकल कंटेंट पर भी रहेगा फोकस
डाइट हुसैनपुर रेवाड़ी में पीएमडीए विंग प्रभारी डॉ. मंजू बाला ने बताया कि नई शिक्षा नीति के अनुसार नई किताबों में इस बार लोकल कंटेंट (स्थानीय विषय वस्तु) को भी प्रमुखता से लिया जाएगा। जैसे हरियाणा से जुड़ी कोई महत्वपूर्ण जगह है, उसका भी उसमें जिक्र किया जाएगा। जैसे रेवाड़ी में रेलवे लोकोशेड है, उसको इतिहास की पुस्तक में लिया जा सकता है। ऐसा इसलिए कि बच्चे अपने जिले और हरियाणा के इतिहास से रूबरू हो सकेंगे। डाइट प्रिंसिपल सुभाषचंद्र ने बताया कि पहली से 8वीं की ये किताबें नई शिक्षा नीति के अनुसार ही तैयार होनी है। इसलिए एससीईआरटी ने उन शिक्षकों के नाम मांगे हैं, जो किताबें लिखने के इच्छुक हो और पहले भी किताब निर्माण में सहयोग या कंटेंट लिख चुके हैं। सभी जिलों से नाम पहुंचने के बाद ग्रुप बनाकर उनको प्रशिक्षण मिलेगा। फिर किताबें तैयार की जाएंगी।
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रेवाड़ी। नई शिक्षा नीति को लागू करने के लिए राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एससीईआरटी) गुरुग्राम की ओर से कक्षा पहली से 8वीं तक की सभी विषयों की नई किताबें तैयार करने की कवायद शुरू कर दी है।
हर जिले से नाम पहुंचने के बाद विषयवार शिक्षकों के ग्रुप (पूल) बनाए जाएंगे। इसके बाद शिक्षकों को एससीईआरटी में ही ट्रेनिंग दी जाएगी। प्रशिक्षण के उपरांत शिक्षक एससीईआरटी में ही किताबों का कंटेंट तैयार करेंगे। सिलेबस अनुसार किताबें लिखने के लिए मिलेगा प्रशिक्षण शिक्षकों के नाम पहुंचने के बाद उनको ग्रुप अनुसार बांटा जाएगा। इसके बाद उनको एससीईआरटी गुड़गांव में एक्सपर्ट की ओर से प्रशिक्षण दिया जाएगा। उनको नई एजुकेशन पॉलिसी के बारे में बताया जाएगा। किताबें लिखने के मानदंड बताए जाएंगे। सिलेबस अनुसार ही जानकारी प्रदान की जाएगी।
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इसे लेकर एससीईआरटी हरियाणा की ओर से राज्य के सभी जिलों के डीईओ व डीईईओ को पत्र जारी कर उनके यहां कक्षा पहली से 12वीं तक को पढ़ाने वाले योग्य अनुभवी इच्छुक शिक्षकों के नाम मांगे गए हैं। शिक्षकों को अपने नाम सीधे एससीईआरटी को भेजने होंगे।
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लोकल कंटेंट पर भी रहेगा फोकस
डाइट हुसैनपुर रेवाड़ी में पीएमडीए विंग प्रभारी डॉ. मंजू बाला ने बताया कि नई शिक्षा नीति के अनुसार नई किताबों में इस बार लोकल कंटेंट (स्थानीय विषय वस्तु) को भी प्रमुखता से लिया जाएगा। जैसे हरियाणा से जुड़ी कोई महत्वपूर्ण जगह है, उसका भी उसमें जिक्र किया जाएगा। जैसे रेवाड़ी में रेलवे लोकोशेड है, उसको इतिहास की पुस्तक में लिया जा सकता है। ऐसा इसलिए कि बच्चे अपने जिले और हरियाणा के इतिहास से रूबरू हो सकेंगे। डाइट प्रिंसिपल सुभाषचंद्र ने बताया कि पहली से 8वीं की ये किताबें नई शिक्षा नीति के अनुसार ही तैयार होनी है। इसलिए एससीईआरटी ने उन शिक्षकों के नाम मांगे हैं, जो किताबें लिखने के इच्छुक हो और पहले भी किताब निर्माण में सहयोग या कंटेंट लिख चुके हैं। सभी जिलों से नाम पहुंचने के बाद ग्रुप बनाकर उनको प्रशिक्षण मिलेगा। फिर किताबें तैयार की जाएंगी।