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रेवाड़ी में ग्रैप-4 प्लान का असर: कर्ज लेकर ली गाड़ी, किस्त चुकाने का बना संकट; लोगों के व्यवसाय हो रहे ठप
Thu, 21 Nov 2024 10:51 AM IST
नवीन दलाल
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी (हरियाणा)
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी (हरियाणा)
Published by: नवीन दलाल
Updated Thu, 21 Nov 2024 10:51 AM IST
सार
दिल्ली में पंजीकृत बीएस-3 मानकों वाले या उससे पुराने डीजल मध्यम मालवाहक वाहनों पर प्रतिबंध है, जब तक कि वे आवश्यक वस्तुओं का परिवहन न कर रहे हों। इसी तरह, दिल्ली के बाहर से डीजल हल्के वाणिज्यिक वाहनों को आवश्यक वस्तुओं को ले जाने के अलावा प्रवेश करने से रोक दिया गया है।
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बढ़े प्रदूषण के बीच दिल्ली में अब ग्रैप-4
- फोटो : self
विस्तार
ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (ग्रैप-4) की वजह से प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों पर दिल्ली में रोक लगाई गई है। जिले से बड़ी संख्या में ट्रांसपोर्टर दिल्ली रोजाना माल भेजते हैं। ऐसे में लोगों के लिए रोजी रोटी की संकट की परिस्थितियां उत्पन्न हो चुकी हैं। कई वाहन चालकों ने वाहनों की किस्त देनी है तो किसी को किराया देना है। रोजाना कार्य करने पर ही उनकी रोजी-रोटी टिकी हुई थी। ऐसे में एकदम से पाबंदी के कारण काफी परेशानी हो रही है।
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ग्रैप के नियमों में कब बदलाव होगा, अभी इस पर कुछ भी नहीं कहा जा सकता है। इसे लेकर ट्रांसपोर्टर भी काफी चिंतित है। ग्रैप के चरण 4 के लागू होने से प्रतिबंध और भी बढ़ गए हैं। अब दिल्ली में बीएस-3 पेट्रोल और बीएस-4 डीजल वाहनों के चलने पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। मोटर वाहन अधिनियम, 1988 की धारा 194(1) के तहत उल्लंघन करने वालों पर 20,000 रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है।
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दिल्ली में पंजीकृत बीएस-3 मानकों वाले या उससे पुराने डीजल मध्यम मालवाहक वाहनों पर प्रतिबंध है, जब तक कि वे आवश्यक वस्तुओं का परिवहन न कर रहे हों। इसी तरह, दिल्ली के बाहर से डीजल हल्के वाणिज्यिक वाहनों को आवश्यक वस्तुओं को ले जाने के अलावा प्रवेश करने से रोक दिया गया है। एनसीआर (राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र) राज्यों से आने वाली अंतरराज्यीय बसें जो बीएस-4 डीजल मानदंडों को पूरा नहीं करती हैं, उन पर भी प्रतिबंध है।
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यह बोले ट्रांसपोर्टर
जब भी प्रदूषण बढ़ता है तो वाहन मालिकों के लिए सबसे अधिक परेशानी होती है। जबकि प्रदूषण फैलाने वाले अन्य कारणों पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। वाहन खड़े करवा दिए हैं। ऋण लेकर अपनी रोजी रोटी कमाने के लिए वाहन खरीदा, रोजी रोटी दूर बैंक का कर्जा उतारना दूभर हो जाएगा। -संदीप अरोड़ा, कोसली।
रोजगार ना मिलने के कारण बैंक से ऋण लेकर वाहन खरीदा। अब वाहनों को दिल्ली में प्रवेश करने पर मना कर दिया गया है। अब वह बैंक का ऋण की मासिक किस्त कैसे भरेंगे। अगर किस्त नहीं भरी गई तो बैंक में उसके नंबर डाउन होंगे। जुर्माने सहित किस्तें भरनी पड़ेंगी। -राजबीर सिंह, कोसली।
धारूहेड़ा में सैंकड़ो ट्रांसपोर्टर हैं, इनका लोकल काम सारा दिल्ली से ही होता है। हजारों ट्रक दिल्ली प्रतिदिन अप डाउन करते हैं, जिससे लाखों का नुकसान हो रहा है। इस पर कोई रास्ता निकालना जरूरी है। - राणधीर सिंह चौधरी, धारूहेड़ा।