{"_id":"5e29e35e8ebc3e4b5a781528","slug":"education-rewari-news-rtk538816624","type":"story","status":"publish","title_hn":"फब्तियों के आरोपों के बाद जागा शिक्षा विभाग, गांव में पहुंचकर डीईओ छात्राओं को बस में बैठाकर लाए साथ,","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
फब्तियों के आरोपों के बाद जागा शिक्षा विभाग, गांव में पहुंचकर डीईओ छात्राओं को बस में बैठाकर लाए साथ,
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गांव राजावास से छात्राओं के साथ बस में सवार होकर मस्तापुर आते डीईओ मुकेश यादव।
- फोटो : Rewari
गांव राजावास से मस्तापुर तक दो किमी. की दूरी के दौरान छात्राओं की ओर से छींटाकशी के आरोप के बाद वीरवार सुबह के समय जिला शिक्षा अधिकारी मुकेश यादव गांव राजावास में एक बस लेकर पहुंचे और वहां से छात्राओं को सुरक्षा की गांरटी देते छात्राओं के साथ बस में सवार मस्तापुर सीनयिर सेकेंडरी स्कूूल पहुंचे। इतना नहीं मस्तापुर, राजावास, टहना शादीपुर, नया टहना सहित करीब पांच गांव की पंयातय में बेटियों की सुरक्षा देने का जिम्मा लिया। वीरवार सुबह मस्तापुर के सीनियर सेकेंडरी स्कूल के खेल मैदान में पंचायत कर सभी विवाद निपटाए गए। इस दौरान शिक्षा विभाग से लेकर भारी पुलिस बल तैनात रहा। बता दें कि बुधवार को गांव राजवास के ग्रामीणों ने गांव की छात्राओं को मस्तापुर स्थित स्कूल में भेजने से मना कर दिया था और मस्तापुर के सामाजिक बहिष्कार की भी चेतावनी दी थी। डीईओ का कहना है कि छात्राओं के लिए बस लगा दी गई है, अब हर रोज छात्राएं बस से आवाजाही करेंगी।
राजावास से हर रोज दो किमी. की पैदल यात्रा कर पहुंचती थी 31 छात्राएं
गांव मस्तापुर स्थित शहीद के नाम से बनाया गया सीनियर सेकेंडरी स्कूल में करीब 200 विद्यार्थी हैं। यहां पर कक्षा 6 से लेकर 12 वीं तक साइंस, कामर्स व आर्ट्स की पढ़ाई के लिए सुविधा मौजूद है। 200 विद्यार्थियों में करीब 40 को छोड़ दिया जाए तो 160 विद्यार्थी आसपास के पांच गांव से पढ़ने आते हैं, इनमें छात्राओं की संख्या सर्वाधिक है। इसी कड़ी में गांव राजवास से भी करीब 31 छात्राएं हर रोज दो किमी. पैदल यात्रा कर गांव मस्तापुर स्कूल पहुंचती थी। छात्राओं के आरोप हैं कि रास्ते में बैठे मनचले उन फब्तियां कसते थे। इसके चलते उनको परेशानी का सामना करना पड़ता था। छात्राओं ने वीरवार को कहा कि स्कूूल में अच्छी पढ़ाई होती है, लेकिन रास्ते से परेशानी होती है, लेकिन वीरवार को प्रशासन व पंचायत के आश्वासन के बाद शायद अब इस तरह से नहीं होगा।
स्कूल में तीन प्रवक्ता की कमेटी की गई गठित
मस्तापुर स्कूल के प्रिंसिपल विक्रम सिंह ने बताया कि छात्राओं में असुरक्षा की भावना को दूर करने के लिए दो सीनियर महिला अध्यापकों के साथ तीन टीचर की एक कमेटी गठित की गई। कमेटी के सदस्य बस में सुबह के समय बस में छात्राओं के साथ आएंगे और छुट्टी के समय उनके साथ जाएंगे। वीरवार को स्कूूल में बाल संरक्षण समिति के सदस्य भी पहुंचे थे, उनकी ओर से भी छात्राओं की काउंसलिंग की गई।
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मस्तापुर को बदनाम करने की कोशिश, बच्चियों की सुरक्षा का जिम्मा हमारा: सरपंच
गांव मस्तापुर के सरपंच सतबीर ने बताया कि कुछ लोगों की ओर से गांव मस्तापुर को बदनाम करने की कोशिश की जा रही है। बच्चियों की सुरक्षा का जिम्मा पहले भी था और आगे भी रहेगा। पांच गांव की पंचायत में वीरवार को सुरक्षा का जिम्मा लिया गया। मस्तापुर की पंचायत हमेशा सहयोग के लिए तैयार है।
छात्राओं के लिए प्रतिदिन चलेगी बस: डीईओ
डीईओ मुकेश यादव ने बताया कि बुधवार को राजवास की पंचायत की शिकायत लेकर पहुंची थी। वीरवार को सुबह के समय गांव में बस उपलब्ध कराई गई थी, अब प्रतिदिन छात्राओं को बस स्कूल से गांव तक लेकर व छोड़कर आएगी।
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राजावास से हर रोज दो किमी. की पैदल यात्रा कर पहुंचती थी 31 छात्राएं
गांव मस्तापुर स्थित शहीद के नाम से बनाया गया सीनियर सेकेंडरी स्कूल में करीब 200 विद्यार्थी हैं। यहां पर कक्षा 6 से लेकर 12 वीं तक साइंस, कामर्स व आर्ट्स की पढ़ाई के लिए सुविधा मौजूद है। 200 विद्यार्थियों में करीब 40 को छोड़ दिया जाए तो 160 विद्यार्थी आसपास के पांच गांव से पढ़ने आते हैं, इनमें छात्राओं की संख्या सर्वाधिक है। इसी कड़ी में गांव राजवास से भी करीब 31 छात्राएं हर रोज दो किमी. पैदल यात्रा कर गांव मस्तापुर स्कूल पहुंचती थी। छात्राओं के आरोप हैं कि रास्ते में बैठे मनचले उन फब्तियां कसते थे। इसके चलते उनको परेशानी का सामना करना पड़ता था। छात्राओं ने वीरवार को कहा कि स्कूूल में अच्छी पढ़ाई होती है, लेकिन रास्ते से परेशानी होती है, लेकिन वीरवार को प्रशासन व पंचायत के आश्वासन के बाद शायद अब इस तरह से नहीं होगा।
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स्कूल में तीन प्रवक्ता की कमेटी की गई गठित
मस्तापुर स्कूल के प्रिंसिपल विक्रम सिंह ने बताया कि छात्राओं में असुरक्षा की भावना को दूर करने के लिए दो सीनियर महिला अध्यापकों के साथ तीन टीचर की एक कमेटी गठित की गई। कमेटी के सदस्य बस में सुबह के समय बस में छात्राओं के साथ आएंगे और छुट्टी के समय उनके साथ जाएंगे। वीरवार को स्कूूल में बाल संरक्षण समिति के सदस्य भी पहुंचे थे, उनकी ओर से भी छात्राओं की काउंसलिंग की गई।
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मस्तापुर को बदनाम करने की कोशिश, बच्चियों की सुरक्षा का जिम्मा हमारा: सरपंच
गांव मस्तापुर के सरपंच सतबीर ने बताया कि कुछ लोगों की ओर से गांव मस्तापुर को बदनाम करने की कोशिश की जा रही है। बच्चियों की सुरक्षा का जिम्मा पहले भी था और आगे भी रहेगा। पांच गांव की पंचायत में वीरवार को सुरक्षा का जिम्मा लिया गया। मस्तापुर की पंचायत हमेशा सहयोग के लिए तैयार है।
छात्राओं के लिए प्रतिदिन चलेगी बस: डीईओ
डीईओ मुकेश यादव ने बताया कि बुधवार को राजवास की पंचायत की शिकायत लेकर पहुंची थी। वीरवार को सुबह के समय गांव में बस उपलब्ध कराई गई थी, अब प्रतिदिन छात्राओं को बस स्कूल से गांव तक लेकर व छोड़कर आएगी।