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Rewari News: ऑनलाइन डाटा समय पर अपडेट नहीं होने से बच्चे वजीफ से रहे जाते हैं वंचित

Sat, 06 Apr 2024 12:56 AM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी Updated Sat, 06 Apr 2024 12:56 AM IST
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Due to online data not being updated on time, children are deprived of scholarship.
रेवाड़ी। जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय। संवाद
रेवाड़ी। शिक्षा विभाग की तरफ से सरकारी विद्यालयों में पढ़ने वाले पहली से आठवीं कक्षा तक के विद्यार्थियों को हर साल प्रोत्साहन राशि दी जाती है। इसके लिए विद्यालय स्तर पर ही विद्यार्थियों का डाटा अपलोड करना होता है। गत वर्ष जिले के कुछ सरकारी विद्यालयों के पहली कक्षा से आठवीं कक्षा तक के विद्यार्थियों का समय पर आनलाइन डाटा अपडेट नहीं होने से वजीफे से वंचित रह गए। इसका मुख्य कारण पोर्टल में तकनीकी कारणों को बताया गया था।
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वहीं इस बार भी ऐसा ही देखने को मिला है। फरवरी में एमआईएस पोर्टल पर बच्चों का डाटा तो अपडेट कर दिया था, लेकिन समस्या तब हुई जब बाद में पोर्टल से डाटा ही गायब हो गया। इसके बाद अब फिर से डाटा अपडेट किया गया है। ताकि ऐसे विद्यार्थियों को जल्द से जल्द प्रोत्साहन राशि का लाभ मिल सके। बता दें कि वजीफा लेने के लिए एससी, बीसीए व बीपीएल छात्रों का डाटा स्कूल की तरफ से अपडेट किया जाता है।
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राशि शिक्षा विभाग के अधिकारियों का कहना है कि गतवर्ष जिले के पहली से पांचवीं तक एससी छात्रों, बीसी-ए छात्रों, और बीपीएल छात्रों तथा छठीं से आठवीं तक की कक्षाओं के एससी छात्रों, बीसी-ए बीपीएल छात्रों के फार्म में काफी त्रुटियां देखने को मिली थीं। बैंक खाता गलत भरने के साथ बैंक खाता आधार से लिंक ना होना, नाम में गलतियां देखी गई थीं। इसको चेक करने के साथ ही डाटा अपलोड किया जा रहा था। यही कारण है कि जिले के अधिकतर विद्यार्थी वजीफे से वंचित रह गए थे।
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इंसेट

पिछले साल विद्यार्थियों को मिली राशि

कक्षा दूसरी में पढ़ रही छात्रा पूजा ने बताया कि गत वर्ष वजीफा मिला था। ज्योति ने बताया कि पिछली कक्षा में राशि आई थी, लेकिन उनके साथ पढ़ने वाले कई विद्यार्थियों के खाते में यह वजीफा नहीं मिला था। छठी की छात्रा चारु ने बताया कि उसकी पाचवीं कक्षा में 1250 रुपये राशि खाते में आई थी।

इंसेट


कक्षावार मिलने वाली वजीफे पर एक नजर
कक्षा--राशि
पहली--740
दूसरी--750
तीसरी--960
चौथी--970
पांचवीं--980
छठी--1250
सातवीं--1250
आठवीं--1250

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वर्जन
विद्यार्थियों के बैंक खातों और परिवार पहचान पत्र आईडी को सत्यापित करने के बाद ही डाटा अपडेट किया जाता है। गत वर्ष जिन विद्यार्थियों के फार्म में किसी प्रकार की कोई त्रुटि नहीं थी, उनके वजीफे की राशि बैंक खाते में आई थी।- धर्मेंद्र यादव, जिला प्रधान, प्राथमिक शिक्षक संघ
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