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Rewari News: 90 गांवों में सूखे जोहड़, पशुओं के लिए जलसंकट
Sun, 12 Mar 2023 10:59 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Sun, 12 Mar 2023 10:59 PM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
रेवाड़ी। जिले के 90 गांवों में स्थित जोहड़ सूख गए हैं जिससे पशुओं के लिए जलसंकट गहरा गया है। इन गांवों में पहले नाले के जरिये नहर का पानी पहुंचता था लेकिन लोगों ने नालों पर कब्जा कर मकान बना लिया। इसकी वजह से पानी पहुंचने का रास्ता बंद हो गया। इन जोहड़ों में कई ऐसे हैं जो गंदगी और झाड़ियों से पटे हैं जिससे बरसात का पर्याप्त पानी भी एकत्रित नहीं होता है। जोहड़ों के सूखने की वजह से भूजल स्तर भी काफी नीचे चला गया है। बावल, खोल और कुंड क्षेत्र में भूजल स्तर गिरकर 400 से 700 फीट नीचे चला गया है। इसकी वजह से कुएं भी सूख गए हैं।
सरकारी रिकार्ड के अनुसार जिले के 412 गांवों कुल 1000 जोहड़ हैं। गांवों में पशुपालकों के लिए जोहड़ की व्यवस्था की गई है। जिले के 90 गांव ऐसे हैं जहां स्थित जोहड़ों में 6 से 8 साल से पानी नहीं है। हालांकि जोहड़ों में नहरी पानी पहुंचाने की व्यवस्था है लेकिन इन गांवों में नहर से जोहड़ तक जुड़े नाले अतिक्रमण का शिकार हो गए। जिनकी जमीन में नाले बने थे उन्होंने मकान बनवा लिया तो कहीं अतिक्रमण कर निर्माण कार्य कराए गए हैं। ऐसे में गांवों के बीच स्थित जोहड़ों में नहर का पानी नहीं पहुंच रहा है। ग्रामीणों के अनुसार जोहड़ों के सूखने के कारण खोल, कुंड, डहीना व बावल क्षेत्र में भूजल स्तर 400 से 700 फूट नीचे चला गया है। इसके चलते कुएं भी सूखने लगे हैं। अधिकारियों से जोहड़ों में पानी भरवाने की मांग कई बार की गई लेकिन ध्यान नहीं दिया जा रहा है।
इन गांवों में है पानी का संकट
जिले में कई ऐसे गांव हैं जिनमें पानी नहीं है तो कई सूखने के कगार पर है। गांव ओढ़ी, आनंदपुर, जयसिंहपुर खेड़ा, कालड़ावास, हरचंदपुर, मोहम्मदपुर, बालावास, भड़ंगी, राजगढ़, धारण, खरखड़ी, रामगढ़, रामसिंहपुरा, खोरी, माजरा, हांसाका, साल्हावास, खंडोड़ा, खिजूरी, भादौज,नांगल शहबाजपुर, बिदावास, पड़तल, नंगली गोदा, मामड़िया, कढू, प्राणपुरा, सुलखा, खटावली व भगवनपुर आदि गांवों में जोहड़ों में कई सूखे हैं तो कुछ सूखने के कगार पर हैं। इससे पानी का संकट गहरा गया है।
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वर्जन
अभी नहर में पानी नहीं आया है। यही कारण है कि जोहड़ सूखे हैं। नहर में पानी आते ही गांवों के जोहड़ों में पानी भरवा दिया जाएगा। जैसे ही ग्राम पंचायतों के माध्यम से उनके पास सूचना आएगी जोहड़ों में पानी छोड़ा जाएगा। -जेपी तंवर, एक्सईएन सिंचाई विभाग डिविजन-टू, रेवाड़ी।
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जिले के गांवों के जोहड़ों में पानी भरवाया जा रहा है। जिन गांवों में जोहड़ गांव के अंदर है और वहां तक नहरी पानी पहुंचाने की व्यवस्था नहीं है वहां के जोड़हों में पानी डालवाने में दिक्कत हो रही है। वैसे पशुपालकों को किसी तरह की परेशानी नहीं आने दी जाएगी।-एचपी बंसल, जिला विकास एवं पंचायत अधिकारी रेवाड़ी
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रेवाड़ी। जिले के 90 गांवों में स्थित जोहड़ सूख गए हैं जिससे पशुओं के लिए जलसंकट गहरा गया है। इन गांवों में पहले नाले के जरिये नहर का पानी पहुंचता था लेकिन लोगों ने नालों पर कब्जा कर मकान बना लिया। इसकी वजह से पानी पहुंचने का रास्ता बंद हो गया। इन जोहड़ों में कई ऐसे हैं जो गंदगी और झाड़ियों से पटे हैं जिससे बरसात का पर्याप्त पानी भी एकत्रित नहीं होता है। जोहड़ों के सूखने की वजह से भूजल स्तर भी काफी नीचे चला गया है। बावल, खोल और कुंड क्षेत्र में भूजल स्तर गिरकर 400 से 700 फीट नीचे चला गया है। इसकी वजह से कुएं भी सूख गए हैं।
सरकारी रिकार्ड के अनुसार जिले के 412 गांवों कुल 1000 जोहड़ हैं। गांवों में पशुपालकों के लिए जोहड़ की व्यवस्था की गई है। जिले के 90 गांव ऐसे हैं जहां स्थित जोहड़ों में 6 से 8 साल से पानी नहीं है। हालांकि जोहड़ों में नहरी पानी पहुंचाने की व्यवस्था है लेकिन इन गांवों में नहर से जोहड़ तक जुड़े नाले अतिक्रमण का शिकार हो गए। जिनकी जमीन में नाले बने थे उन्होंने मकान बनवा लिया तो कहीं अतिक्रमण कर निर्माण कार्य कराए गए हैं। ऐसे में गांवों के बीच स्थित जोहड़ों में नहर का पानी नहीं पहुंच रहा है। ग्रामीणों के अनुसार जोहड़ों के सूखने के कारण खोल, कुंड, डहीना व बावल क्षेत्र में भूजल स्तर 400 से 700 फूट नीचे चला गया है। इसके चलते कुएं भी सूखने लगे हैं। अधिकारियों से जोहड़ों में पानी भरवाने की मांग कई बार की गई लेकिन ध्यान नहीं दिया जा रहा है।
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इन गांवों में है पानी का संकट
जिले में कई ऐसे गांव हैं जिनमें पानी नहीं है तो कई सूखने के कगार पर है। गांव ओढ़ी, आनंदपुर, जयसिंहपुर खेड़ा, कालड़ावास, हरचंदपुर, मोहम्मदपुर, बालावास, भड़ंगी, राजगढ़, धारण, खरखड़ी, रामगढ़, रामसिंहपुरा, खोरी, माजरा, हांसाका, साल्हावास, खंडोड़ा, खिजूरी, भादौज,नांगल शहबाजपुर, बिदावास, पड़तल, नंगली गोदा, मामड़िया, कढू, प्राणपुरा, सुलखा, खटावली व भगवनपुर आदि गांवों में जोहड़ों में कई सूखे हैं तो कुछ सूखने के कगार पर हैं। इससे पानी का संकट गहरा गया है।
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अभी नहर में पानी नहीं आया है। यही कारण है कि जोहड़ सूखे हैं। नहर में पानी आते ही गांवों के जोहड़ों में पानी भरवा दिया जाएगा। जैसे ही ग्राम पंचायतों के माध्यम से उनके पास सूचना आएगी जोहड़ों में पानी छोड़ा जाएगा। -जेपी तंवर, एक्सईएन सिंचाई विभाग डिविजन-टू, रेवाड़ी।
जिले के गांवों के जोहड़ों में पानी भरवाया जा रहा है। जिन गांवों में जोहड़ गांव के अंदर है और वहां तक नहरी पानी पहुंचाने की व्यवस्था नहीं है वहां के जोड़हों में पानी डालवाने में दिक्कत हो रही है। वैसे पशुपालकों को किसी तरह की परेशानी नहीं आने दी जाएगी।-एचपी बंसल, जिला विकास एवं पंचायत अधिकारी रेवाड़ी