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Rewari News: नशा पीड़ित की पहचान कर डी एडिक्शन सेंटर में करवाया भर्ती
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खेड़ा मुरार में लोगों को नशे के खिलाफ जागरूक करते पुलिस टीम। स्रोत : पुलिस
रेवाड़ी। नशा मुक्त टीम ने गांव अलावलपुर, खेड़ा मुरार व सूबाहेड़ी में डोर टू डोर जाकर ग्रामीणों के साथ बैठक कर गांवों को नशा मुक्त करने और ग्रामीणों को नशे से दूर रखने को लेकर विचार-विमर्श किया। इस दौरान नशामुक्ति टीम ने एक नशा पीड़ित व्यक्ति की पहचान की है जो नशे की लत से प्रभावित है।
नशामुक्ति टीम ने पीड़ित व्यक्ति की काउंसिलिंग करवाकर डी एडिक्शन सेंटर में भर्ती करवाया है उसे इलाज के लिए प्रेरित किया गया है। नशा मुक्ति टीम द्वारा अब तक नशे से पीड़ित 80 लोगों की पहचान की है जो किसी न किसी प्रकार के नशे से पीड़ित हैं। इसके अलावा 19 नशा पीड़ितों का इलाज करवाया गया है।
निरीक्षक रामपाल ने बताया कि पुलिस और आमजन अगर आपस में तालमेल के साथ कार्य करें तो नशे जैसी बुराई पर नियंत्रण पाया जा सकता है। नशा एक ऐसी बुराई है जिससे व्यक्ति का अनमोल जीवन समय से पहले ही मौत का शिकार हो जाता है। नशा करने वाला व्यक्ति अपने साथ साथ पूरे परिवार का जीवन खराब कर देता है।
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उन्होंने कहा कि सबसे पहले युवा पीढ़ी को नशे से बचाना होगा। उन्होंने कहा कि पुलिस के इस अभियान से प्रेरित होकर जहां युवा शिक्षा और खेल गतिविधियों की ओर अग्रसर हो रहे हैं। वहीं पर अनेक नशा ग्रस्त युवकों ने नशा छोड़ने की पहल भी की है जिनका स्थानीय प्रशासन की मदद से इलाज करवाकर उन्हें फिर से समाज की मुख्यधारा में शामिल किया गया है।
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नशामुक्ति टीम ने पीड़ित व्यक्ति की काउंसिलिंग करवाकर डी एडिक्शन सेंटर में भर्ती करवाया है उसे इलाज के लिए प्रेरित किया गया है। नशा मुक्ति टीम द्वारा अब तक नशे से पीड़ित 80 लोगों की पहचान की है जो किसी न किसी प्रकार के नशे से पीड़ित हैं। इसके अलावा 19 नशा पीड़ितों का इलाज करवाया गया है।
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निरीक्षक रामपाल ने बताया कि पुलिस और आमजन अगर आपस में तालमेल के साथ कार्य करें तो नशे जैसी बुराई पर नियंत्रण पाया जा सकता है। नशा एक ऐसी बुराई है जिससे व्यक्ति का अनमोल जीवन समय से पहले ही मौत का शिकार हो जाता है। नशा करने वाला व्यक्ति अपने साथ साथ पूरे परिवार का जीवन खराब कर देता है।
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उन्होंने कहा कि सबसे पहले युवा पीढ़ी को नशे से बचाना होगा। उन्होंने कहा कि पुलिस के इस अभियान से प्रेरित होकर जहां युवा शिक्षा और खेल गतिविधियों की ओर अग्रसर हो रहे हैं। वहीं पर अनेक नशा ग्रस्त युवकों ने नशा छोड़ने की पहल भी की है जिनका स्थानीय प्रशासन की मदद से इलाज करवाकर उन्हें फिर से समाज की मुख्यधारा में शामिल किया गया है।