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Rewari News: मानवीय संवेदना से जुडे नाटक ख्वाब ने दर्शकों को किया भावविभोर
Wed, 27 Mar 2024 03:02 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Wed, 27 Mar 2024 03:02 AM IST
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रेवाड़ी। क्षेत्र की प्रमुख सांस्कृतिक संस्था बंजारा की ओर से मंचित नाटक ख्वाब को देख दर्शक भावविभोर हो गए। मानवीय संवेदना एवं स्वार्थ परक जीवन की सच्चाई बताने वाले नाटक को देख दर्शक भावविभोर हो गए।
अमन गनि सोसायटी के आनंद सभागार में आयोजित नाटक की सराहना करते हुए अमनगनि के निर्देशक त्रिलोक शर्मा ने कहा कि यह कहानी जीवन का कटु सत्य उजागर करती है। एकाकीपन जीवन की त्रासदी है जिसे आपसी समन्वय से दूर किया जा सकता है। उन्होंने दर्शकों से अपने बच्चों को संस्कारवान बनाने की अपील की। आलोक शुक्ला लिखित नाटक में मुख्य पात्र के रूप में निदेशक विजय भाटोटिया ने एकाकी व बेबस मनुष्य के पात्र को जीवंत किया। नाटक में दिखाया गया कि महानगर के एकाकीपन में किस प्रकार एक बुजुर्ग के सपने ताश के पत्तों की तरह धराशायी हो जाते हैं और परिवार की याद में उसे गुमनाम मौत नसीब होती है। वरिष्ठ रंगकर्मी गोपाल वशिष्ठ ने सूत्रधार की भूमिका निभाई, जबकि रविंद्र व शंकर ने मंच व्यवस्था को बखूबी अंजाम दिया।
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अमन गनि सोसायटी के आनंद सभागार में आयोजित नाटक की सराहना करते हुए अमनगनि के निर्देशक त्रिलोक शर्मा ने कहा कि यह कहानी जीवन का कटु सत्य उजागर करती है। एकाकीपन जीवन की त्रासदी है जिसे आपसी समन्वय से दूर किया जा सकता है। उन्होंने दर्शकों से अपने बच्चों को संस्कारवान बनाने की अपील की। आलोक शुक्ला लिखित नाटक में मुख्य पात्र के रूप में निदेशक विजय भाटोटिया ने एकाकी व बेबस मनुष्य के पात्र को जीवंत किया। नाटक में दिखाया गया कि महानगर के एकाकीपन में किस प्रकार एक बुजुर्ग के सपने ताश के पत्तों की तरह धराशायी हो जाते हैं और परिवार की याद में उसे गुमनाम मौत नसीब होती है। वरिष्ठ रंगकर्मी गोपाल वशिष्ठ ने सूत्रधार की भूमिका निभाई, जबकि रविंद्र व शंकर ने मंच व्यवस्था को बखूबी अंजाम दिया।
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