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Rewari News: धूमधाम से मनी दीपावली, लोगों में उत्साह
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फोटो: 25रेवाड़ी। दीपावली पर ग्रीन पटाखे जलाते हुए बच्चे। संवाद
रेवाड़ी। जिले में दीपावली पर्व धूमधाम से मनाया गया। लोगों ने माता लक्ष्मी के स्वागत में घरों और प्रतिष्ठानों को दीपों और बिजली के झालरों से सजाया था। लक्ष्मी पूजन के बाद जमकर आतिशबाजी की गई। गली-मोहल्ले और रिश्तेदारों के यहां मिठाई बांटकर दीपावली की शुभकामनाएं दीं।
फेसबुक, व्हाट्सएप, एक्स पर भी दिवाली के शुभकामना संदेश की खूब आवाजाही रही। दीपावली पर्व पर सुबह से ही लोग खरीदारी के साथ पूजा की तैयारी में लगे रहे। सुबह अमावस्या की पूजा की और प्रसाद वितरण किया।
शाम को घरों में भगवान गणेश व मां लक्ष्मी की पूजा की गई। मान्यता है कि भगवान श्रीराम 14 वर्ष का वनवास काटने के बाद अयोध्या लौटे तो लोगों ने खुशी में दीये जलाए। छोटे-बड़े व्यापारियों ने भी प्रतिष्ठानों पर गणेश-लक्ष्मी का पूजन किया। ग्रामीण क्षेत्रों में भी पर्व की धूम रही।
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इस बार अधिकांश लोगों ने घरों में मिट्टी के दीये और मोमबत्ती चलाकर अंधेरे को मिटाया। झालर और बल्ब की भी सजावट खूब हुई। पूजन के बाद लोगों ने गली-मोहल्लों में उपहार देकर लोगों को दीपावली की शुभकामनाएं दी। मंदिरों में पूजा अर्चना करने के लिए तांता लगा रहा।
आज होगी गोवर्धन पूजा
ज्योतिषाचार्य अजय शास्त्री के अनुसार, कार्तिक शुक्ल प्रतिपदा 22 अक्तूबर को पूर्वाह्न गोवर्धन पूजा होगी। यह गोवर्धन पूजा भगवान कृष्ण व गोवर्धन पर्वत को समर्पित है। इस दिन गोबर के गोवर्धन बनाकर उनकी पूजा गंध, अक्षत, पुष्प, धूप, दीप, नैवेद्य 56 भोग लगाकर की जाती है। पूजा के बाद गोवर्धन की सात परिक्रमा लगाने का विधान है। भगवान श्रीकृष्ण ने गोवर्धन पर्वत को अपनी उंगली पर उठाकर इंद्र का मान मर्दन करके ब्रजवासियों की रक्षा की थी। इसे अन्नकूट के नाम से भी जाना जाता है। आज के दिन विभिन्न प्रकार अन्नों मिष्ठानों और पकवानों के पर्वत सिरके समान आकृति बनाकर समर्पित व वितरण करते हैं।
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फेसबुक, व्हाट्सएप, एक्स पर भी दिवाली के शुभकामना संदेश की खूब आवाजाही रही। दीपावली पर्व पर सुबह से ही लोग खरीदारी के साथ पूजा की तैयारी में लगे रहे। सुबह अमावस्या की पूजा की और प्रसाद वितरण किया।
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शाम को घरों में भगवान गणेश व मां लक्ष्मी की पूजा की गई। मान्यता है कि भगवान श्रीराम 14 वर्ष का वनवास काटने के बाद अयोध्या लौटे तो लोगों ने खुशी में दीये जलाए। छोटे-बड़े व्यापारियों ने भी प्रतिष्ठानों पर गणेश-लक्ष्मी का पूजन किया। ग्रामीण क्षेत्रों में भी पर्व की धूम रही।
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इस बार अधिकांश लोगों ने घरों में मिट्टी के दीये और मोमबत्ती चलाकर अंधेरे को मिटाया। झालर और बल्ब की भी सजावट खूब हुई। पूजन के बाद लोगों ने गली-मोहल्लों में उपहार देकर लोगों को दीपावली की शुभकामनाएं दी। मंदिरों में पूजा अर्चना करने के लिए तांता लगा रहा।
आज होगी गोवर्धन पूजा
ज्योतिषाचार्य अजय शास्त्री के अनुसार, कार्तिक शुक्ल प्रतिपदा 22 अक्तूबर को पूर्वाह्न गोवर्धन पूजा होगी। यह गोवर्धन पूजा भगवान कृष्ण व गोवर्धन पर्वत को समर्पित है। इस दिन गोबर के गोवर्धन बनाकर उनकी पूजा गंध, अक्षत, पुष्प, धूप, दीप, नैवेद्य 56 भोग लगाकर की जाती है। पूजा के बाद गोवर्धन की सात परिक्रमा लगाने का विधान है। भगवान श्रीकृष्ण ने गोवर्धन पर्वत को अपनी उंगली पर उठाकर इंद्र का मान मर्दन करके ब्रजवासियों की रक्षा की थी। इसे अन्नकूट के नाम से भी जाना जाता है। आज के दिन विभिन्न प्रकार अन्नों मिष्ठानों और पकवानों के पर्वत सिरके समान आकृति बनाकर समर्पित व वितरण करते हैं।