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Rewari News: जिला उपभोक्ता आयोग ने एसबीआई प्रबंधन पर लगाया 50 हजार का जुर्माना
Sun, 26 Feb 2023 11:21 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Sun, 26 Feb 2023 11:21 PM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
रेवाड़ी। जिला उपभोक्ता आयोग ने स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (एसबीआई) प्रबंधन पर 50 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। इसके अलावा खाते से निकाली गई राशि को 9 प्रतिशत ब्याज सहित वापस करने के आदेश जारी किए हैं।
जिले के गांव बलियर खुर्द निवासी सुरेंद्र सिंह यादव ने एसबीआई की मुख्य शाखा सर्कुलर रोड पर अपना खाता खुलवाया हुआ है। यह खाता उन्होंने मल्टी ऑप्शन डिपॉजिट के तहत खुलवाया हुआ है। जिसमें खाताधारक अपनी राशि को डिपॉजिट कर एफडी बनवा सकता है। इस एफडी बनवाने के लिए सुरेंद्र सिंह ने बैंक में फोन किया तो दूसरी ओर से बैंक के कर्मचारी ने बताया कि उन्हें एनी डेस्क एप अपने मोबाइल पर डाउनलोड करनी होगी। बिना पिन व पासवर्ड बताएं उनके खाते से एप डाउनलोड करते ही पैसे निकलने का मैसेज आया। यह मैसेज इनकम टैक्स डिडक्शन का आया था। जबकि उनका कोई इनकम टैक्स नहीं बनता था। जिससे उन्हें शक हुआ कि उनके साथ जरूर कोई फ्रॉड हुआ है, जिस पर उन्होंने तुरंत अपने फोन को इस्तेमाल करते हुए खाता बंद कराने की कोशिश की। लेकिन यह खाता बंद नहीं हुआ तो उन्होंने अपना फोन ही बंद कर दिया।
करीब 15 दिन बाद जब बैंक में गए तो पता चला कि 14 अलग-अलग एंट्री के तहत उनके खाते से 412655 रुपये गायब हो चुके हैं। इस बारे में उन्होंने एक शिकायत पुलिस को 5 जनवरी 2022 को दर्ज कराई थी। जिसमें बैंक ने कहा कि वह उनकी राशि केवल 50 प्रतिशत ही वापस कर सकेंगे। पुलिस में शिकायत करने के बाद 24500 व 40 हजार रुपये की राशि फ्लिपकार्ट कंपनी ने वापस शिकायतकर्ता के अकाउंट में भेज दी, जबकि पूरी राशि ना मिलने पर शिकायत कर्ता ने दोबारा बैंक के होम्समैन (अधिकारी) को लिखित शिकायत दी। जिस पर अपना निर्णय सुनाते हुए होम्समैन (अधिकारी) ने 138426 रुपये जो कि कुल राशि का आधा बनता था, खाताधारक के खाते में वापस कर दी । लेकिन पूरी राशि ना मिलने से परेशान शिकायतकर्ता सुरेंद्र सिंह ने एक शिकायत जिला उपभोक्ता अदालत में 12 दिसंबर 2022 को दायर की और अपनी राशि पूरी बैंक से दिलाने के लिए गुहार लगाई।
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शिकायत पर सुनवाई करते हुए जिला उपभोक्ता आयोग के चेयरमैन संजय कुमार खंडूजा व सदस्य रवि दत्त कौशिक ने अपने संयुक्त निर्णय में कहा कि बैंक को सूचना देने के बावजूद अपना सिस्टम इतना सुदृढ़ नहीं बना पाया जिससे साइबर फ्रॉड को रोका जा सके जबकि बैंक की यह जिम्मेदारी थी कि उसे इस प्रकार के फ्रॉड से रोका जाए। इस प्रकार का कार्य बैंक की सेवाओं में कोताही का उदाहरण है जिसके लिए बैंक पर 50 हजार रुपये शिकायतकर्ता को परेशान होने के लिए मुआवजा राशि देनी होगी जो 9 प्रतिशत ब्याज के साथ एक माह में दी जाएगी।
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रेवाड़ी। जिला उपभोक्ता आयोग ने स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (एसबीआई) प्रबंधन पर 50 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। इसके अलावा खाते से निकाली गई राशि को 9 प्रतिशत ब्याज सहित वापस करने के आदेश जारी किए हैं।
जिले के गांव बलियर खुर्द निवासी सुरेंद्र सिंह यादव ने एसबीआई की मुख्य शाखा सर्कुलर रोड पर अपना खाता खुलवाया हुआ है। यह खाता उन्होंने मल्टी ऑप्शन डिपॉजिट के तहत खुलवाया हुआ है। जिसमें खाताधारक अपनी राशि को डिपॉजिट कर एफडी बनवा सकता है। इस एफडी बनवाने के लिए सुरेंद्र सिंह ने बैंक में फोन किया तो दूसरी ओर से बैंक के कर्मचारी ने बताया कि उन्हें एनी डेस्क एप अपने मोबाइल पर डाउनलोड करनी होगी। बिना पिन व पासवर्ड बताएं उनके खाते से एप डाउनलोड करते ही पैसे निकलने का मैसेज आया। यह मैसेज इनकम टैक्स डिडक्शन का आया था। जबकि उनका कोई इनकम टैक्स नहीं बनता था। जिससे उन्हें शक हुआ कि उनके साथ जरूर कोई फ्रॉड हुआ है, जिस पर उन्होंने तुरंत अपने फोन को इस्तेमाल करते हुए खाता बंद कराने की कोशिश की। लेकिन यह खाता बंद नहीं हुआ तो उन्होंने अपना फोन ही बंद कर दिया।
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करीब 15 दिन बाद जब बैंक में गए तो पता चला कि 14 अलग-अलग एंट्री के तहत उनके खाते से 412655 रुपये गायब हो चुके हैं। इस बारे में उन्होंने एक शिकायत पुलिस को 5 जनवरी 2022 को दर्ज कराई थी। जिसमें बैंक ने कहा कि वह उनकी राशि केवल 50 प्रतिशत ही वापस कर सकेंगे। पुलिस में शिकायत करने के बाद 24500 व 40 हजार रुपये की राशि फ्लिपकार्ट कंपनी ने वापस शिकायतकर्ता के अकाउंट में भेज दी, जबकि पूरी राशि ना मिलने पर शिकायत कर्ता ने दोबारा बैंक के होम्समैन (अधिकारी) को लिखित शिकायत दी। जिस पर अपना निर्णय सुनाते हुए होम्समैन (अधिकारी) ने 138426 रुपये जो कि कुल राशि का आधा बनता था, खाताधारक के खाते में वापस कर दी । लेकिन पूरी राशि ना मिलने से परेशान शिकायतकर्ता सुरेंद्र सिंह ने एक शिकायत जिला उपभोक्ता अदालत में 12 दिसंबर 2022 को दायर की और अपनी राशि पूरी बैंक से दिलाने के लिए गुहार लगाई।
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शिकायत पर सुनवाई करते हुए जिला उपभोक्ता आयोग के चेयरमैन संजय कुमार खंडूजा व सदस्य रवि दत्त कौशिक ने अपने संयुक्त निर्णय में कहा कि बैंक को सूचना देने के बावजूद अपना सिस्टम इतना सुदृढ़ नहीं बना पाया जिससे साइबर फ्रॉड को रोका जा सके जबकि बैंक की यह जिम्मेदारी थी कि उसे इस प्रकार के फ्रॉड से रोका जाए। इस प्रकार का कार्य बैंक की सेवाओं में कोताही का उदाहरण है जिसके लिए बैंक पर 50 हजार रुपये शिकायतकर्ता को परेशान होने के लिए मुआवजा राशि देनी होगी जो 9 प्रतिशत ब्याज के साथ एक माह में दी जाएगी।