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Rewari News: सेक्टर 18 में 200 बेड वाला अस्पताल बनाने की मांग

Wed, 16 Jul 2025 11:13 PM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Wed, 16 Jul 2025 11:13 PM IST
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Demand to build a 200-bed hospital in Sector 18
सेक्टर 18 में अस्पताल की मांग करते लोग। स्रोत : प्र‌वक्ता
रेवाड़ी। नए अस्पताल को लेकर चल रहे विवाद में अब ग्रामीणों के बाद शहरवासियों ने भी भागीदारी दिखानी शुरू कर दी है। बुधवार सुबह सेक्टर-18 में उपलब्ध जमीन पर ही अस्पताल बनाने की मांग को लेकर सेक्टर-18, सेक्टर-3, हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी और राधास्वामी कॉलोनी के लोग एकजुट होकर प्रदर्शन करने पहुंचे।
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प्रदर्शन का नेतृत्व परमात्मा शरण ने किया। परमात्मा शरण ने कहा कि जब शहर के बीचों-बीच अस्पताल के लिए पहले से ही 5 एकड़ से ज्यादा जमीन आरक्षित है तो फिर उसे गांव में शिफ्ट करने का कोई औचित्य नहीं है।
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उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि जनता की सुविधा को ध्यान में रखते हुए अस्पताल का निर्माण सेक्टर-18 में ही किया जाए ताकि शहर के लोगों को इलाज के लिए दूर न जाना पड़े।
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रेजांगला पार्क विकास समिति के मुख्य संरक्षक परमात्मा शरण ने कहा कि वे अस्पताल को लेकर केंद्रीय राज्य मंत्री राव इंद्रजीत सिंह से भी मुलाकात करेंगे। उन्होंने साफ कहा कि शहर का अस्पताल शहर में ही होना चाहिए क्योंकि यहां की आबादी दो लाख से अधिक है।
अगर अस्पताल को गांव में शिफ्ट किया गया तो लोगों को इलाज के लिए 10 किलोमीटर दूर जाना पड़ेगा, जिससे समय पर इलाज नहीं मिलने से परेशानी बढ़ेगी।
उन्होंने आशंका जताई कि यदि शहर में कोई बड़ा हादसा हो गया तो दूर अस्पताल तक पहुंचने में कीमती समय बर्बाद होगा जिससे जान-माल की बड़ी हानि हो सकती है। इसलिए शहर का अस्पताल गांव में नहीं, शहर में ही बनना चाहिए।




जिले में बनना है 200 बेड का अस्पताल



जिले का सामान्य अस्पताल काफी पुराना हो चुका है जो 100 बेड का है। अब प्रदेश सरकार ने यहां 200 बेड के नए अस्पताल की घोषणा कर रखी है। इसके निर्माण के लिए पुरानी बिल्डिंग के पास जगह कम है। इसके लिए नया स्थल तलाश किया जा रहा है।रेवाड़ी के साथ लगते गांव गोकलगढ़ व भगवानपुर में अस्पताल के लिए जगह देखी गई थी। भगवानपुर के सरपंच प्रतिनिधि का कहना है कि केंद्रीय राज्यमंत्री राव इंद्रजीत सिंह ने उन्हें भरोसा दिया था कि अगर वे वाटर टैंक के लिए जमीन देंगे तो अस्पताल उनके गांव में बनवा देंगे। मगर वाटर टैंक की रजिस्ट्री होते ही वे वादे से मुकर गए और दूसरी जगह जमीन देखने लगे। उसके बाद से धरने पर बैठे हैं।
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