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Rewari News: शिवालयों में दर्शन-पूजन के लिए उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़
Fri, 18 Jul 2025 12:09 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Fri, 18 Jul 2025 12:09 AM IST
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फोटो: 27रेवाड़ी। शहर के सेक्टर 1 स्थित मंदिर में भोले बाबा का जलाभिषेक करती महिला श्रद्
संवाद न्यूज एजेंसी
रेवाड़ी। सावन माह में शिवालयों भोले के भक्तों की भीड़ उमड़ी रही। वीरवार को श्रद्धालुओं ने विभिन्न शिवमंदिरों में जलाभिषेक कर सुख समृद्धि की कामना की। श्रद्धालुओं ने दुग्ध, बेलपत्र, धतूरा, भांग आदि के साथ जलाभिषेक किया। साथ ही शिव चालीसा का पाठ किया।
पूजा अर्चना के दौरान मंदिरों में माहौल शिवमय रहा। जलाभिषेक कर श्रद्धालुओं ने हर-हर महादेव का जयघोष किया। शहर के मोती चौक पर घंटेश्वर महादेव मंदिर, सेक्टर एक भूतेश्वर महादेव मंदिर, नई अनाजमंडी स्थित शिव मंदिर, बारह पत्थर स्थित भूतेश्वर मंदिर, सर्कुलर रोड स्थित पंचमुखी महादेव मंदिर सहित अन्य मंदिरों में सुबह से शाम तक दर्शन पूजन का सिलसिला जारी रहा।
ज्योतिषियों के अनुसार सावन के महीने में भगवान शिव की पूजा करने का विशेष महत्व माना गया है। इस माह का हर दिन भगवान शिव की पूजा के लिए पवित्र होता है। हिंदू मान्यताओं के अनुसार यदि भगवान शिव को प्रसन्न करना है तो सावन माह में पूरे विधि विधान के साथ उनकी पूजा जरूर करनी चाहिए।
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यदि कोई श्रद्धालु पूरी आस्था के साथ भोलेनाथ की आराधना करता है तो उसकी मनोकामना पूर्ण होती है। पौराणिक मान्यता है कि राजा दक्ष के यज्ञ में आत्मदाह करने के बाद माता सती का दूसरा जन्म माता पार्वती के रूप में हुआ था। माता पार्वती ने शिव को पति के रूप में पाने के लिए कठोर तपस्या की थी। सावन माह में शिवजी ने माता पार्वती से विवाह किया था। इसलिए उन्हें यह माह प्रिय है।
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रेवाड़ी। सावन माह में शिवालयों भोले के भक्तों की भीड़ उमड़ी रही। वीरवार को श्रद्धालुओं ने विभिन्न शिवमंदिरों में जलाभिषेक कर सुख समृद्धि की कामना की। श्रद्धालुओं ने दुग्ध, बेलपत्र, धतूरा, भांग आदि के साथ जलाभिषेक किया। साथ ही शिव चालीसा का पाठ किया।
पूजा अर्चना के दौरान मंदिरों में माहौल शिवमय रहा। जलाभिषेक कर श्रद्धालुओं ने हर-हर महादेव का जयघोष किया। शहर के मोती चौक पर घंटेश्वर महादेव मंदिर, सेक्टर एक भूतेश्वर महादेव मंदिर, नई अनाजमंडी स्थित शिव मंदिर, बारह पत्थर स्थित भूतेश्वर मंदिर, सर्कुलर रोड स्थित पंचमुखी महादेव मंदिर सहित अन्य मंदिरों में सुबह से शाम तक दर्शन पूजन का सिलसिला जारी रहा।
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ज्योतिषियों के अनुसार सावन के महीने में भगवान शिव की पूजा करने का विशेष महत्व माना गया है। इस माह का हर दिन भगवान शिव की पूजा के लिए पवित्र होता है। हिंदू मान्यताओं के अनुसार यदि भगवान शिव को प्रसन्न करना है तो सावन माह में पूरे विधि विधान के साथ उनकी पूजा जरूर करनी चाहिए।
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यदि कोई श्रद्धालु पूरी आस्था के साथ भोलेनाथ की आराधना करता है तो उसकी मनोकामना पूर्ण होती है। पौराणिक मान्यता है कि राजा दक्ष के यज्ञ में आत्मदाह करने के बाद माता सती का दूसरा जन्म माता पार्वती के रूप में हुआ था। माता पार्वती ने शिव को पति के रूप में पाने के लिए कठोर तपस्या की थी। सावन माह में शिवजी ने माता पार्वती से विवाह किया था। इसलिए उन्हें यह माह प्रिय है।