{"_id":"6770494d4f1973279702b517","slug":"crops-damaged-due-to-hailstorm-in-bawal-and-dharuhera-rewari-news-c-198-1-rew1001-213317-2024-12-29","type":"story","status":"publish","title_hn":"Rewari News: बावल और धारूहेड़ा में ओलावृष्टि से फसल हुई खराब","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Rewari News: बावल और धारूहेड़ा में ओलावृष्टि से फसल हुई खराब
Sun, 29 Dec 2024 12:24 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Sun, 29 Dec 2024 12:24 AM IST
विज्ञापन
फोटो : 15ओलावृष्टि की वजह से खराब फसल। स्रोत : ग्रामीण
संवाद न्यूज एजेंसी
रेवाड़ी। जिले के बावल और धारूहेड़ा क्षेत्र में शुक्रवार की देर रात ओलावृष्टि और आंधी से सरसों की फसल को काफी नुकसान पहुंचा। कहीं 80 तो कहीं 90 फीसदी फसल नष्ट हो गई। इसको लेकर किसान चिंतित हैं। करीब पचास गांवों के सरपंचों ने डीसी से मुलाकात कर नुकसान की भरपाई करने की मांग की है।
किसान शनिवार की सुबह जब खेतों में गए तो ओलावृष्टि से नष्ट हुई फसल को देखकर चिंतित हो उठे। फसल का विकास तेजी से हो रहा था। शुक्रवार को पूरे दिन हुई बारिश से किसान इस बात को लेकर खुश थे कि अब उन्हें सिंचाई करने की जरूरत नहीं पड़ेगी लेकिन रात में ओलावृष्टि ने उनकी खुशियों पर पानी फेर दिया। शनिवार को 50 गांवों के सरपंचों ने डीसी को ज्ञापन देकर क्षतिग्रस्त फसल की विशेष गिरदावरी करवाकर भरपाई करने की मांग की। अनिल, भूप सिंह, करण सिंह, राजेंद्र रामपाल, सुनील ने बताया कि ओलावृष्टि से सरसों की फसल पूरी तरह से नष्ट हो गई है। किसानों को ज्यादा नुकसान हुआ है। इस बार उम्मीद थी कि अच्छी फसल होगी और मुनाफा अच्छा होगा, लेकिन ओलावृष्टि ने सब कुछ तहस-नहस कर दिया दिया है।
ओलावृष्टि से निखरी, रसगन, डूंगरवास, बिदावास, नांगल शहबाजपुर, खिजुरी, भादौज, झाबुआ, बिशनपुर, जड़थल, मसानी तितरपुर, खरखड़ा, खलियावास, खटावली, मसानी असादपुर ढाकिया, राजपुरा आदि गांवों में फसल खराब हुई है।
विज्ञापन
कमेटी गांव-गांव जाकर करेगी सर्वे
भारतीय किसान यूनियन चढूनी की बैठक किसान भवन में हुई। इसमें समय सिंह प्रधान ने कहा कि ओलावृष्टि और बारिश से जिले के 20 से 25 गांवों में फसल को नुकसान पहुंचा है। संगठन की कमेटी गांव-गांव जाकर क्षतिग्रस्त फसल का सर्वे करेगी। हम अफसरों को जानकारी देकर गिरदावरी की मांग करेंगे। 5 जनवरी तक इनका समाधान नहीं हुआ तो भारतीय किसान यूनियन चढूनी एक बड़ा फैसला लेगी। इस मौके पर धर्मपाल नंबरदार, सुभाष चंद्र नंबरदार और अशोक नंबरदार राजेंद्र सिंह गहरा, रोशन लाल गुलाबपुरा, राजकुमार, राज सिंह, वेद प्रकाश सुल्तानिया मौजूद थे।
-- -- -- -
वर्जन:
ओलावृष्टि से सरसों की फसल खराब हो गई है। गिरदावरी कराकर इसकी भरपाई की जाए। किसानों को पोर्टल से छुटकारा दिलाया जाए। किसानों को पिछले वर्षों खराब हुई फसल का मुआवजा भी नहीं दिया गया है। -राजेंद्र सिंह, एसयूसीआई कम्युनिस्ट।
-- -- -- -- --
ओलावृष्टि से फसलों को काफी नुकसान पहुंचा है। सरसों और गेहूं की फसल पूरी तरह से बर्बाद हो चुकी है। इसके लिए जल्द से जल्द गिरदावरी की जरूरत है, ताकि किसानों को मदद मिल सके।-जोगेंद्र राव
-- -- -- -- -
ओलावृष्टि से काफी नुकसान पहुंचा है। गिरदावरी कराकर किसानों को मुआवजा दिया जाए ताकि उन्हें जीवन यापन में परेशानी न हो। -रामकिशन अहलावत, प्रदेश सचिव, भारतीय किसान यूनियन (टिकैत)
-- -- -- -- -
मौजूदा समय में फसल अच्छी ग्रोथ कर रही थी। मगर एकदम से हुई ओलावृष्टि ने सब कुछ बर्बाद कर दिया। काफी तबाही मची है। जगह जगह पेड़ भी गिरे थे। -रामनिवास
विज्ञापन
रेवाड़ी। जिले के बावल और धारूहेड़ा क्षेत्र में शुक्रवार की देर रात ओलावृष्टि और आंधी से सरसों की फसल को काफी नुकसान पहुंचा। कहीं 80 तो कहीं 90 फीसदी फसल नष्ट हो गई। इसको लेकर किसान चिंतित हैं। करीब पचास गांवों के सरपंचों ने डीसी से मुलाकात कर नुकसान की भरपाई करने की मांग की है।
किसान शनिवार की सुबह जब खेतों में गए तो ओलावृष्टि से नष्ट हुई फसल को देखकर चिंतित हो उठे। फसल का विकास तेजी से हो रहा था। शुक्रवार को पूरे दिन हुई बारिश से किसान इस बात को लेकर खुश थे कि अब उन्हें सिंचाई करने की जरूरत नहीं पड़ेगी लेकिन रात में ओलावृष्टि ने उनकी खुशियों पर पानी फेर दिया। शनिवार को 50 गांवों के सरपंचों ने डीसी को ज्ञापन देकर क्षतिग्रस्त फसल की विशेष गिरदावरी करवाकर भरपाई करने की मांग की। अनिल, भूप सिंह, करण सिंह, राजेंद्र रामपाल, सुनील ने बताया कि ओलावृष्टि से सरसों की फसल पूरी तरह से नष्ट हो गई है। किसानों को ज्यादा नुकसान हुआ है। इस बार उम्मीद थी कि अच्छी फसल होगी और मुनाफा अच्छा होगा, लेकिन ओलावृष्टि ने सब कुछ तहस-नहस कर दिया दिया है।
विज्ञापन
ओलावृष्टि से निखरी, रसगन, डूंगरवास, बिदावास, नांगल शहबाजपुर, खिजुरी, भादौज, झाबुआ, बिशनपुर, जड़थल, मसानी तितरपुर, खरखड़ा, खलियावास, खटावली, मसानी असादपुर ढाकिया, राजपुरा आदि गांवों में फसल खराब हुई है।
विज्ञापन
कमेटी गांव-गांव जाकर करेगी सर्वे
भारतीय किसान यूनियन चढूनी की बैठक किसान भवन में हुई। इसमें समय सिंह प्रधान ने कहा कि ओलावृष्टि और बारिश से जिले के 20 से 25 गांवों में फसल को नुकसान पहुंचा है। संगठन की कमेटी गांव-गांव जाकर क्षतिग्रस्त फसल का सर्वे करेगी। हम अफसरों को जानकारी देकर गिरदावरी की मांग करेंगे। 5 जनवरी तक इनका समाधान नहीं हुआ तो भारतीय किसान यूनियन चढूनी एक बड़ा फैसला लेगी। इस मौके पर धर्मपाल नंबरदार, सुभाष चंद्र नंबरदार और अशोक नंबरदार राजेंद्र सिंह गहरा, रोशन लाल गुलाबपुरा, राजकुमार, राज सिंह, वेद प्रकाश सुल्तानिया मौजूद थे।
वर्जन:
ओलावृष्टि से सरसों की फसल खराब हो गई है। गिरदावरी कराकर इसकी भरपाई की जाए। किसानों को पोर्टल से छुटकारा दिलाया जाए। किसानों को पिछले वर्षों खराब हुई फसल का मुआवजा भी नहीं दिया गया है। -राजेंद्र सिंह, एसयूसीआई कम्युनिस्ट।
ओलावृष्टि से फसलों को काफी नुकसान पहुंचा है। सरसों और गेहूं की फसल पूरी तरह से बर्बाद हो चुकी है। इसके लिए जल्द से जल्द गिरदावरी की जरूरत है, ताकि किसानों को मदद मिल सके।-जोगेंद्र राव
ओलावृष्टि से काफी नुकसान पहुंचा है। गिरदावरी कराकर किसानों को मुआवजा दिया जाए ताकि उन्हें जीवन यापन में परेशानी न हो। -रामकिशन अहलावत, प्रदेश सचिव, भारतीय किसान यूनियन (टिकैत)
मौजूदा समय में फसल अच्छी ग्रोथ कर रही थी। मगर एकदम से हुई ओलावृष्टि ने सब कुछ बर्बाद कर दिया। काफी तबाही मची है। जगह जगह पेड़ भी गिरे थे। -रामनिवास