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घायल को ले जाने से मना करने पर ग्रामीणों ने जताया विरोध

Wed, 02 Dec 2015 12:39 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो/रेवाड़ी
अमर उजाला ब्यूरो/रेवाड़ी Updated Wed, 02 Dec 2015 12:39 AM IST
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खलीनपुरी निवासी गजेंद्र की सड़क दुर्घटना में मृत्यु होने के बाद समय बवाल मच गया, जब मौके पर पहुंची एंबुलेंस ने युवक को मृत बताकर सामान्य अस्पताल ले जाने और उसे एंबुलेंस में रखने से मना कर दिया।
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इसके बाद भड़के ग्रामीणों ने पुलिस को शव उठाने से रोक दिया। हालात इतने बढ़े की पुलिस और ग्रामीणों के बीच हाथापाई हो गई और ग्रामीणों ने जाम लगा दिया।

बाद में पहुंचे भारी पुलिस ने ग्रामीणों पर हलका बल प्रयोग किया और शव को कब्जे में लिया। साथ पांच लोगों को भी मौके से उठाया। इनके खिलाफ के भी दर्ज कर लिया। मामला सोमवार रात करीब दस बजे शुरू हुआ और एक बजे तक चलता रहा।
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पुलिस की कार्रवाई से क्षुब्ध ग्रामीण सुबह आठ बजे ही एसपी आवास पहुंच गए। एसपी बलवान सिंह राणा ने ग्रामीणों से अपने कार्यालय पहुंचकर लगभग एक घंटा तक बातचीत की। ग्रामीण जहां मुकदमा खारिज करने पर अड़े रहे वहीं पुलिस अधीक्षक ने साफ इंकार कर दिया।
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इसके बाद ग्रामीणों ने आईजी ममता सिंह से गुहार लगाई। आईजी के समझाने के बाद ग्रामीणों ने पांचों लोगों की जमानत करवाई तथा इसके बाद शाम के समय शव का अंतिम संस्कार कर दिया। पुलिस का आरोप है कि ग्रामीणों ने पुलिस से हाथापाई के साथ-साथ गाड़ियों में तोड़-फोड़ की तथा जाम भी लगाया।

एंबुलेंस और पुलिस की संवेदनहीनता से हुई मौत, ग्रामीणों का आरोप

सुबह आठ बजे पुलिस आवास पर पदैयावास, ढालियावास व खलीलपुर के लगभग पांच सौ की संख्या में ग्रामीण मौजूद थे। ग्रामीण अजय पाटौदा, वीर सिंह ने बताया कि जिस समय एंबुलेंस पहुंची थी तो गजेंद्र जीवित था, लेकिन एंबुलेंस में बैठे एक कर्मी ने बिना देखे ही उसको मरा बताकर उसे अस्पताल ले जाने से मना कर दिया। वहीं पास में ही खड़ी पीसीआर वैन ने भी गजेंद्र को रेवाड़ी ले जाने से मना कर दिया। ग्रामीणों का कहना है कि यदि पुलिस और एंबुलेंस वाले संवेदनशीलता दिखाते तो गजेंद्र की जान बच सकती थी।
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क्या रहा घटना क्रम
खलीलपुरी निवासी 23 वर्षीय गजेंद्र कुमार गढ़ी बोलनी रोड स्थित पदैया वास गांव के समीप चाय की दुकान चलाता था। सोमवार को रात दस बजे वह दुकान बंद करने के बाद वह अपने गांव खलीलपुरी जा रहा था। इस दौरान गांव मुंढलिया के नजदीक उसको किसी अज्ञात वाहन ने टक्कर मार दी।

पास में एक ढाबे वाले ने इसकी सूचना पुलिस कंट्रोल रूम व एंबुलेंस को दी। उसी समय सूचना मिलने पर मृतक के परिवार वाले व पदैयावास में उसकी बुआ के लड़कों सहित अन्य ग्रामीण भी मौके पर पहुंच गए जब तक समय लगभग ग्यारह बजे का था। एंबुलेंस कर्मचारियों ने गजेंद्र की मौत होना बताते हुए शव ले जाने से मना किया तो ग्रामीण आक्रोशित हो गए। मामला पुलिस से हाथापाई तक पहुंच गया।

ग्रामीणों ने पुलिस को शव उठाने से रोक दिया। इसके बाद लगभग एक बजे डीएसपी रेवाड़ी बिरेंद्र सैनी, डीएसपी कोसली व सदर एसएचओ सहित भारी पुलिस बल मौका ड्यूटी मजिस्ट्रेट तहसीलदार नौरंग राय के साथ मौके पर पहुंचे तथा ग्रामीणों पर हल्का बल प्रयोग किया।

वहीं मौके से पदैयावास से मृतक के दो बुआ के लड़के व एक साले सहित पांच लोगों को हिरासत में लेकर शव को भी अपने कब्जे में लिया। लगभग दो बजे के करीब ग्रामीण साउथ रैंज आईजी ममता सिंह से मिलने पहुंचे। आइजी के आश्वासन के बाद ग्रामीणों ने पांचों आरोपियों की जमानत तीन बजे कराई तथा लगभग चार बजे शव का अंतिम संस्कार किया। इस अवसर पर धीरज यादव, लक्ष्मण सिंह यादव, राव खजान सिंह, पूर्व सरपंच रतिराम, महेश, सुबेदार शीशराम, श्रीराम मास्टर व बिरेंद्र सहित
सैंकड़ों ग्रामीण मौजूद थे।

भाइयों और साले पर पुलिस ने किया केस
पदैया वास निवासी मृतक के बुआ के लड़के अमित, सुनील और सूचना पाकर पहुंचे राजस्थान निवासी उसके साले प्रमोद और दो अन्य दो संदीप, संजय को पुलिस ने पुलिस कर्मचारियों के साथ मारपीट, गाड़ियों में तोड़फोड़ और सरकारी काम में बाधा पहुंचाने सहित पांच धाराओं 332, 353, 186, 283 व 427 के मामला दर्ज कर लॉकअप में डाल दिया। ग्रामीणों ने पुलिस पर आरोप लगाते हुए कहा कि पुलिस ने बेवजह ही मृतक के दो भाइयों व साले सहित पांच के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। थाना सदर पुलिस ने सब इंस्पेक्टर जगदीश की शिकायत पर यह मामला दर्ज किया। वहीं पुलिस ने मृतक के परिजनों की शिकायत पर अज्ञात वाहन चालक के खिलाफ भी मामला दर्ज कर लिया है।
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वर्जन-
जब पुलिस मौके पर पहुंची तो ग्रामीणों ने शव को उठाने से मना कर दिया तथा रोड जाम करने के साथ पुलिस कर्मचारियों के साथ हाथापाई की। वाहनों में तोड़फोड़ की। पुलिस को मजबूरन लाठीचार्ज करना पड़ा। जो भी कानून संगत होगा कार्रवाई की जाएगी।

- बलवान सिंह राणा, पुलिस अधीक्षक रेवाड़ी।

वर्जन-
एंबुलेंस द्वारा मना करने के मामले की जांच की जाएगी, यदि एंबुलेंस वाले दोषी पाए गए तो कड़ी कार्रवाई की जाएगी। -डॉ जेके सैनी, डिप्टी सिविल सर्जन, नागरिक अस्पताल, रेवाड़ी।
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