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कोर्ट लॉकअप के बाहर भिड़े दो कुख्यात
अमर उजाला ब्यूरो/रेवाड़ी
Updated Tue, 01 Dec 2015 12:34 AM IST
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जिला कोर्ट परिसर में सोमवार सुबह सुरक्षा के बीच पेशी के लिए लाए बदमाशों में से दो कुख्यात पुलिस के सामने ही आपस में भिड़ गए।
इसके बाद पुलिसकर्मियों ने दोनों को अलग करने के बाद अलग-अलग कोर्ट लॉकअप में बंद किया। वहीं, सूचना पर पहुंचे पुलिस के आलाधिकारियों ने भी स्थिति का जायजा लिया।
सोमवार सुबह करीब 10 बजे स्थान कोर्ट परिसर स्थित कोर्ट लॉकअप में पेशी के लिए बदमाशों को कैदी वैन से उतारा जा रहा था। लॉकअप के पास आते समय एक ओर से हिस्ट्रीशीटर जीताराम उर्फ जीता गुर्जर के गैंग का कर्ण गुर्जर पहुंचा था, वहीं दूसरी ओर से जीता की हत्या करने के दौरान मौजूद बलराम उर्फ चोटी आ रहा था।
लॉकअप में बंद करने से पहले ही दोनों का आमना-सामना हुआ और कर्ण गुर्जर ने बलराम उर्फ चोटी के सीने पर लात मार दी। इसके बाद दोनों कुछ पलों के लिए आपस में बुरी तरह उलझ गए।
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मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने दोनों को किसी तरह छुड़ाया और अलग-अलग लॉकअप में बंद कर दिया। सूचना पर डीएसपी विरेन्द्र सैनी मौके पर पहुंचे और पुलिसकर्मियों से मामले की जानकारी ली।
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जमानत पर चल रहे दोनों गैंगों के बदमाशों पर भी नजर
जीता गैंग के बदमाश कर्ण गुर्जर सोमवार सुबह हत्या के प्रयास के एक मामले में कोर्ट पेशी के लिए पहुंचा था। वहीं बलराम उर्फ चोटी की भी एक मामले में पेशी थी।
दोनों पुराने दुश्मनों को कोर्ट में पेश किया जाना था, लेकिन कैदी वैन से उतारते समय दोनों के बीच झड़प हो गई। गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने जमानत पर बाहर चल रहे दोनों गैंग के बदमाशों पर भी नजर रखनी शुरू कर दी, क्योंकि यह वारदात एक बड़ी गैंगवार का रूप ले सकती है।
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-हिस्ट्रीशीटर जीता की हत्या के बाद से चल रही गैंगवार
हिस्ट्रीशीटर जीताराम उर्फ जीता गुर्जर को 11 फरवरी 2014 रेवाड़ी कोर्ट परिसर में गोलियों से भून दिया गया था। इस हत्याकांड में खिजूरी निवासी प्रदीप उर्फ सीकरा के अलावा बलराम उर्फ चोटी भी शामिल था। तभी से दोनों गैंगों के बदमाशों के बीच गैंगवार चल रही है।
जीता की हत्या का बदला लेने के लिए वर्ष 2014 अगस्त माह में जीता गैंग के बदमाशों ने नारनौल के निकट कैदी वैन को रुकवाने के बाद बदमाश प्रदीप उर्फ सीकरा पर हमला करने के साथ ही वैन की सुरक्षा में मौजूद पुलिसकर्मी की गन लेकर भी फरार हो गए थे।
नहीं किया कोई मुकदमा दर्ज: चौकी इंचार्ज
पुरानी दुश्मनी के चलते दोनों बदमाशों में मामूली हाथापाई हुई थी। इसके अलावा दोनों ने ही मेडिकल कराने से भी मना कर दिया। मामले में केस दर्ज नहीं किया गया है।
-ब्रह्मजीत, चौकी इंचार्ज, सेक्टर-3
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इसके बाद पुलिसकर्मियों ने दोनों को अलग करने के बाद अलग-अलग कोर्ट लॉकअप में बंद किया। वहीं, सूचना पर पहुंचे पुलिस के आलाधिकारियों ने भी स्थिति का जायजा लिया।
सोमवार सुबह करीब 10 बजे स्थान कोर्ट परिसर स्थित कोर्ट लॉकअप में पेशी के लिए बदमाशों को कैदी वैन से उतारा जा रहा था। लॉकअप के पास आते समय एक ओर से हिस्ट्रीशीटर जीताराम उर्फ जीता गुर्जर के गैंग का कर्ण गुर्जर पहुंचा था, वहीं दूसरी ओर से जीता की हत्या करने के दौरान मौजूद बलराम उर्फ चोटी आ रहा था।
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लॉकअप में बंद करने से पहले ही दोनों का आमना-सामना हुआ और कर्ण गुर्जर ने बलराम उर्फ चोटी के सीने पर लात मार दी। इसके बाद दोनों कुछ पलों के लिए आपस में बुरी तरह उलझ गए।
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मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने दोनों को किसी तरह छुड़ाया और अलग-अलग लॉकअप में बंद कर दिया। सूचना पर डीएसपी विरेन्द्र सैनी मौके पर पहुंचे और पुलिसकर्मियों से मामले की जानकारी ली।
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जमानत पर चल रहे दोनों गैंगों के बदमाशों पर भी नजर
जीता गैंग के बदमाश कर्ण गुर्जर सोमवार सुबह हत्या के प्रयास के एक मामले में कोर्ट पेशी के लिए पहुंचा था। वहीं बलराम उर्फ चोटी की भी एक मामले में पेशी थी।
दोनों पुराने दुश्मनों को कोर्ट में पेश किया जाना था, लेकिन कैदी वैन से उतारते समय दोनों के बीच झड़प हो गई। गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने जमानत पर बाहर चल रहे दोनों गैंग के बदमाशों पर भी नजर रखनी शुरू कर दी, क्योंकि यह वारदात एक बड़ी गैंगवार का रूप ले सकती है।
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-हिस्ट्रीशीटर जीता की हत्या के बाद से चल रही गैंगवार
हिस्ट्रीशीटर जीताराम उर्फ जीता गुर्जर को 11 फरवरी 2014 रेवाड़ी कोर्ट परिसर में गोलियों से भून दिया गया था। इस हत्याकांड में खिजूरी निवासी प्रदीप उर्फ सीकरा के अलावा बलराम उर्फ चोटी भी शामिल था। तभी से दोनों गैंगों के बदमाशों के बीच गैंगवार चल रही है।
जीता की हत्या का बदला लेने के लिए वर्ष 2014 अगस्त माह में जीता गैंग के बदमाशों ने नारनौल के निकट कैदी वैन को रुकवाने के बाद बदमाश प्रदीप उर्फ सीकरा पर हमला करने के साथ ही वैन की सुरक्षा में मौजूद पुलिसकर्मी की गन लेकर भी फरार हो गए थे।
नहीं किया कोई मुकदमा दर्ज: चौकी इंचार्ज
पुरानी दुश्मनी के चलते दोनों बदमाशों में मामूली हाथापाई हुई थी। इसके अलावा दोनों ने ही मेडिकल कराने से भी मना कर दिया। मामले में केस दर्ज नहीं किया गया है।
-ब्रह्मजीत, चौकी इंचार्ज, सेक्टर-3