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रेफर के चक्कर में गई प्रसूता की जान
ब्यूरो/अमर उजाला रेवाड़ी
Updated Mon, 26 Oct 2015 01:22 AM IST
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रेवाड़ी। राजीव नगर के डिस्पेंसरी में रविवार दोपहर एक प्रसूता ने जब नवजात को जन्म दिया तो उस नन्ही जान को क्या पता था कि उसके सिर से मां का साया सरकारी सिस्टम की लापरवाही छीन लेगा। प्रसूता की हालत बिगड़ने के बाद पहले राजीव नगर डिस्पेंसरी और बाद में नागरिक अस्पताल से केस रोहतक पीजीआई रेफर करने के बाद उसकी मां ने दम तोड़ दिया और वह दुनिया में आने के चंद मिनटों बाद ही मां की ममता की छांव से महरूम हो गया।
मुक्तिवाड़ा मोहल्ला निवासी राजेश की पत्नी शकुंतला (33) का प्रसव रविवार दोपहर राजीव नगर स्थित अर्बन पीएचसी में हुआ था। नवजात को जन्म देने के कुछ ही पल बाद उसे ब्लीडिंग शुरू हो गई। शकुंतला की ब्लीडिंग देख स्टाफ के हाथ-पांव फूल गए और उसे आनन-फानन में नागरिक अस्पताल के लिए रेफर कर दिया गया। नागरिक अस्पताल में भी प्रसूता की ब्लीडिंग न रुकती देख वहां से उसे रोहतक पीजीआई रेफर कर दिया गया। इसके महज कुछ समय बाद बाद ही प्रसूता की मौत हो गई।
महज 150 मीटर तक ही चलीं सासें
परिजनों के अनुसार नागरिक अस्पताल से रेफर करने के बाद एंबुलेंस की मदद से प्रसूता शकुंतला को रोहतक पीजीआई ले जाने लगे। उसका खून नहीं रुक रहा था। झज्जर चौक के पास ही वह बेसुध हो गई। इसके बाद उसे नजदीकी अस्पताल में उपचार के लिए ले गए। जहां निजी डॉक्टर ने शकुंतला को मृत घोषित कर दिया था।
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खून भी नहीं चढ़ पा रहा था प्रसूता के
मामले पर अस्पताल प्रशासन का कहना है कि नागरिक अस्पताल में प्रसूता शकुंतला जब आई तो काफी ब्लीडिंग हो चुकी थी। हालत यह थी कि उसके शरीर में नस भी नहीं मिल रही थी। इसके चलते खून भी नहीं चढ़ाया जा सकता था। इसी के चलते उसे रोहतक पीजीआई रेफर किया गया था।
मोर्चरी में रखा गया शव, कल होगी कार्रवाई
फिलहाल शकुंतला के शव को मोर्चरी में रखवा दिया गया है। मृतका के परिजनों ने राजीव नगर पीएचसी के अलावा नागरिक अस्पताल पर भी लापरवाही करने का आरोप लगाया है। फिलहाल मृतका के परिजन घर लौट गए हैं। सिटी थाना इंचार्ज हितेंद्र सिंह का भी कहना है कि मामले में अभी तक मुकदमा दर्ज नहीं कराया गया है, शिकायती पत्र दिया गया है। सोमवार को पोस्टमार्टम के साथ आगे की कार्रवाई की जाएगी।
....तो आखिर गलती किसकी
ऐसे मामले में नागरिक अस्पताल के प्रशासन का कहना है कि जब केस उनके पास आया तो काफी क्रिटिकल कंडीशन में था। ऐसे में राजीव नगर स्थित अर्बन पीएचसी की लापरवाही की बात सामने आ रही है। वहीं इतने क्रिटिकल केस के बावजूद नागरिक अस्पताल में व्यवस्था के इंतजाम पर्याप्त नहीं होने ने जिले के एकमात्र नागरिक अस्पताल की व्यवस्था की भी पोल खोल दी है।
केस के बारे में डॉक्टर्स ने बताया था। राजीव नगर पीएचसी में डिलीवरी के बाद प्रसूता की काफी ब्लीडिंग हो चुकी थी। यहां आने के समय ही हालत बेहद क्रिटिकल थी। इसके चलते उसे रेफर किया गया था। -डॉ. सरोज, सीनियर गायनोकोलॉजिस्ट और एचओडी, जच्चा-बच्चा विभाग
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मुक्तिवाड़ा मोहल्ला निवासी राजेश की पत्नी शकुंतला (33) का प्रसव रविवार दोपहर राजीव नगर स्थित अर्बन पीएचसी में हुआ था। नवजात को जन्म देने के कुछ ही पल बाद उसे ब्लीडिंग शुरू हो गई। शकुंतला की ब्लीडिंग देख स्टाफ के हाथ-पांव फूल गए और उसे आनन-फानन में नागरिक अस्पताल के लिए रेफर कर दिया गया। नागरिक अस्पताल में भी प्रसूता की ब्लीडिंग न रुकती देख वहां से उसे रोहतक पीजीआई रेफर कर दिया गया। इसके महज कुछ समय बाद बाद ही प्रसूता की मौत हो गई।
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महज 150 मीटर तक ही चलीं सासें
परिजनों के अनुसार नागरिक अस्पताल से रेफर करने के बाद एंबुलेंस की मदद से प्रसूता शकुंतला को रोहतक पीजीआई ले जाने लगे। उसका खून नहीं रुक रहा था। झज्जर चौक के पास ही वह बेसुध हो गई। इसके बाद उसे नजदीकी अस्पताल में उपचार के लिए ले गए। जहां निजी डॉक्टर ने शकुंतला को मृत घोषित कर दिया था।
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खून भी नहीं चढ़ पा रहा था प्रसूता के
मामले पर अस्पताल प्रशासन का कहना है कि नागरिक अस्पताल में प्रसूता शकुंतला जब आई तो काफी ब्लीडिंग हो चुकी थी। हालत यह थी कि उसके शरीर में नस भी नहीं मिल रही थी। इसके चलते खून भी नहीं चढ़ाया जा सकता था। इसी के चलते उसे रोहतक पीजीआई रेफर किया गया था।
मोर्चरी में रखा गया शव, कल होगी कार्रवाई
फिलहाल शकुंतला के शव को मोर्चरी में रखवा दिया गया है। मृतका के परिजनों ने राजीव नगर पीएचसी के अलावा नागरिक अस्पताल पर भी लापरवाही करने का आरोप लगाया है। फिलहाल मृतका के परिजन घर लौट गए हैं। सिटी थाना इंचार्ज हितेंद्र सिंह का भी कहना है कि मामले में अभी तक मुकदमा दर्ज नहीं कराया गया है, शिकायती पत्र दिया गया है। सोमवार को पोस्टमार्टम के साथ आगे की कार्रवाई की जाएगी।
....तो आखिर गलती किसकी
ऐसे मामले में नागरिक अस्पताल के प्रशासन का कहना है कि जब केस उनके पास आया तो काफी क्रिटिकल कंडीशन में था। ऐसे में राजीव नगर स्थित अर्बन पीएचसी की लापरवाही की बात सामने आ रही है। वहीं इतने क्रिटिकल केस के बावजूद नागरिक अस्पताल में व्यवस्था के इंतजाम पर्याप्त नहीं होने ने जिले के एकमात्र नागरिक अस्पताल की व्यवस्था की भी पोल खोल दी है।
केस के बारे में डॉक्टर्स ने बताया था। राजीव नगर पीएचसी में डिलीवरी के बाद प्रसूता की काफी ब्लीडिंग हो चुकी थी। यहां आने के समय ही हालत बेहद क्रिटिकल थी। इसके चलते उसे रेफर किया गया था। -डॉ. सरोज, सीनियर गायनोकोलॉजिस्ट और एचओडी, जच्चा-बच्चा विभाग