{"_id":"590b77de4f1c1baa5a440fa0","slug":"murder-victime-blame-jail-aplication","type":"story","status":"publish","title_hn":"हत्यारोपी ने जेल प्रशासन पर लगाया प्रताड़ना का आरोप","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
हत्यारोपी ने जेल प्रशासन पर लगाया प्रताड़ना का आरोप
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 05 May 2017 12:20 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जिले के बहुचर्चित जीता हत्याकांड मामले में मुख्य आरोपी हवा सिंह, प्रदीप सीकरा के अलावा अन्य आरोपी वीरवार को अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश की कोर्ट में पेश हुए। पेशी से पहले जाते समय हत्यारोपी प्रदीप उर्फ सीकरा ने करनाल जेल प्रशासन पर मारपीट और प्रताड़ना का आरोप मीडिया के सामने लगाते हुए चोटें भी दिखाईं। इसके अलावा आरोपी ने न्यायाधीश को भी मामले में शिकायत देते हुए सुरक्षा की गुहार लगाई है।
रेवाड़ी में 2014 में हुए बहुचर्चित गैंगस्टर जीता हत्याकांड में आरोपी प्रदीप उर्फ सीकरा इस समय करनाल जेल में बंद है। वीरवार को प्रदीप ने अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश प्रवीण गुप्ता को पत्र लिखकर कहा है कि उसके साथ जेल में मारपीट की गई और जान से मारने की धमकी दी गई है।
-------
फरीदबाद जेल में कर चुका है आत्महत्या की कोशिश
मामले में सीकरा की मां बाला देवी का कहना है की 2012 में उसका बेटा प्रदीप सीकरा भौंडसी जेल में बंद था तब भी जेल सुप्रीडेंट ने प्रदीप से पचास हजार महीने की मांग की थी। पैसे नहीं देने के बाद उस पर चाकू से हमला भी हुआ था। वहीं 2016 में फरीदाबाद में उसी जेल अधीक्षक ने प्रदीप को इतना प्रताड़ित किया था कि उसने ब्लेड खाकर आत्महत्या करने को भी कोशिश की थी। मामले की शिकायत सीएम से भी की गई थी।
विज्ञापन
विज्ञापन
रेवाड़ी में 2014 में हुए बहुचर्चित गैंगस्टर जीता हत्याकांड में आरोपी प्रदीप उर्फ सीकरा इस समय करनाल जेल में बंद है। वीरवार को प्रदीप ने अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश प्रवीण गुप्ता को पत्र लिखकर कहा है कि उसके साथ जेल में मारपीट की गई और जान से मारने की धमकी दी गई है।
विज्ञापन
-------
फरीदबाद जेल में कर चुका है आत्महत्या की कोशिश
मामले में सीकरा की मां बाला देवी का कहना है की 2012 में उसका बेटा प्रदीप सीकरा भौंडसी जेल में बंद था तब भी जेल सुप्रीडेंट ने प्रदीप से पचास हजार महीने की मांग की थी। पैसे नहीं देने के बाद उस पर चाकू से हमला भी हुआ था। वहीं 2016 में फरीदाबाद में उसी जेल अधीक्षक ने प्रदीप को इतना प्रताड़ित किया था कि उसने ब्लेड खाकर आत्महत्या करने को भी कोशिश की थी। मामले की शिकायत सीएम से भी की गई थी।
विज्ञापन