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क्लर्क ने फर्जीवाड़ा कर किया साढ़े तीन लाख का गबन
अमर उजाला ब्यूरो/रेवाड़ी
Updated Sun, 25 Oct 2015 01:14 AM IST
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पंजाब नेशनल बैंक की फर्जी रसीद, फर्जी सील और बैंक मैनेजर के जाली दस्तखत कर मिनी सेकेट्रेट के एसडीएम ऑफिस में क्लर्क के पद पर रहे कर्मी ने साढ़े तीन लाख रुपये से ज्यादा की रकम का गबन कर लिया।
जांच में दोषी पाए जाने पर एसडीएम रेवाड़ी ने आरोपी क्लर्क के खिलाफ धोखाधड़ी समेत अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया है। आरोपी इस समय उपायुक्त कार्यालय में क्लर्क के पद पर कार्यरत है। डीसी ऑफिस में इस समय बतौर क्लर्क काम कर रहा राजेश कुमार 2013-14 के दौरान एसडीएम ऑफिस में बाबू था।
एसडीएम रेवाड़ी कैप्टन मनोज कुमार ने बताया कि उस दौरान राजेश ने लाखों रुपयों का गबन करने की नियत से कई फर्जी दस्तावेज तैयार किए। यही नहीं उसने कई मदों में आए 3 लाख 66 हजार 700 रुपये हड़प लिए और बैंक में जमा करने के फर्जी दस्तावेज तैयार कर ऑफिस में सबमिट कर दिए।
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खुद बन बैठा बैंक मैनेजर
एसडीएम कैप्टन मनोज कुमार ने बताया कि रकम को बैंक में जमा दिखाने के लिए राजेश ने खुद ही पंजाब नेशनल बैंक की ब्रांच के फर्जी कागजात तैयार कराए। यही नहीं फर्जी रसीद पर फर्जी स्टैंप लगाकर क्लर्क राजेश खुद ही बैंक मैनेजर भी बन बैठा और रसीद पर साइन कर रकम जमा दिखा दी।
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ऑडिट में सामने आई थी मामले की जानकारी
थाने में दर्ज एफआईआर के अनुसार 2013-14 में रिकॉर्ड की जांच के दौरान ऑडिट रिपोर्ट में गड़बड़ी की बात सामने आई थी। इसके बाद गड़बड़ी के आरोपी पाए गए राजेश को घपला की गई रकम ब्याज समेत जमा करने का अल्टीमेटम दिया गया था। जिसके बाद ही राजेश ने फर्जीवाड़ा कर रकम जमा दिखाने के दस्तावेज पेश किए।
एसडीएम ऑफिस में डीएल और आरसी का होता था एमसी टैक्स जमा
दरअसल एसडीएम ऑफिस में हल्के वाहनों की आरसी और लाइसेंस बनते हैं। इसमें नगर निकाय शुल्क के रूप में क्रमश: 200 और 100 रुपये जमा होते हैं। यह राशि ही पंजाब नेशनल बैंक में जमा होनी थी लेकिन राजेश इसे फर्जी दस्तावेजों के जरिये जमा दिखाकर अपनी जेब में डाल रहा था।
आरोपी ने बड़े स्तर पर एसडीएम ऑफिस में फर्जीवाड़ा किया था। जांच में दोषी पाए जाने पर ही उसके खिलाफ मॉडल टाउन थाने में मुकदमा दर्ज कराया गया है।
-कैप्टन मनोज कुमार, एसडीएम, रेवाड़ी
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मामले की विस्तृत जानकारी अभी उनके संज्ञान में नहीं है। मामले को स्टडी करने और जांच के बाद ही कुछ कहा जा सकेगा।
-एएसआई सुरेश कुमार, जांचकर्ता, मॉडल टाउन थाना
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जांच में दोषी पाए जाने पर एसडीएम रेवाड़ी ने आरोपी क्लर्क के खिलाफ धोखाधड़ी समेत अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया है। आरोपी इस समय उपायुक्त कार्यालय में क्लर्क के पद पर कार्यरत है। डीसी ऑफिस में इस समय बतौर क्लर्क काम कर रहा राजेश कुमार 2013-14 के दौरान एसडीएम ऑफिस में बाबू था।
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एसडीएम रेवाड़ी कैप्टन मनोज कुमार ने बताया कि उस दौरान राजेश ने लाखों रुपयों का गबन करने की नियत से कई फर्जी दस्तावेज तैयार किए। यही नहीं उसने कई मदों में आए 3 लाख 66 हजार 700 रुपये हड़प लिए और बैंक में जमा करने के फर्जी दस्तावेज तैयार कर ऑफिस में सबमिट कर दिए।
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खुद बन बैठा बैंक मैनेजर
एसडीएम कैप्टन मनोज कुमार ने बताया कि रकम को बैंक में जमा दिखाने के लिए राजेश ने खुद ही पंजाब नेशनल बैंक की ब्रांच के फर्जी कागजात तैयार कराए। यही नहीं फर्जी रसीद पर फर्जी स्टैंप लगाकर क्लर्क राजेश खुद ही बैंक मैनेजर भी बन बैठा और रसीद पर साइन कर रकम जमा दिखा दी।
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ऑडिट में सामने आई थी मामले की जानकारी
थाने में दर्ज एफआईआर के अनुसार 2013-14 में रिकॉर्ड की जांच के दौरान ऑडिट रिपोर्ट में गड़बड़ी की बात सामने आई थी। इसके बाद गड़बड़ी के आरोपी पाए गए राजेश को घपला की गई रकम ब्याज समेत जमा करने का अल्टीमेटम दिया गया था। जिसके बाद ही राजेश ने फर्जीवाड़ा कर रकम जमा दिखाने के दस्तावेज पेश किए।
एसडीएम ऑफिस में डीएल और आरसी का होता था एमसी टैक्स जमा
दरअसल एसडीएम ऑफिस में हल्के वाहनों की आरसी और लाइसेंस बनते हैं। इसमें नगर निकाय शुल्क के रूप में क्रमश: 200 और 100 रुपये जमा होते हैं। यह राशि ही पंजाब नेशनल बैंक में जमा होनी थी लेकिन राजेश इसे फर्जी दस्तावेजों के जरिये जमा दिखाकर अपनी जेब में डाल रहा था।
आरोपी ने बड़े स्तर पर एसडीएम ऑफिस में फर्जीवाड़ा किया था। जांच में दोषी पाए जाने पर ही उसके खिलाफ मॉडल टाउन थाने में मुकदमा दर्ज कराया गया है।
-कैप्टन मनोज कुमार, एसडीएम, रेवाड़ी
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मामले की विस्तृत जानकारी अभी उनके संज्ञान में नहीं है। मामले को स्टडी करने और जांच के बाद ही कुछ कहा जा सकेगा।
-एएसआई सुरेश कुमार, जांचकर्ता, मॉडल टाउन थाना