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- चाचा के हाथों दुष्कर्म पीड़िता एवं उसके भाई-बहनों का मामला
Updated Wed, 29 Nov 2017 01:06 AM IST
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दुष्कर्म पीड़िता बच्ची की मदद को नहीं आ रहे हाथ
अमर उजाला ब्यूरो
रेवाड़ी। चाचा के हाथों दरिंदगी का शिकार नाबालिग एवं उसके तीन भाई बहनों को कोई भी रिश्तेदार अपनाने को तैयार नहीं है। फिलहाल बाल कल्याण समिति ही बच्चों की देखरेख कर रही है। गौर हो कि जिले के एक गांव की रहने वाली नाबालिग ने पिछले दिनों अपने सगे चाचा पर दुष्कर्म का आरोप लगाया था। प्रिंसिपल के माध्यम से शिकायत मिलने पर पुलिस ने उसके चाचा को हिरासत में ले लिया। वहां उसकी संदिग्ध हालत में मौत हो गई थी। नाबालिग बच्ची के माता-पिता की कई साल पहले मौत हो चुकी है तथा उसके तीन छोटे भाई-बहन भी हैं। बच्ची तो पुलिस के पास मामला पहुंचने के बाद से ही बाल संरक्षण समिति के पास है। अब तक छोटे भाई-बहन रिश्तेदारों के पास थे लेकिन अब रिश्तेदारों ने भी बच्चों को पालने से इनकार कर दिया है। रिश्तेदारों ने बाल संरक्षण समिति को लिखकर दे दिया है कि वे इन चारों बच्चों का पालन पोषण नहीं कर सकते। इस संबंध में चाइल्ड वेलफेयर कमेटी की चेयरपर्सन नलिनी यादव का कहना है कि बच्ची शुरुआत में कह रही थी कि गांव में उसके पिता के नाम पर एक प्लॉट है। उन्होंने इस बात की जानकारी जुटाई तो सामने आया कि उसके पिता के नाम पर कोई भी प्लॉट नहीं है। उन्होंने बताया कि बच्ची के लिए अब सरकारी स्तर पर ही मदद जुटाई जाएगी।
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अमर उजाला ब्यूरो
रेवाड़ी। चाचा के हाथों दरिंदगी का शिकार नाबालिग एवं उसके तीन भाई बहनों को कोई भी रिश्तेदार अपनाने को तैयार नहीं है। फिलहाल बाल कल्याण समिति ही बच्चों की देखरेख कर रही है। गौर हो कि जिले के एक गांव की रहने वाली नाबालिग ने पिछले दिनों अपने सगे चाचा पर दुष्कर्म का आरोप लगाया था। प्रिंसिपल के माध्यम से शिकायत मिलने पर पुलिस ने उसके चाचा को हिरासत में ले लिया। वहां उसकी संदिग्ध हालत में मौत हो गई थी। नाबालिग बच्ची के माता-पिता की कई साल पहले मौत हो चुकी है तथा उसके तीन छोटे भाई-बहन भी हैं। बच्ची तो पुलिस के पास मामला पहुंचने के बाद से ही बाल संरक्षण समिति के पास है। अब तक छोटे भाई-बहन रिश्तेदारों के पास थे लेकिन अब रिश्तेदारों ने भी बच्चों को पालने से इनकार कर दिया है। रिश्तेदारों ने बाल संरक्षण समिति को लिखकर दे दिया है कि वे इन चारों बच्चों का पालन पोषण नहीं कर सकते। इस संबंध में चाइल्ड वेलफेयर कमेटी की चेयरपर्सन नलिनी यादव का कहना है कि बच्ची शुरुआत में कह रही थी कि गांव में उसके पिता के नाम पर एक प्लॉट है। उन्होंने इस बात की जानकारी जुटाई तो सामने आया कि उसके पिता के नाम पर कोई भी प्लॉट नहीं है। उन्होंने बताया कि बच्ची के लिए अब सरकारी स्तर पर ही मदद जुटाई जाएगी।