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हत्या एवं हत्या के प्रयास में आजीवन कारावास सजा
Updated Fri, 13 Apr 2018 12:37 AM IST
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हत्या में एक को आजीवन कारावास, दो को संदेह का लाभ
अमर उजाला ब्यूरो
रेवाड़ी।
शहर के मोहल्ला कायस्थवाड़ा में ट्रैक्टर चालक द्वारा रास्ता नहीं देने पर हुई हत्या के मामले में अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश की अदालत ने एक को आजीवन कारावास और दो युवकों को संदेह के लाभ में बरी किया है। संदेह के लाभ में बरी मोहित और प्रवेश की पैरवी अधिवक्ता सौरभ यादव ने की।
मामले के अनुसार 25 जुलाई 2016 को बिठवाना में रहने वाले मध्य प्रदेश के रामपाल, हरपाल और महेंद्र ट्रैक्टर लेकर शहर किसी काम से आए थे। दिन में करीब साढ़े ग्यारह बजे मोहल्ला कायस्थवाड़ा में बाइक पर आए दो युवकों से साइड देने को लेकर उनका विवाद हो गया। आरोप था कि श्रमिकों पर चाकू से हमला किया गया। इसमें उपचार के दौरान मध्य प्रदेश के पन्ना निवासी श्रमिक रामपाल ने दम तोड़ दिया। शहर थाना पुलिस ने मृतक के भाई कल्याण सिंह की शिकायत पर मोहल्ला मेहरवाड़ा निवासी अमन, आदर्श नगर निवासी मोहित, प्रवेश और एक अन्य नाबालिग के खिलाफ हत्या और हत्या के प्रयास का मामला दर्ज किया था। करीब दो साल चले मामले में सभी गवाहों को सुनने के बाद अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश प्रवीण गुप्ता की अदालत ने वीरवार को अपना फैसला सुनाया। इसमें मोहित और प्रवेश को संदेह लाभ देकर बरी कर दिया। आरोपी अमन को आजीवन कारावास और दस हजार रुपये का जुर्माना लगाया। मोहित के मामले की पैरवी कर रहे एडवोकेट सौरभ यादव ने बताया कि न्यायालय ने दोनों को संदेह का लाभ में बरी किया है।
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अमर उजाला ब्यूरो
रेवाड़ी।
शहर के मोहल्ला कायस्थवाड़ा में ट्रैक्टर चालक द्वारा रास्ता नहीं देने पर हुई हत्या के मामले में अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश की अदालत ने एक को आजीवन कारावास और दो युवकों को संदेह के लाभ में बरी किया है। संदेह के लाभ में बरी मोहित और प्रवेश की पैरवी अधिवक्ता सौरभ यादव ने की।
मामले के अनुसार 25 जुलाई 2016 को बिठवाना में रहने वाले मध्य प्रदेश के रामपाल, हरपाल और महेंद्र ट्रैक्टर लेकर शहर किसी काम से आए थे। दिन में करीब साढ़े ग्यारह बजे मोहल्ला कायस्थवाड़ा में बाइक पर आए दो युवकों से साइड देने को लेकर उनका विवाद हो गया। आरोप था कि श्रमिकों पर चाकू से हमला किया गया। इसमें उपचार के दौरान मध्य प्रदेश के पन्ना निवासी श्रमिक रामपाल ने दम तोड़ दिया। शहर थाना पुलिस ने मृतक के भाई कल्याण सिंह की शिकायत पर मोहल्ला मेहरवाड़ा निवासी अमन, आदर्श नगर निवासी मोहित, प्रवेश और एक अन्य नाबालिग के खिलाफ हत्या और हत्या के प्रयास का मामला दर्ज किया था। करीब दो साल चले मामले में सभी गवाहों को सुनने के बाद अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश प्रवीण गुप्ता की अदालत ने वीरवार को अपना फैसला सुनाया। इसमें मोहित और प्रवेश को संदेह लाभ देकर बरी कर दिया। आरोपी अमन को आजीवन कारावास और दस हजार रुपये का जुर्माना लगाया। मोहित के मामले की पैरवी कर रहे एडवोकेट सौरभ यादव ने बताया कि न्यायालय ने दोनों को संदेह का लाभ में बरी किया है।
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