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मुआवजे की मांग को लेकर कंपनी गेट के सामने शव रखकर दिया धरना------------10 व 11

Sun, 29 Apr 2018 01:16 AM IST
Updated Sun, 29 Apr 2018 01:16 AM IST
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मुआवजे की मांग को लेकर कंपनी गेट के सामने शव रखकर दिया धरना------------10 व 11
श्रमिक का शव कंपनी गेट पर रखकर मांगा मुआवजा
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अमर उजाला ब्यूरो
रेवाड़ी।
शुक्रवार रात को कंपनी में ड्यूटी करने के बाद घर लौट रहे एक कर्मचारी की दिल्ली-जयपुर हाईवे पर बनीपुर चौक के समीप सड़क दुर्घटना में मौत हो गई। मौत के बाद शनिवार सुबह कंपनी कर्मचारियों ने शव को कंपनी गेट के सामने एंबुलेंस में लाकर रख दिया तथा मुआवजे की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन किया। विरोध प्रदर्शन के दौरान कर्मचारी काम छोड़कर बाहर आकर धरना पर बैठ गए जिसके बाद प्रबंधन ने कर्मचारियों की मांग मानते हुए मृत कर्मचारी के आश्रितों को मुआवजा देने का आश्वासन दिया। प्रबंधन के आश्वासन बाद ही कर्मचारी काम पर लौटे। पुलिस ने बताया कि शुक्रवार रात को कमालपुर निवासी अंकित बनीपुर चौक के समीप स्थित एक कंपनी में ड्यूटी करने के बाद बाइक पर अपने घर लौट रहा था। इसी दौरान बनीपुर चौक के समीप तेज गति से आ रहे एक ट्राला ने उसे कुचल दिया, जिसकी मौके पर ही मौत हो गई। शनिवार को बावल सीएचसी में करीब नौ बजे शव का पोस्टमार्टम कराने के बाद श्रमिक एवं परिजन शव को एंबुलेंस में लेकर कंपनी गेट के सामने ले आए तथा मुआवजा की मांग को लेकर धरने पर बैठ गए। श्रमिकों ने प्रबंधन से मुआवजा एवं परिवार के एक आश्रित को नौकरी की मांग को लेकर प्रदर्शन करना शुरू कर दिया। शव के साथ धरना-प्रदर्शन की सूचना के बाद बावल के तहसीलदार मनीष कुमार व डीएसपी गजेंद्र सिंह सहित अन्य अधिकारी मौके पर पहुंच गए। अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों को काफी समझाया, लेकिन आंदोलनकारी तीस लाख रुपये का मुआवजा और परिवार के एक व्यक्ति को नौकरी की मांग पर अड़े रहे। करीब दो घंटे की मशक्कत के बाद कंपनी की तरफ से पीड़ित परिवार को पांच लाख रुपये मुआवजा और मृतक के भाई को कंपनी में नौकरी दिए जाने के आश्वासन के बाद धरने को खत्म कर दिया गया। उधर, कसौला पुलिस ने ट्राला चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है।

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प्रबंधन इस दुख की घड़ी में पीड़ित परिवार के साथ है। शव को इस तरह से रखकर प्रदर्शन करना ठीक नहीं है क्योंकि मांगों को लेकर बगैर विरोध भी बात की जा सकती थी। कंपनी की तरफ से पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता दी जाती है। - उवर्शी शर्मा, महाप्रबंधक एचआर।
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