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नौकरी लगवाने के नाम पर ठगी करने वाला काबू
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रेवाड़ी। युवाओं को अलवर के वन विभाग में वन मित्र के पद पर नौकरी दिलाने का झांसा देकर लाखों रुपये ठगने के मामले में बावल थाना पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान जिला महेंद्रगढ़ के गांव खोड़ निवासी आकाश के रूप में हुई है। पुलिस इस मामले में शामिल अन्य आरोपियों को दबोचने के लिए लगातार दबिश दे रही है।
पुलिस को दी शिकायत में बावल निवासी रिंकू ने कहा था कि उसकी पहचान गुरुग्राम के गांव नरसिंहपुर खांडसा निवासी नरेश कुमार उर्फ सुभाष से हो गई थी। नरेश अपने आप को वन विभाग अलवर में ऊंचे पद पर कार्यरत बताता था। नरेश ने बताया था कि वन विभाग में वन मित्र के 40 पद रिक्त है तथा उन पर नियुक्ति होनी है। आरोपी के साथ जिला महेंद्रगढ़ के गांव खोड़ निवासी आकाश, शाहजहांपुर के गांव चौबारा निवासी मंजीत, वन विभाग में कार्यरत कप्तान व एक महिला भी इस गिरोह में शामिल थे। आरोपियों ने नौकरी लगाने का झांसा देकर उससे मार्च व अप्रैल माह में 2 लाख 30 हजार रुपये ले लिए। 27 मई को आरोपियों ने उन्हें एक सूची भी दिखाई तथा बताया कि 31 लोगों का चयन वन मित्र पद पर हो गया है। सूची पर डीएफओ कार्यालय अलवर की मोहर भी लगी हुई थी। जब वह अलवर वन विभाग के कार्यालय में पहुंचा तो पता लगा कि इस पर कोई नियुक्ति नहीं हुई है। उन्होंने आरोपियों से बात की तो और पैसे की डिमांड कर दी गई। आरोपियों ने रिंकू के अतिरिक्त अन्य कई युवकों से भी ठगी की थी। पुलिस ने रिंकू की शिकायत पर आरोपियंो के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी।
पुलिस को दी शिकायत में बावल निवासी रिंकू ने कहा था कि उसकी पहचान गुरुग्राम के गांव नरसिंहपुर खांडसा निवासी नरेश कुमार उर्फ सुभाष से हो गई थी। नरेश अपने आप को वन विभाग अलवर में ऊंचे पद पर कार्यरत बताता था। नरेश ने बताया था कि वन विभाग में वन मित्र के 40 पद रिक्त है तथा उन पर नियुक्ति होनी है। आरोपी के साथ जिला महेंद्रगढ़ के गांव खोड़ निवासी आकाश, शाहजहांपुर के गांव चौबारा निवासी मंजीत, वन विभाग में कार्यरत कप्तान व एक महिला भी इस गिरोह में शामिल थे। आरोपियों ने नौकरी लगाने का झांसा देकर उससे मार्च व अप्रैल माह में 2 लाख 30 हजार रुपये ले लिए। 27 मई को आरोपियों ने उन्हें एक सूची भी दिखाई तथा बताया कि 31 लोगों का चयन वन मित्र पद पर हो गया है। सूची पर डीएफओ कार्यालय अलवर की मोहर भी लगी हुई थी। जब वह अलवर वन विभाग के कार्यालय में पहुंचा तो पता लगा कि इस पर कोई नियुक्ति नहीं हुई है। उन्होंने आरोपियों से बात की तो और पैसे की डिमांड कर दी गई। आरोपियों ने रिंकू के अतिरिक्त अन्य कई युवकों से भी ठगी की थी। पुलिस ने रिंकू की शिकायत पर आरोपियंो के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी।
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