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पीलिया रोगी की मौत होने पर परिजनों ने किया अंतिम संस्कार, युवक की रिपोर्ट पॉजिटिव आई तो मचा हड़कंप
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नागरिक अस्पताल रेवाड़ी।
- फोटो : Rewari
रेवाड़ी। शहर के भीम बस्ती निवासी 20 वर्षीय कोरोना संक्रमित युवक की मौत के बाद परिजनों ने पारंपरिक तरीके से अंतिम संस्कार कर दिया, लेकिन स्वास्थ्य विभाग को जानकारी तक नहीं हुई। स्वास्थ्य कर्मियों ने अंतिम संस्कार के दो दिन बाद कॉलोनी में पहुंचकर परिवार के 11 लोगों के सैंपल लिए। ऐसे में सवाल है कि क्या ये चेन तोड़ने तक सीमित है। क्योंकि युवक की मौत के बाद परिवार को हर कोई ढांढस बंधाने उनके घर पहुंच रहा था। कोरोना संक्रमण की जानकारी परिवार को भी नहीं थी, ऐसे में सवाल है कि शव का अंतिम संस्कार कोरोना रिपोर्ट आने के बाद ही किया जाता है। यहां पर ऐसा क्यों नहीं हो पाया।
परिवार से मिली जानकारी के अनुसार 20 वर्षीय युवक को पीलिया की बीमारी के चलते 16 जून को शहर के नागरिक अस्पताल में भर्ती कराया था। बतौर परिवार यहां पर भी कोरोना का टेस्ट हुआ था, तबीयत बिगड़ने के बाद युवक को 17 जून को रोहतक पीजीआई रेफर कर दिया गया, लेकिन 19 जून को को उपचार के दौरान युवक की मौत हो गई। बतौर परिवार शुक्रवार को युवक का अंतिम संस्कार कर दिया। दो दिन बाद सोमवार को स्वास्थ्यकर्मी घर पहुंचे और युवक के कोरोना संक्रमित होने की बात बताई। इसके बाद परिवार के सैंपल लिए गए, अभी तक परिवार की सैंपल रिपोर्ट नहीं आई है। ऐसे में परिवार, पड़ोस व रिश्तेदार भी जांच रिपोर्ट आने तक संदेह के घेरे में है। बता दें कि जिला में अभी तक चार कोरोना संक्रमितों की मौत हो चुकी है, स्वास्थ्य विभाग की ओर से अभी तक एक बुजुर्ग महिला की मौत ही कोरोना से होना बताया है।
दिल्ली में हुआ था टेस्ट: नोडल अधिकारी
कोविड-19 नोडल अधिकारी डॉ. विजय प्रकाश ने बताया कि युवक का दिल्ली में कोरोना टेस्ट हुआ था, संक्रमित होने की सूचना ही अंतिम संस्कार के बाद मिली। एहतियात के तौर पर परिवार के 11 लोगों के सैंपल लिए गए हैं। लेकिन यहां पर सवाल है कि नागरिक अस्पताल व पीजीआई में भर्ती के दौरान युवक की कोविड जांच क्यों नहीं कराई गई। वहीं जांच रिपोर्ट आने से पहले अंतिम संस्कार कैसे कर दिया गया, जबकि कोविड पॉजिटिव पाए जाने पर कोविड प्रोटोकॉल के तहत अंतिम संस्कार किया जाता है। डॉ. विजय प्रकाश ने कहा कि सूचना के अभाव में ऐसा हुआ है।
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218 मिले संक्रमितों में 45 फैक्टरी कर्मचारी
जिलाधीश यशेन्द्र सिंह ने बताया कि जिले में कोरोना संक्रमण की चेन को तोड़ने के लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा अभी तक 4613 सैंपल लिए गए हैं। जिनमें 218 कोविड-पॉजिटिव मिले हैं। इनमें 82 नागरिक कोविड संक्रमण से ठीक हुए हैं और अभी तक चार की मौत हुई है। अब जिले में कोविड पॉजिटिव के 132 एक्टिव केस रह गए हैं। 4144 की रिपोर्ट निगेटिव आ चुकी है तथा शेष 251 सैंपल की रिपोर्ट का इंतजार है। जिलाभर में 928 नागरिक क्वारंटीन किए गए हैं, जो देश व विदेश के अन्य हिस्सों से यात्रा करके आए हैं।106 कॉविड मरीज होम आइसोलेट किए गए हैं। अभी तक जिला में मिले 218 संक्रमितों में से 45 फैक्टरी कर्मी हैं। वीरवार को स्वास्थ्य विभाग द्वारा वीरवार को कान्टैक्ट ट्रेसिंग व आईएलआई के आधार पर 100 सैंपल लिए गए हैं।
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परिवार से मिली जानकारी के अनुसार 20 वर्षीय युवक को पीलिया की बीमारी के चलते 16 जून को शहर के नागरिक अस्पताल में भर्ती कराया था। बतौर परिवार यहां पर भी कोरोना का टेस्ट हुआ था, तबीयत बिगड़ने के बाद युवक को 17 जून को रोहतक पीजीआई रेफर कर दिया गया, लेकिन 19 जून को को उपचार के दौरान युवक की मौत हो गई। बतौर परिवार शुक्रवार को युवक का अंतिम संस्कार कर दिया। दो दिन बाद सोमवार को स्वास्थ्यकर्मी घर पहुंचे और युवक के कोरोना संक्रमित होने की बात बताई। इसके बाद परिवार के सैंपल लिए गए, अभी तक परिवार की सैंपल रिपोर्ट नहीं आई है। ऐसे में परिवार, पड़ोस व रिश्तेदार भी जांच रिपोर्ट आने तक संदेह के घेरे में है। बता दें कि जिला में अभी तक चार कोरोना संक्रमितों की मौत हो चुकी है, स्वास्थ्य विभाग की ओर से अभी तक एक बुजुर्ग महिला की मौत ही कोरोना से होना बताया है।
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दिल्ली में हुआ था टेस्ट: नोडल अधिकारी
कोविड-19 नोडल अधिकारी डॉ. विजय प्रकाश ने बताया कि युवक का दिल्ली में कोरोना टेस्ट हुआ था, संक्रमित होने की सूचना ही अंतिम संस्कार के बाद मिली। एहतियात के तौर पर परिवार के 11 लोगों के सैंपल लिए गए हैं। लेकिन यहां पर सवाल है कि नागरिक अस्पताल व पीजीआई में भर्ती के दौरान युवक की कोविड जांच क्यों नहीं कराई गई। वहीं जांच रिपोर्ट आने से पहले अंतिम संस्कार कैसे कर दिया गया, जबकि कोविड पॉजिटिव पाए जाने पर कोविड प्रोटोकॉल के तहत अंतिम संस्कार किया जाता है। डॉ. विजय प्रकाश ने कहा कि सूचना के अभाव में ऐसा हुआ है।
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218 मिले संक्रमितों में 45 फैक्टरी कर्मचारी
जिलाधीश यशेन्द्र सिंह ने बताया कि जिले में कोरोना संक्रमण की चेन को तोड़ने के लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा अभी तक 4613 सैंपल लिए गए हैं। जिनमें 218 कोविड-पॉजिटिव मिले हैं। इनमें 82 नागरिक कोविड संक्रमण से ठीक हुए हैं और अभी तक चार की मौत हुई है। अब जिले में कोविड पॉजिटिव के 132 एक्टिव केस रह गए हैं। 4144 की रिपोर्ट निगेटिव आ चुकी है तथा शेष 251 सैंपल की रिपोर्ट का इंतजार है। जिलाभर में 928 नागरिक क्वारंटीन किए गए हैं, जो देश व विदेश के अन्य हिस्सों से यात्रा करके आए हैं।106 कॉविड मरीज होम आइसोलेट किए गए हैं। अभी तक जिला में मिले 218 संक्रमितों में से 45 फैक्टरी कर्मी हैं। वीरवार को स्वास्थ्य विभाग द्वारा वीरवार को कान्टैक्ट ट्रेसिंग व आईएलआई के आधार पर 100 सैंपल लिए गए हैं।