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Rewari News: कई एकड़ कृषि भूमि पर फैला मसानी बैराज से छोड़ा गया दूषित पानी
Sun, 21 Jun 2026 11:42 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Sun, 21 Jun 2026 11:42 PM IST
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रेवाड़ी। ऑल इंडिया किसान खेत मजदूर संगठन के प्रधान रामकुमार ने कहा कि मसानी बैराज से छोड़ा गया दूषित पानी दो वर्षों में कई एकड़ कृषि भूमि पर फैल गया है जिससे किसान खेती नहीं कर पा रहे हैं। ऐसे में प्रशासन ततारपुर, ईस्तमुरार और रोजपुरा गांव के किसानों के खेतों की गिरदावरी कराए।
रामकुमार ने बताया कि लगातार जलभराव रहने से किसानों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। खेती ही उनकी आजीविका का मुख्य साधन है और फसल नहीं होने से किसान कर्ज के बोझ तले दब रहे हैं। उन्होंने कहा कि गंदे पानी के कारण भूमिगत जल भी दूषित होने का खतरा बढ़ गया है। आसपास के कई बोरवेलों का पानी भी खराब हो रहा है और इससे सिंचाई करने पर फसलें पीली पड़ जाती हैं।
संगठन ने मांग की है कि प्रभावित खेतों की विशेष गिरदावरी कराकर किसानों को रबी और खरीफ दोनों फसलों के लिए 50 हजार रुपये प्रति एकड़ प्रति फसल के हिसाब से मुआवजा दिया जाए। खेतों में भरे गंदे पानी की निकासी की व्यवस्था की जाए। मसानी बैराज में गंदे पानी के स्थान पर साफ पानी छोड़ा जाए।
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रामकुमार ने बताया कि लगातार जलभराव रहने से किसानों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। खेती ही उनकी आजीविका का मुख्य साधन है और फसल नहीं होने से किसान कर्ज के बोझ तले दब रहे हैं। उन्होंने कहा कि गंदे पानी के कारण भूमिगत जल भी दूषित होने का खतरा बढ़ गया है। आसपास के कई बोरवेलों का पानी भी खराब हो रहा है और इससे सिंचाई करने पर फसलें पीली पड़ जाती हैं।
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संगठन ने मांग की है कि प्रभावित खेतों की विशेष गिरदावरी कराकर किसानों को रबी और खरीफ दोनों फसलों के लिए 50 हजार रुपये प्रति एकड़ प्रति फसल के हिसाब से मुआवजा दिया जाए। खेतों में भरे गंदे पानी की निकासी की व्यवस्था की जाए। मसानी बैराज में गंदे पानी के स्थान पर साफ पानी छोड़ा जाए।
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