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Rewari News: आईजीयू में जनरेटिव एआई आधारित रोजगार कौशल प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू
Tue, 29 Sep 2026 12:39 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Tue, 29 Sep 2026 12:39 AM IST
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रेवाड़ी। इंदिरा गांधी विश्वविद्यालय में सोमवार को जनरेटिव एआई आधारित रोजगार कौशल विषय पर तीन दिवसीय फैसिलिटेटर डेवलपमेंट प्रोग्राम का शुभारंभ हुआ। कार्यक्रम का पहला दिन ऑफलाइन हुआ, जबकि आगामी दो दिनों का प्रशिक्षण ऑनलाइन माध्यम से दिया जाएगा।
कार्यक्रम में गुरुग्राम विश्वविद्यालय, आईजीयू मीरपुर, श्री विश्वकर्मा कौशल विश्वविद्यालय पलवल और जेसी बोस विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय फरीदाबाद सहित मॉडल संस्कृति महाविद्यालयों और आईजीयू से संबद्ध कॉलेजों के शिक्षकों ने भाग लिया।
प्रशिक्षण के बाद प्रमाण पत्र प्राप्त करने वाले शिक्षक अपने संस्थानों में सुगमकर्ता एवं मुख्य प्रशिक्षक की भूमिका निभाएंगे। वे अंतिम वर्ष के विद्यार्थियों के बैच तैयार करेंगे, जिनमें 50 से 600 विद्यार्थी शामिल होंगे। इसके बाद वाधवानी फाउंडेशन के विशेषज्ञ विद्यार्थियों को निशुल्क रोजगार कौशल प्रशिक्षण देंगे।
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कुलपति प्रोफेसर असीम मिगलानी ने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल परीक्षा पास कराना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों को भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करना है। साक्षात्कार कौशल, टीमवर्क, समस्या समाधान और नवाचार की क्षमता भी जरूरी है। उन्होंने शिक्षकों से विद्यार्थियों को केवल नौकरी तलाशने वाला नहीं, बल्कि रोजगार देने वाला बनाने की दिशा में काम करने का आह्वान किया।
मुख्य अतिथि हरियाणा राज्य उच्चतर शिक्षा परिषद के अध्यक्ष प्रोफेसर कैलाश चंद्र शर्मा ने व्यावहारिक एवं अनुभवात्मक शिक्षा, हस्तकौशल, एमएसएमई और भारतीय ज्ञान परंपरा को शिक्षा से जोड़ने पर जोर दिया। उन्होंने शोधकर्ताओं से अपने शोध का पेटेंट कराने की अपील भी की।
कुलसचिव प्रोफेसर दिलबाग सिंह ने कहा कि विश्वविद्यालय पाठ्यक्रम को रोजगारपरक बनाने के लिए उद्योग विशेषज्ञों के सुझाव शामिल कर रहा है। कार्यक्रम की रूपरेखा प्रोफेसर सुनील कुमार ने रखी। तकनीकी सत्र में वाधवानी फाउंडेशन की मुख्य प्रशिक्षक प्रियंका पवार ने जनरेटिव एआई टूल्स के व्यावहारिक उपयोग की जानकारी दी।
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कार्यक्रम में गुरुग्राम विश्वविद्यालय, आईजीयू मीरपुर, श्री विश्वकर्मा कौशल विश्वविद्यालय पलवल और जेसी बोस विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय फरीदाबाद सहित मॉडल संस्कृति महाविद्यालयों और आईजीयू से संबद्ध कॉलेजों के शिक्षकों ने भाग लिया।
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प्रशिक्षण के बाद प्रमाण पत्र प्राप्त करने वाले शिक्षक अपने संस्थानों में सुगमकर्ता एवं मुख्य प्रशिक्षक की भूमिका निभाएंगे। वे अंतिम वर्ष के विद्यार्थियों के बैच तैयार करेंगे, जिनमें 50 से 600 विद्यार्थी शामिल होंगे। इसके बाद वाधवानी फाउंडेशन के विशेषज्ञ विद्यार्थियों को निशुल्क रोजगार कौशल प्रशिक्षण देंगे।
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कुलपति प्रोफेसर असीम मिगलानी ने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल परीक्षा पास कराना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों को भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करना है। साक्षात्कार कौशल, टीमवर्क, समस्या समाधान और नवाचार की क्षमता भी जरूरी है। उन्होंने शिक्षकों से विद्यार्थियों को केवल नौकरी तलाशने वाला नहीं, बल्कि रोजगार देने वाला बनाने की दिशा में काम करने का आह्वान किया।
मुख्य अतिथि हरियाणा राज्य उच्चतर शिक्षा परिषद के अध्यक्ष प्रोफेसर कैलाश चंद्र शर्मा ने व्यावहारिक एवं अनुभवात्मक शिक्षा, हस्तकौशल, एमएसएमई और भारतीय ज्ञान परंपरा को शिक्षा से जोड़ने पर जोर दिया। उन्होंने शोधकर्ताओं से अपने शोध का पेटेंट कराने की अपील भी की।
कुलसचिव प्रोफेसर दिलबाग सिंह ने कहा कि विश्वविद्यालय पाठ्यक्रम को रोजगारपरक बनाने के लिए उद्योग विशेषज्ञों के सुझाव शामिल कर रहा है। कार्यक्रम की रूपरेखा प्रोफेसर सुनील कुमार ने रखी। तकनीकी सत्र में वाधवानी फाउंडेशन की मुख्य प्रशिक्षक प्रियंका पवार ने जनरेटिव एआई टूल्स के व्यावहारिक उपयोग की जानकारी दी।