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Rewari News: नागरिक अस्पताल के नए भवन का निर्माण इस साल शुरू होने के आसार कम
Sat, 03 Oct 2026 11:56 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Sat, 03 Oct 2026 11:56 PM IST
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सिविल अस्पताल रेवाड़ी। संवाद
- फोटो : पोस्टमार्टम हाउस पर मौजूद मृतका निशा के परिजन, मौजूद पुलिस। संवाद
रेवाड़ी। जिला नागरिक अस्पताल के नए भवन का निर्माण शुरू होने का अभी इंतजार करना पड़ सकता है। प्रोजेक्ट की ड्राइंग तैयार होने के बाद अब लोक निर्माण विभाग की ओर से बजट एस्टीमेट तैयार किया जा रहा है। इसके बाद इसे मंजूरी के लिए शासन को भेजा जाएगा। बजट स्वीकृत होने के बाद टेंडर प्रक्रिया शुरू होगी।
मौजूदा प्रक्रिया को देखते हुए इस साल नागरिक अस्पताल भवन का निर्माण कार्य शुरू होने की संभावना कम नजर आ रही है। पूरी प्रक्रिया में करीब 2 से 5 माह का समय लग सकता है।
नया नागरिक अस्पताल अत्याधुनिक चिकित्सा सुविधाओं से लैस होगा। प्रस्तावित भवन में दो बेसमेंट के साथ छह मंजिल का होगा। अस्पताल में मरीजों को बेहतर जांच और उपचार सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए एमआरआई, सीटी स्कैन और कैथ लैब जैसी सुविधाएं प्रस्तावित हैं। इससे गंभीर मरीजों को उपचार के लिए दिल्ली या रोहतक रेफर करने की जरूरत कम होगी।
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नए अस्पताल भवन में कैथ लैब की सुविधा प्रमुख रूप से शामिल की गई है। वर्तमान में नागरिक अस्पताल में कैथ लैब नहीं होने के कारण हार्ट अटैक और दिल से जुड़ी गंभीर बीमारी के मरीजों को तत्काल उच्च चिकित्सा केंद्रों के लिए रेफर करना पड़ता है। नई व्यवस्था शुरू होने के बाद ऐसे मरीजों को अस्पताल में ही आवश्यक उपचार सुविधा मिल सकेगी।
वर्तमान नागरिक अस्पताल में जगह की कमी के कारण मरीजों और स्टाफ दोनों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कई ओपीडी में दो-दो चिकित्सक बैठकर मरीजों की जांच कर रहे हैं, जिससे कम जगह में मरीजों की भीड़ जमा हो जाती है। अस्पताल की लैब में भी छोटे-छोटे केबिन बनाकर काम चलाया जा रहा है। जगह की कमी के चलते गायनी ओपीडी को पुरानी बिल्डिंग की पहली मंजिल पर शिफ्ट किया गया है।
दो बेसमेंट में पार्किंग समेत तकनीकी सेवाएं
प्रस्तावित छह मंजिला भवन में ग्राउंड फ्लोर पर इमरजेंसी और गायनी विभाग रखने की योजना है। ऊपरी मंजिलों पर अलग-अलग ओपीडी, ऑपरेशन थिएटर, वार्ड और प्रशासनिक ब्लॉक बनाए जाएंगे। ओपीडी के लिए अलग-अलग ब्लॉक के साथ कॉमन वेटिंग एरिया भी होगा। भवन के नीचे दो बेसमेंट बनाए जाएंगे। इनमें वाहनों की पार्किंग के अलावा ऑक्सीजन प्लांट, एसटीपी, सीटीपी और अन्य तकनीकी सेवाओं के लिए जगह रखी जाएगी। अस्पताल परिसर में एम्बुलेंस और सामान्य वाहनों की आवाजाही सुचारू रखने के लिए प्रवेश और निकास के लिए दो मुख्य गेट भी प्रस्तावित हैं।
सीएमओ कार्यालय भी नए स्थान पर होगा शिफ्ट
प्रशासनिक स्तर पर सिविल सर्जन (सीएमओ) कार्यालय को राजेश पायलट चौक के निकट स्थानांतरित करने की प्रक्रिया भी चल रही है। वहां जरूरी इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार करने का काम जारी है। अधिकारियों के अनुसार अगले कुछ दिनों में कार्यालय को नए स्थान पर शिफ्ट किया जा सकता है। इसके अलावा अस्पताल परिसर में पीपीपी मोड पर एमआरआई और सीटी स्कैन मशीनें लगाने के लिए उपयुक्त स्थान भी देखा जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि नए अस्पताल का उद्देश्य मरीजों को एक ही परिसर में अधिक से अधिक आधुनिक चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराना है।
ड्राइंग के बाद अब एस्टीमेट, फिर सरकार की मंजूरी
अस्पताल भवन की ड्राइंग तैयार करने की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। अब लोक निर्माण विभाग की ओर से प्रोजेक्ट का बजट एस्टीमेट तैयार किया जा रहा है। एस्टीमेट पूरा होने के बाद फाइल सरकार के पास मंजूरी के लिए भेजी जाएगी। बजट स्वीकृत होने के बाद टेंडर जारी होगा और उसके बाद ही निर्माण एजेंसी का चयन कर वास्तविक निर्माण कार्य शुरू किया जा सकेगा। इस पूरी प्रक्रिया में करीब 2 से 5 माह लगने की संभावना जताई जा रही है।
वर्जन:
नागरिक अस्पताल के नए भवन के नक्शे और बजट एस्टीमेट संबंधी प्रक्रिया चल रही है। उम्मीद है कि यह प्रक्रिया जल्द ही पूरी कर ली जाएगी।-डॉ. दीपक वर्मा, डिप्टी सिविल सर्जन, रेवाड़ी।
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मौजूदा प्रक्रिया को देखते हुए इस साल नागरिक अस्पताल भवन का निर्माण कार्य शुरू होने की संभावना कम नजर आ रही है। पूरी प्रक्रिया में करीब 2 से 5 माह का समय लग सकता है।
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नया नागरिक अस्पताल अत्याधुनिक चिकित्सा सुविधाओं से लैस होगा। प्रस्तावित भवन में दो बेसमेंट के साथ छह मंजिल का होगा। अस्पताल में मरीजों को बेहतर जांच और उपचार सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए एमआरआई, सीटी स्कैन और कैथ लैब जैसी सुविधाएं प्रस्तावित हैं। इससे गंभीर मरीजों को उपचार के लिए दिल्ली या रोहतक रेफर करने की जरूरत कम होगी।
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नए अस्पताल भवन में कैथ लैब की सुविधा प्रमुख रूप से शामिल की गई है। वर्तमान में नागरिक अस्पताल में कैथ लैब नहीं होने के कारण हार्ट अटैक और दिल से जुड़ी गंभीर बीमारी के मरीजों को तत्काल उच्च चिकित्सा केंद्रों के लिए रेफर करना पड़ता है। नई व्यवस्था शुरू होने के बाद ऐसे मरीजों को अस्पताल में ही आवश्यक उपचार सुविधा मिल सकेगी।
वर्तमान नागरिक अस्पताल में जगह की कमी के कारण मरीजों और स्टाफ दोनों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कई ओपीडी में दो-दो चिकित्सक बैठकर मरीजों की जांच कर रहे हैं, जिससे कम जगह में मरीजों की भीड़ जमा हो जाती है। अस्पताल की लैब में भी छोटे-छोटे केबिन बनाकर काम चलाया जा रहा है। जगह की कमी के चलते गायनी ओपीडी को पुरानी बिल्डिंग की पहली मंजिल पर शिफ्ट किया गया है।
दो बेसमेंट में पार्किंग समेत तकनीकी सेवाएं
प्रस्तावित छह मंजिला भवन में ग्राउंड फ्लोर पर इमरजेंसी और गायनी विभाग रखने की योजना है। ऊपरी मंजिलों पर अलग-अलग ओपीडी, ऑपरेशन थिएटर, वार्ड और प्रशासनिक ब्लॉक बनाए जाएंगे। ओपीडी के लिए अलग-अलग ब्लॉक के साथ कॉमन वेटिंग एरिया भी होगा। भवन के नीचे दो बेसमेंट बनाए जाएंगे। इनमें वाहनों की पार्किंग के अलावा ऑक्सीजन प्लांट, एसटीपी, सीटीपी और अन्य तकनीकी सेवाओं के लिए जगह रखी जाएगी। अस्पताल परिसर में एम्बुलेंस और सामान्य वाहनों की आवाजाही सुचारू रखने के लिए प्रवेश और निकास के लिए दो मुख्य गेट भी प्रस्तावित हैं।
सीएमओ कार्यालय भी नए स्थान पर होगा शिफ्ट
प्रशासनिक स्तर पर सिविल सर्जन (सीएमओ) कार्यालय को राजेश पायलट चौक के निकट स्थानांतरित करने की प्रक्रिया भी चल रही है। वहां जरूरी इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार करने का काम जारी है। अधिकारियों के अनुसार अगले कुछ दिनों में कार्यालय को नए स्थान पर शिफ्ट किया जा सकता है। इसके अलावा अस्पताल परिसर में पीपीपी मोड पर एमआरआई और सीटी स्कैन मशीनें लगाने के लिए उपयुक्त स्थान भी देखा जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि नए अस्पताल का उद्देश्य मरीजों को एक ही परिसर में अधिक से अधिक आधुनिक चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराना है।
ड्राइंग के बाद अब एस्टीमेट, फिर सरकार की मंजूरी
अस्पताल भवन की ड्राइंग तैयार करने की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। अब लोक निर्माण विभाग की ओर से प्रोजेक्ट का बजट एस्टीमेट तैयार किया जा रहा है। एस्टीमेट पूरा होने के बाद फाइल सरकार के पास मंजूरी के लिए भेजी जाएगी। बजट स्वीकृत होने के बाद टेंडर जारी होगा और उसके बाद ही निर्माण एजेंसी का चयन कर वास्तविक निर्माण कार्य शुरू किया जा सकेगा। इस पूरी प्रक्रिया में करीब 2 से 5 माह लगने की संभावना जताई जा रही है।
वर्जन:
नागरिक अस्पताल के नए भवन के नक्शे और बजट एस्टीमेट संबंधी प्रक्रिया चल रही है। उम्मीद है कि यह प्रक्रिया जल्द ही पूरी कर ली जाएगी।-डॉ. दीपक वर्मा, डिप्टी सिविल सर्जन, रेवाड़ी।