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Rewari News: आईपीएस वाई पूरण को न्याय देने के लिए कांग्रेस ने किया प्रदर्शन
Tue, 14 Oct 2025 12:23 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Tue, 14 Oct 2025 12:23 AM IST
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फोटो : 4मांगों को लेकर डीसी अभिषेक मीणा को ज्ञापन देते कांग्रेस व विभिन्न संगठन। संवाद
रेवाड़ी। वरिष्ठ आईपीएस वाई पूरन की खुदकुशी मामले में न्याय की मांग को लेकर पूर्व विधायक व एआईसीसी सचिव चिरंजीव राव के नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ताओं, सामाजिक संगठनों और दलित समाज के लोगों ने सोमवार को एकजुट होकर विरोध प्रदर्शन किया। इसमें मुख्य न्यायाधीश पर हमले की निंदा भी की गई।
प्रदर्शनकारियों ने राजीव चौक से जिला मिनी सचिवालय तक मार्च निकाला। प्रदर्शनकारियों ने रास्ते भर वाई पूरन कुमार को इंसाफ दो और दलितों पर अत्याचार बंद करो जैसे नारे लगाए। बाद में प्रदर्शनकारियों ने डीसी अभिषेक मीणा को राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा।
एआईसीसी सचिव एवं पूर्व विधायक चिरंजीव राव ने कहा कि हरियाणा में हाल ही में घटित घटनाएं पूरे प्रदेश ही नहीं, बल्कि पूरे देश के लिए गहरी चिंता का विषय है।
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उन्होंने कहा कि एक ओर राज्य के वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी वाई पूरन कुमार की आत्महत्या ने पूरे सिस्टम को झकझोर दिया है, वहीं दूसरी ओर भारत के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति भूषण रामकृष्ण गवई पर अदालत के भीतर जूता फेंकने की घटना ने लोकतंत्र और न्यायपालिका की गंभीर स्थिति को उजागर किया है।
उन्होंने कहा कि यदि देश का सर्वोच्च न्यायाधीश भी अदालत के भीतर सुरक्षित नहीं है और एक वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी सरकारी दबाव, उत्पीड़न और जातिगत भेदभाव के कारण आत्महत्या करने को विवश हो जाता है, तो यह लोकतंत्र के लिए बेहद खतरनाक संकेत है।
चिरंजीव राव ने केंद्र और राज्य सरकार से मांग की है कि वाई पूरन कुमार आत्महत्या मामले की उच्च न्यायालय की निगरानी में निष्पक्ष जांच कराई जाए। दलित समाज के खिलाफ बढ़ते अत्याचारों पर तुरंत रोक लगाने के ठोस कदम उठाए जाएं।
उन्होंने कहा कि न्यायपालिका की सुरक्षा और स्वतंत्रता सुनिश्चित करना सरकार का सर्वोच्च दायित्व है। क्योंकि जब न्याय का मंदिर ही असुरक्षित हो जाएगा, तो लोकतंत्र का अस्तित्व खतरे में पड़ जाएगा।
इस मौके पर विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने भी सरकार की निष्क्रियता की निंदा की और कहा कि दलित समाज अब अन्याय और भेदभाव को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं करेगा।
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प्रदर्शन में ये रहे मौजूद
प्रदर्शन में जिला कांग्रेस कमेटी रेवाड़ी (शहरी) अध्यक्ष प्रवीण चौधरी, ग्रामीण अध्यक्ष सुभाष छावनी, महिला कांग्रेस की जिला अध्यक्ष सीमा धमीजा, एससी सेल के जिला अध्यक्ष रमेश ठेकेदार, भरत सिंह बावल, चरण सिंह (पूर्व सरपंच), ईश्वर महलावत के अलावा कांग्रेस कार्यकर्ता, सामाजिक संगठन और दलित समाज के प्रतिनिधि शामिल हुए। सामाजिक संगठनों में माता रमाबाई सामाजिक उत्थान संस्था, गुरु रविदास मंदिर हॉस्टल, आवाज फाउंडेशन, सेवा स्तंभ रेवाड़ी, जाटव विकास समिति, मिशन इक्वलिटी, वाल्मीकि समाज और प्रजापति समाज के प्रतिनिधि प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।
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प्रदर्शनकारियों ने राजीव चौक से जिला मिनी सचिवालय तक मार्च निकाला। प्रदर्शनकारियों ने रास्ते भर वाई पूरन कुमार को इंसाफ दो और दलितों पर अत्याचार बंद करो जैसे नारे लगाए। बाद में प्रदर्शनकारियों ने डीसी अभिषेक मीणा को राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा।
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एआईसीसी सचिव एवं पूर्व विधायक चिरंजीव राव ने कहा कि हरियाणा में हाल ही में घटित घटनाएं पूरे प्रदेश ही नहीं, बल्कि पूरे देश के लिए गहरी चिंता का विषय है।
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उन्होंने कहा कि एक ओर राज्य के वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी वाई पूरन कुमार की आत्महत्या ने पूरे सिस्टम को झकझोर दिया है, वहीं दूसरी ओर भारत के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति भूषण रामकृष्ण गवई पर अदालत के भीतर जूता फेंकने की घटना ने लोकतंत्र और न्यायपालिका की गंभीर स्थिति को उजागर किया है।
उन्होंने कहा कि यदि देश का सर्वोच्च न्यायाधीश भी अदालत के भीतर सुरक्षित नहीं है और एक वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी सरकारी दबाव, उत्पीड़न और जातिगत भेदभाव के कारण आत्महत्या करने को विवश हो जाता है, तो यह लोकतंत्र के लिए बेहद खतरनाक संकेत है।
चिरंजीव राव ने केंद्र और राज्य सरकार से मांग की है कि वाई पूरन कुमार आत्महत्या मामले की उच्च न्यायालय की निगरानी में निष्पक्ष जांच कराई जाए। दलित समाज के खिलाफ बढ़ते अत्याचारों पर तुरंत रोक लगाने के ठोस कदम उठाए जाएं।
उन्होंने कहा कि न्यायपालिका की सुरक्षा और स्वतंत्रता सुनिश्चित करना सरकार का सर्वोच्च दायित्व है। क्योंकि जब न्याय का मंदिर ही असुरक्षित हो जाएगा, तो लोकतंत्र का अस्तित्व खतरे में पड़ जाएगा।
इस मौके पर विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने भी सरकार की निष्क्रियता की निंदा की और कहा कि दलित समाज अब अन्याय और भेदभाव को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं करेगा।
प्रदर्शन में ये रहे मौजूद
प्रदर्शन में जिला कांग्रेस कमेटी रेवाड़ी (शहरी) अध्यक्ष प्रवीण चौधरी, ग्रामीण अध्यक्ष सुभाष छावनी, महिला कांग्रेस की जिला अध्यक्ष सीमा धमीजा, एससी सेल के जिला अध्यक्ष रमेश ठेकेदार, भरत सिंह बावल, चरण सिंह (पूर्व सरपंच), ईश्वर महलावत के अलावा कांग्रेस कार्यकर्ता, सामाजिक संगठन और दलित समाज के प्रतिनिधि शामिल हुए। सामाजिक संगठनों में माता रमाबाई सामाजिक उत्थान संस्था, गुरु रविदास मंदिर हॉस्टल, आवाज फाउंडेशन, सेवा स्तंभ रेवाड़ी, जाटव विकास समिति, मिशन इक्वलिटी, वाल्मीकि समाज और प्रजापति समाज के प्रतिनिधि प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।