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बच्चों की जरूरतों को समझकर करें शिक्षण कार्य : डीसी
Thu, 11 Jun 2026 11:08 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Thu, 11 Jun 2026 11:08 PM IST
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कार्यक्रम में डीसी अभिषेक मीणा के साथ युवा। स्रोत : प्रशासन
रेवाड़ी। एसआरआई की तरफ से नव चयनित शोधार्थियों के लिए आयोजित एक सप्ताह की इंडक्शन प्रशिक्षण कार्यशाला में फेलोज को विद्यालय और समुदाय स्तर पर प्रभावी कार्य के लिए तैयार किया जा रहा है।
कार्यशाला के दौरान उपायुक्त अभिषेक मीणा ने प्रशिक्षण स्थल का दौरा कर फेलोज से संवाद किया और उनका उत्साहवर्धन किया। उन्होंने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में फेलोज की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है, क्योंकि वे विद्यालय और समुदाय के बीच मजबूत सेतु का कार्य करते हैं। उन्होंने बताया कि प्रत्येक बच्चे की सीखने की क्षमता और जरूरतें अलग होती हैं, इसलिए शिक्षण के दौरान उनकी व्यक्तिगत आवश्यकताओं और चुनौतियों को ध्यान में रखना जरूरी है।
कार्यशाला में संवाद, कक्षा प्रबंधन, पाठ योजना, सीखने के स्तर की पहचान, समुदाय सहभागिता, अभिभावक बैठक, मूल्यांकन और री-टीचिंग जैसी प्रक्रियाओं का प्रशिक्षण दिया गया।
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कार्यशाला के दौरान उपायुक्त अभिषेक मीणा ने प्रशिक्षण स्थल का दौरा कर फेलोज से संवाद किया और उनका उत्साहवर्धन किया। उन्होंने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में फेलोज की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है, क्योंकि वे विद्यालय और समुदाय के बीच मजबूत सेतु का कार्य करते हैं। उन्होंने बताया कि प्रत्येक बच्चे की सीखने की क्षमता और जरूरतें अलग होती हैं, इसलिए शिक्षण के दौरान उनकी व्यक्तिगत आवश्यकताओं और चुनौतियों को ध्यान में रखना जरूरी है।
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कार्यशाला में संवाद, कक्षा प्रबंधन, पाठ योजना, सीखने के स्तर की पहचान, समुदाय सहभागिता, अभिभावक बैठक, मूल्यांकन और री-टीचिंग जैसी प्रक्रियाओं का प्रशिक्षण दिया गया।
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