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Rewari News: इस वर्ष प्रसव के दौरान आठ महिलाओं की मृत्यु पर जताई चिंता
Fri, 27 Jun 2025 11:44 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Fri, 27 Jun 2025 11:44 PM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
रेवाड़ी। लघु सचिवालय के सभागार में शुक्रवार को हुई बैठक में डीसी अभिषेक मीणा ने तंबाकू व टीबी उन्मूलन, मलेरिया व डेंगू रोधी कार्यक्रम और एनीमिया मुक्त भारत अभियान की रिपोर्ट ली। डीसी ने इस वर्ष प्रसव के दौरान आठ महिलाओं की मृत्यु पर चिंता जताते हुए मृत्युदर शून्य करने पर जोर दिया।
डीसी ने कहा कि आशा वर्कर और आंगनबाड़ी वर्करों के सहयोग से प्रसूता महिलाओं की सेहत की हर तीन माह बाद पूरी जांच कराई जाए। चिकित्सक को कोई केस रेफर करने जैसा लगे तो उसे पीजीआई में भेज दिया जाए। अचानक केस रेफर करने से महिला की हालत गंभीर हो सकती है।
डीसी ने कहा कि लड़कियों और लड़कों में खून की कमी एक आम समस्या है। हमें ऐसा प्रोग्राम बनाना चाहिए कि बारहवीं कक्षा तक तो बच्चे की एचबी रिपोर्ट स्वास्थ्य विभाग को मिलती रहे। एक बार किसी का एचबी सुधर गया तो साल-दो साल बाद फिर से कम हो सकता है।
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इसलिए ऐसा ना हो कि जो लड़का या लड़की की एनीमिया रिपोर्ट रिकार्ड में आ जाए तो एचबी में सुधार आते ही उसे छोड़ दिया जाए। उसकी आगे भी जांच होती रहनी चाहिए।
इस दौरान अधिकारियों को नशा को जड़ से खत्म करने की शपथ भी दिलवाई। डीसी ने कहा कि शैक्षणिक संस्थाओं के अंदर व सौ मीटर के दायरे में कोई भी तंबाकू पदार्थ का सेवन करता हुआ या बेचता हुआ पाया गया तो उसका चालान किया जाएगा।
बैठक में एसडीएम सुरेंद्र सिंह, डीएसपी जोगेंद्र शर्मा, सीएमओ डॉ. नरेंद्र दहिया, जिला शिक्षा अधिकारी सुभाष चंद, डीडीपीओ नरेंद्र सारवान मौजूद रहे।
मलेरिया-डेंगू की रोकथाम के लिए फागिंग करवाएं : डीसी
डीसी ने कहा कि मलेरिया-डेंगू की रोकथाम के लिए फागिंग करवाई जाए। प्रत्येक भवन व मकानों में पानी भरने वाले उपकरणों की सफाई होनी चाहिए। अधिकारी यह इंतजार ना करें कि कोई केस होने पर ही उस एरिया में मच्छर मार दवा का छिड़काव करवाया जाएगा। हाई रिस्क एरिया में पहले से ही फोगिंग को शुरू करवा दें। उन्होंने टीबी उन्मूलन के बारे में कहा कि लोगों को तपेदिक बीमारी के प्रति जागरूक किया जाए। स्कूलों में भी अधिक खांसी किसी बच्चे को आ रही है तो मेडिकल टीम से उसकी सेहत की जांच होनी चाहिए। इसके लिए स्कूल के किसी अध्यापक को भी रोग के लक्षण का प्रशिक्षण दिया जाना चाहिए।
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रेवाड़ी। लघु सचिवालय के सभागार में शुक्रवार को हुई बैठक में डीसी अभिषेक मीणा ने तंबाकू व टीबी उन्मूलन, मलेरिया व डेंगू रोधी कार्यक्रम और एनीमिया मुक्त भारत अभियान की रिपोर्ट ली। डीसी ने इस वर्ष प्रसव के दौरान आठ महिलाओं की मृत्यु पर चिंता जताते हुए मृत्युदर शून्य करने पर जोर दिया।
डीसी ने कहा कि आशा वर्कर और आंगनबाड़ी वर्करों के सहयोग से प्रसूता महिलाओं की सेहत की हर तीन माह बाद पूरी जांच कराई जाए। चिकित्सक को कोई केस रेफर करने जैसा लगे तो उसे पीजीआई में भेज दिया जाए। अचानक केस रेफर करने से महिला की हालत गंभीर हो सकती है।
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डीसी ने कहा कि लड़कियों और लड़कों में खून की कमी एक आम समस्या है। हमें ऐसा प्रोग्राम बनाना चाहिए कि बारहवीं कक्षा तक तो बच्चे की एचबी रिपोर्ट स्वास्थ्य विभाग को मिलती रहे। एक बार किसी का एचबी सुधर गया तो साल-दो साल बाद फिर से कम हो सकता है।
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इसलिए ऐसा ना हो कि जो लड़का या लड़की की एनीमिया रिपोर्ट रिकार्ड में आ जाए तो एचबी में सुधार आते ही उसे छोड़ दिया जाए। उसकी आगे भी जांच होती रहनी चाहिए।
इस दौरान अधिकारियों को नशा को जड़ से खत्म करने की शपथ भी दिलवाई। डीसी ने कहा कि शैक्षणिक संस्थाओं के अंदर व सौ मीटर के दायरे में कोई भी तंबाकू पदार्थ का सेवन करता हुआ या बेचता हुआ पाया गया तो उसका चालान किया जाएगा।
बैठक में एसडीएम सुरेंद्र सिंह, डीएसपी जोगेंद्र शर्मा, सीएमओ डॉ. नरेंद्र दहिया, जिला शिक्षा अधिकारी सुभाष चंद, डीडीपीओ नरेंद्र सारवान मौजूद रहे।
मलेरिया-डेंगू की रोकथाम के लिए फागिंग करवाएं : डीसी
डीसी ने कहा कि मलेरिया-डेंगू की रोकथाम के लिए फागिंग करवाई जाए। प्रत्येक भवन व मकानों में पानी भरने वाले उपकरणों की सफाई होनी चाहिए। अधिकारी यह इंतजार ना करें कि कोई केस होने पर ही उस एरिया में मच्छर मार दवा का छिड़काव करवाया जाएगा। हाई रिस्क एरिया में पहले से ही फोगिंग को शुरू करवा दें। उन्होंने टीबी उन्मूलन के बारे में कहा कि लोगों को तपेदिक बीमारी के प्रति जागरूक किया जाए। स्कूलों में भी अधिक खांसी किसी बच्चे को आ रही है तो मेडिकल टीम से उसकी सेहत की जांच होनी चाहिए। इसके लिए स्कूल के किसी अध्यापक को भी रोग के लक्षण का प्रशिक्षण दिया जाना चाहिए।