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Rewari News: एचकेआरएन में आरक्षण का प्रावधान नहीं होने पर जताई चिंता
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वाल्मीकि आश्रम में डीएससी समाज की आयोजित बैठक। स्रोत : समाज
रेवाड़ी। कालका रोड स्थित वाल्मीकि आश्रम में हुई डीएससी समाज की बैठक में हरियाणा कौशल रोजगार निगम (एचकेआरएन) में आरक्षण का प्रावधान नहीं होने पर चिंता जताई गई। साथ ही समाज की समस्याओं पर चर्चा की गई।
बैठक की अध्यक्षता प्रधान राजकुमार चावरिया और संचालन भूप सिंह खरेरा ने किया। डीएससी समाज के प्रधान विजय इंदौरा ने बताया कि एससी आरक्षण में वर्गीकरण कर डीएससी वर्ग को नौकरियों में 10 प्रतिशत आरक्षण दिया गया है।
कहा कि ओएससी समाज के कुछ लोग गलत तरीके से मेघवाल जाति के जाति का प्रमाणपत्र बनवाकर डीएससी वर्ग में शामिल होने का प्रयास कर रहे हैं, जिससे डीएससी समाज के अधिकारों का हनन हो रहा है।
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उन्होंने कहा कि इस संबंध में रेवाड़ी विधायक लक्ष्मण सिंह यादव, कोसली विधायक अनिल कुमार और परिवार पहचान पत्र राज्य कोऑर्डिनेटर सतीश खोला को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंप चुका है लेकिन सरकार ने मेघवाल जाति को डीएससी सूची से बाहर नहीं किया है।
समाज ने मांग की है कि मेघवाल जाति को शीघ्र डीएससी सूची से हटाकर ओएससी में शामिल किया जाए। वक्ताओं ने कहा कि एचकेआरएन में आरक्षण का कोई प्रावधान नहीं है जो अनुचित है।
असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती में डीएससी वर्ग के लिए लागू 35 प्रतिशत की शर्त को भी अन्यायपूर्ण बताया गया। समाज ने मांग की कि या तो नियमित भर्ती की जाए या एचकेआरएन में भी आरक्षण लागू किया जाए।
मांगें न माने जाने पर राज्यस्तरीय आंदोलन की चेतावनी दी गई। बैठक में गुलशन कुमार, मुकेश कुमार, सुधीर कुमार, शिशराम बागड़ी, राजकुमार, कमलेश डाबला, सुरेंद्र धानक, अशोक खीची, सुभाष सोलंकी और रोहतास ने संबोधित किया।
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बैठक की अध्यक्षता प्रधान राजकुमार चावरिया और संचालन भूप सिंह खरेरा ने किया। डीएससी समाज के प्रधान विजय इंदौरा ने बताया कि एससी आरक्षण में वर्गीकरण कर डीएससी वर्ग को नौकरियों में 10 प्रतिशत आरक्षण दिया गया है।
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कहा कि ओएससी समाज के कुछ लोग गलत तरीके से मेघवाल जाति के जाति का प्रमाणपत्र बनवाकर डीएससी वर्ग में शामिल होने का प्रयास कर रहे हैं, जिससे डीएससी समाज के अधिकारों का हनन हो रहा है।
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उन्होंने कहा कि इस संबंध में रेवाड़ी विधायक लक्ष्मण सिंह यादव, कोसली विधायक अनिल कुमार और परिवार पहचान पत्र राज्य कोऑर्डिनेटर सतीश खोला को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंप चुका है लेकिन सरकार ने मेघवाल जाति को डीएससी सूची से बाहर नहीं किया है।
समाज ने मांग की है कि मेघवाल जाति को शीघ्र डीएससी सूची से हटाकर ओएससी में शामिल किया जाए। वक्ताओं ने कहा कि एचकेआरएन में आरक्षण का कोई प्रावधान नहीं है जो अनुचित है।
असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती में डीएससी वर्ग के लिए लागू 35 प्रतिशत की शर्त को भी अन्यायपूर्ण बताया गया। समाज ने मांग की कि या तो नियमित भर्ती की जाए या एचकेआरएन में भी आरक्षण लागू किया जाए।
मांगें न माने जाने पर राज्यस्तरीय आंदोलन की चेतावनी दी गई। बैठक में गुलशन कुमार, मुकेश कुमार, सुधीर कुमार, शिशराम बागड़ी, राजकुमार, कमलेश डाबला, सुरेंद्र धानक, अशोक खीची, सुभाष सोलंकी और रोहतास ने संबोधित किया।