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महाविद्यालय और मॉडल स्कूल तो खुले, लेकिन शिक्षकों की कमी

Fri, 19 Aug 2022 11:58 PM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Fri, 19 Aug 2022 11:58 PM IST
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Colleges and model schools open, but lack of teachers
रेवाड़ी। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने शिक्षा मंत्री को लिखे ज्ञापन में कहा है कि पिछले 7 वर्षों में प्रदेश सरकार द्वारा जो महाविद्यालय एवं संस्कृति मॉडल स्कूल खोले गए हैं वह सराहनीय हैं, लेकिन उनमें शिक्षकों की कमी के चलते शिक्षा के स्तर में गिरावट आ रही है। प्रदेश सरकार, सभी शैक्षणिक संस्थानों में रिक्त सभी प्रकार के पदों को तुरंत भरे। जिससे विद्यार्थियों को उचित शिक्षा प्राप्त हो सके। एबीवीपी ने डीडीपीओ को ज्ञापन सौंपा।
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ज्ञापन में मांग की गई है कि राज्य में छात्रसंघ चुनाव कराए जाएं। समय पर छात्रवृत्ति दी जाए ताकि विद्यार्थी समय रहते अपनी आवश्यकता की सामग्री खरीद सकें। सभी विश्वद्यालयों व महाविद्यालयों में प्लेसमेंट सेल स्थापित की जाए। जहां है वहां उसको प्रभावी रूप से चलाया जाए। लॉकडाउन के दौरान बंद हुई महिलाओं के लिए पिंक बस सुविधा को पुन: प्रदेश में शुरू किया जाए। वर्ष 2018 के बाद जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान डायट में डीएड के प्रवेश प्रतिबंधित किए गए हैं परंतु दूसरी तरफ निजी करण को बढ़ावा देते हुए निजी संस्थानों में अभी भी डीईडी कोर्स धड़ल्ले से कराए जा रहे हैं। डायट की संकल्पना और गठन शिक्षा में गुणवत्ता लाने और शिक्षकों के शिक्षण और बेहतर बनाने व सेवाकालीन और सेवा पूर्व प्रशिक्षण करवाने के उद्देश्य से की गई थी। आज लगभग 4 वर्षों से डायट सफेद हाथी बनी हुई है। इनमें पुन: डीईडी कोर्स शुरू किए जाएं और जिस उद्देश्य से डाइट की स्थापना हुई थी उसे पूर्ण किया जाए। डायट में छात्राएं कम फीस में पढ़ती थीं जिन्हें अब मोटी फीस देकर शिक्षा प्राप्त करनी पड़ रही है या वंचित रहना पड़ रहा है। जो सरकार के बेटी पढ़ाओ अभियान को प्रभावित कर रहा है।
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मुख्यमंत्री हरियाणा समान शिक्षा राहत सहायता एवं अनुदान स्कीम (चिराग योजना) में प्रथम दृष्टया पारदर्शिता का अभाव नजर आता है। ज्ञापन में कहा गया है कि विद्यालयों में शिक्षा नि:शुल्क होनी चाहिए। सरकार की इससे पहले की 134ए योजना जिसमें निजी मान्यता प्राप्त विद्यालयों में पढ़ने वाले छात्रों की पूरी फीस सरकार द्वारा दी जाती थी। इसके बावजूद उस योजना को वापस क्यों लेना पड़ा उसकी समीक्षा करने की आवश्यकता है। एबीवीपी चिराग योजना को तत्काल वापस लेने की मांग करता है। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद प्रदेश सरकार को ज्ञापन के माध्यम से आगाह करती है कि अगर छात्रों की मांगों को नही माना जाता है तो एबीवीपी पूरे प्रदेश मे आंदोलन करेगी और इसकी पूर्ण जिम्मेदारी प्रदेश सरकार की होगी। इस मौके पर अभाविप के विभाग संगठन मंत्री राकेश, नगर मंत्री मोहित शर्मा, प्रांत खेल संयोजक योगेश भारद्वाज, नगर सहमंत्री गर्वित श्योराण, केएलपी ईकाई अध्यक्ष विशाल यादव, प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य आशीष शर्मा व अन्य कार्यकर्ता मौजूद रहे।
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