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40 दिन बाद लगीं कक्षाएं, दोस्तों से मिले तो विद्यार्थियों के चेहरे खिले
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रेवाड़ी। जिले के स्कूलों में वीरवार से सभी कक्षाएं एक साथ लगनी शुरू हो गईं। सभी कक्षाएं 40 दिन बाद एक साथ शुरू हुई हैं। पहली से लेकर नौवीं कक्षा तक के बच्चों ने शिक्षकों के सामने बैठकर पढ़ाई की। पहले दिन 55 फीसदी से अधिक उपस्थिति रही। इस दौरान कक्षाओं में पहुंचने पर विद्यार्थी अपने दोस्तों से मिलकर प्रसन्न दिखाई दिए। उनके चेहरों पर मुस्कान रही। इस दौरान बच्चों को कोविड गाइड लाइन का पालन कराया गया।
इस दौरान स्कूलों में मुख्य द्वार पर बच्चों का तापमान जांचने के पश्चात ही प्रवेश दिया गया। इसके अलावा माता-पिता के अनुमति प्रमाणपत्र की भी जांच की गई। इससे पहले एक फरवरी से दसवीं से बारहवीं की कक्षाएं शुरू हो चुकी हैं। वीरवार को सुबह से ही भारी धुंध होने के बावजूद पहले दिन पहली से नौवीं कक्षा के बच्चों का स्कूलों में पहुंचने का उत्साह कम नहीं हुआ। पहले दिन जहां सरकारी स्कूलों में बच्चों की उपस्थिति 55 प्रतिशत के करीब रही, वहीं निजी स्कूलों में यह उपस्थिति 65 प्रतिशत के करीब रही। हालांकि बच्चों पर कक्षाओं में उपस्थिति के लिए कोई दबाव नहीं है, जो बच्चे घर रहकर ऑनलाइन कक्षाओं में पढ़ना चाहते हैं, उनके लिए यह सुविधा भी पहले की तरह जारी रहेगी। वहीं बच्चों को मिड-डे मील के तहत सूखा राशन पहले की तरह वितरित किया जाएगा। स्कूलों में अध्यापकों के लिए सुबह नौ से दोपहर ढाई बजे तथा बच्चों के लिए सुबह नौ से दोपहर एक बजे तक समय रहेगा।
कोट
पहले दिन स्कूलों में बच्चों की उपस्थिति 55 प्रतिशत से अधिक रही है। जो आगामी एक-दो दिन में बढ़ जाएगी, हालांकि बच्चों पर उपस्थिति के लिए किसी प्रकार का कोई दबाव नहीं है, जो बच्चे ऑनलाइन कक्षाएं जारी रखना चाहते हैं, उनके लिए यह सुविधा जारी रहेगी।
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-डॉ. खुशीराम यादव, उप जिला शिक्षा अधिकारी
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इस दौरान स्कूलों में मुख्य द्वार पर बच्चों का तापमान जांचने के पश्चात ही प्रवेश दिया गया। इसके अलावा माता-पिता के अनुमति प्रमाणपत्र की भी जांच की गई। इससे पहले एक फरवरी से दसवीं से बारहवीं की कक्षाएं शुरू हो चुकी हैं। वीरवार को सुबह से ही भारी धुंध होने के बावजूद पहले दिन पहली से नौवीं कक्षा के बच्चों का स्कूलों में पहुंचने का उत्साह कम नहीं हुआ। पहले दिन जहां सरकारी स्कूलों में बच्चों की उपस्थिति 55 प्रतिशत के करीब रही, वहीं निजी स्कूलों में यह उपस्थिति 65 प्रतिशत के करीब रही। हालांकि बच्चों पर कक्षाओं में उपस्थिति के लिए कोई दबाव नहीं है, जो बच्चे घर रहकर ऑनलाइन कक्षाओं में पढ़ना चाहते हैं, उनके लिए यह सुविधा भी पहले की तरह जारी रहेगी। वहीं बच्चों को मिड-डे मील के तहत सूखा राशन पहले की तरह वितरित किया जाएगा। स्कूलों में अध्यापकों के लिए सुबह नौ से दोपहर ढाई बजे तथा बच्चों के लिए सुबह नौ से दोपहर एक बजे तक समय रहेगा।
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कोट
पहले दिन स्कूलों में बच्चों की उपस्थिति 55 प्रतिशत से अधिक रही है। जो आगामी एक-दो दिन में बढ़ जाएगी, हालांकि बच्चों पर उपस्थिति के लिए किसी प्रकार का कोई दबाव नहीं है, जो बच्चे ऑनलाइन कक्षाएं जारी रखना चाहते हैं, उनके लिए यह सुविधा जारी रहेगी।
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-डॉ. खुशीराम यादव, उप जिला शिक्षा अधिकारी