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Rewari News: शहरवासियों को अब नियमित मिलेगा पेयजल

Sun, 30 Jun 2024 02:16 AM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी Updated Sun, 30 Jun 2024 02:16 AM IST
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City residents will now get regular drinking water
रेवाड़ी। जेएलएन नहर में आया पानी। संवाद
रेवाड़ी। शहरवासियों को पानी की किल्लत का सामना अब नहीं करना पड़ेगा। क्योंकि नहर में पानी आ चुका है। जेएलएन नहर में पानी को खत्म हुए 27 दिन हो चुके थे। 31 मई को जेएलएन नहर में पानी आना बंद हो गया था। एक जून से पानी की राशनिंग शुरू हो गई थी।
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राशनिंग के तहत शहर के एक हिस्से को एक दिन और दूसरे हिस्से को दूसरे दिन पानी दिया जा रहा था। कई लोग तो पानी का टैंकर मंगवाकर काम चला रहे थे। बता दें कि शहर की आबादी लगातार बढ़ती जा रही है। जनस्वास्थ्य विभाग की ओर से वाटर स्टोरेज क्षमता कम होने के कारण जल्दी ही पानी की राशनिंग शुरू कर दी जाती है। जेएलएन नहर के बंद होने के बाद विभाग की ओर से हर बार कम से कम एक पखवाड़े तक रोस्टर आधार पर पानी की सप्लाई की जाती है। जनस्वास्थ्य विभाग की ओर से नया वाटर वर्क्स बनाया जाना है, लेकिन लंबे समय से विभाग को जमीन नहीं मिल रही है।
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दो साल से बदला है शेड्यूल

पहले नहरी पानी का शेड्यूल 16-16 दिन का था। यानी 16 दिन नहर में पानी आता था और 16 दिन नहर बंद रहती थी। दो साल से शेड्यूल 16-24 का हो गया है। अब 16 दिन नहर में पानी आता है और 24 दिन बंद रहता है। शहर में पेयजल सप्लाई पूरी तरह नहरी पानी पर निर्भर है। रेवाड़ी को 16 दिन तक नियमित पेयजल सप्लाई की जाती है। वहीं 24 दिन तक शहर को एक दिन छोड़कर एक दिन पानी मिलता है।
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आबादी बढ़ने के साथ कम पड़ने लगी स्टोरेज क्षमता

शहर में प्रतिदिन 24.82 मिलियन लीटर से ज्यादा पानी की खपत होती है। लिसाना वाटर वर्क्स से प्रतिदिन 4.32 मिलियन लीटर पानी की खपत होती है। कालाका वाटर वर्क्स से प्रतिदिन 20.5 मिलियन लीटर पानी की खपत होती है। पब्लिक हेल्थ के पास कालाका वाटर वर्कर्स में पांच और लिसाना में पानी के दो स्टोरेज टैंक हैं। नहरी पानी के नियमित रूप से नहीं आने के कारण इन टैंकों की स्टोरेज क्षमता शहर को पर्याप्त पेयजल आपूर्ति नहीं दे पा रही है। आबादी बढ़ने के साथ टैंकों की स्टोरेज क्षमता कम पड़ने लगी है।


वर्जन

नहर में पानी आ गया है। अब लोगों को नियमित जलापूर्ति की जाएगी। किसी भी प्रकार के परेशानी नहीं होने दी जाएगी।-हेमंत कुमार, जेई, पब्लिक हेल्थ विभाग
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