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Rewari News: स्कूल छोड़ने वाले बच्चे किए जा रहे चिह्नित
Tue, 07 Jan 2025 11:26 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Tue, 07 Jan 2025 11:26 PM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
रेवाड़ी। किन्हीं कारणों से विद्यालय छोड़ने वाले बच्चों का सर्वे किया जा रहा है। इसमें लगे अध्यापक ऐसे बच्चों को चिह्नित कर उनका फिर विद्यालय में दाखिला कराएंगे।
शिक्षक घर-घर जाकर विद्यालय छोड़ने वाले बच्चों को चिह्नित कर रहे हैं ताकि उनका प्रवेश फिर विद्यालय में कराया जा सके। विद्यालय न जाने वाले बच्चों की सूची तैयार कर विद्यालय मुखिया को मुहैया कराई जाएगी। इसके बाद विद्यालय मुखिया सूची को क्लस्टर प्रमुख को मुहैया कराएंगे। विद्यालय स्तर पर शिक्षक गांव में घर-घर जाकर सर्वे करेंगे और डाटा तैयार करेंगे कि बच्चे विद्यालय जा रहे हैं या नहीं। विद्यालय नहीं जाने के कारण का उल्लेख करेंगे और आगामी सत्र में बच्चों का नामांकन कराने के लिए अभिभावकों से आग्रह करेंगे।
शिक्षा निदेशालय की ओर से भेजे गए पत्र में बताया गया है कि इस बार यह सर्वे कुल चार स्तर पर किया जाएगा। इसके लिए विभाग ने अधिकारियों के साथ-साथ अध्यापकों की भी ड्यूटी लगाई है। वहीं, इसमें विद्यालय मुखिया, सामाजिक संगठनों और कार्यकर्ताओं, विद्यालय प्रबंधन समिति, पंचायतों का भी सहयोग लिया जाएगा। इसके लिए विद्यालय से जिला स्तर पर सर्वे किया जाएगा। सर्वे से सत्र 2024-25 में विद्यालय छोड़ने वाले बच्चों को चयनित किया जाएगा। नए सत्र 2025-26 के लिए उनका दाखिला स्कूल में करवाया जाएगा, जिससे उन्हें समाज की मुख्यधारा में शामिल किया जा सके।
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शिक्षा विभाग ड्राॅप आउट बच्चों का डाटा तैयार करेगा और नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत होते ही उनका नामांकन कराया जाएगा। शैक्षणिक सत्र की शुरुआत होने से पहले विभाग की ओर से ड्रॉप आउट बच्चों का डाटा तैयार किया जाता है। उनका नामांकन भी होता है, लेकिन शैक्षणिक सत्र के बीच में ही विद्यालय छोड़ देते हैं। फिलहाल शिक्षा विभाग का लक्ष्य सड़क पर रहने वाले बच्चों, अनाथ व बेघर, प्रवासी, विमुक्त जनजातियों के समूहों की आबादी को शिक्षा के साथ जोड़ना है। शिक्षक गांव स्तर पर सर्वे करेंगे।
वर्जन
ड्रॉप आउट बच्चों को दोबारा स्कूल में पढ़ने के लिए प्रेरित किया जाएगा। सर्वे के माध्यम से रिपोर्ट तैयार की जाएगी और इन बच्चों का दाखिला करवाया जाएगा।-कपिल पूनिया, जिला शिक्षा अधिकारी रेवाड़ी।
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रेवाड़ी। किन्हीं कारणों से विद्यालय छोड़ने वाले बच्चों का सर्वे किया जा रहा है। इसमें लगे अध्यापक ऐसे बच्चों को चिह्नित कर उनका फिर विद्यालय में दाखिला कराएंगे।
शिक्षक घर-घर जाकर विद्यालय छोड़ने वाले बच्चों को चिह्नित कर रहे हैं ताकि उनका प्रवेश फिर विद्यालय में कराया जा सके। विद्यालय न जाने वाले बच्चों की सूची तैयार कर विद्यालय मुखिया को मुहैया कराई जाएगी। इसके बाद विद्यालय मुखिया सूची को क्लस्टर प्रमुख को मुहैया कराएंगे। विद्यालय स्तर पर शिक्षक गांव में घर-घर जाकर सर्वे करेंगे और डाटा तैयार करेंगे कि बच्चे विद्यालय जा रहे हैं या नहीं। विद्यालय नहीं जाने के कारण का उल्लेख करेंगे और आगामी सत्र में बच्चों का नामांकन कराने के लिए अभिभावकों से आग्रह करेंगे।
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शिक्षा निदेशालय की ओर से भेजे गए पत्र में बताया गया है कि इस बार यह सर्वे कुल चार स्तर पर किया जाएगा। इसके लिए विभाग ने अधिकारियों के साथ-साथ अध्यापकों की भी ड्यूटी लगाई है। वहीं, इसमें विद्यालय मुखिया, सामाजिक संगठनों और कार्यकर्ताओं, विद्यालय प्रबंधन समिति, पंचायतों का भी सहयोग लिया जाएगा। इसके लिए विद्यालय से जिला स्तर पर सर्वे किया जाएगा। सर्वे से सत्र 2024-25 में विद्यालय छोड़ने वाले बच्चों को चयनित किया जाएगा। नए सत्र 2025-26 के लिए उनका दाखिला स्कूल में करवाया जाएगा, जिससे उन्हें समाज की मुख्यधारा में शामिल किया जा सके।
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शिक्षा विभाग ड्राॅप आउट बच्चों का डाटा तैयार करेगा और नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत होते ही उनका नामांकन कराया जाएगा। शैक्षणिक सत्र की शुरुआत होने से पहले विभाग की ओर से ड्रॉप आउट बच्चों का डाटा तैयार किया जाता है। उनका नामांकन भी होता है, लेकिन शैक्षणिक सत्र के बीच में ही विद्यालय छोड़ देते हैं। फिलहाल शिक्षा विभाग का लक्ष्य सड़क पर रहने वाले बच्चों, अनाथ व बेघर, प्रवासी, विमुक्त जनजातियों के समूहों की आबादी को शिक्षा के साथ जोड़ना है। शिक्षक गांव स्तर पर सर्वे करेंगे।
वर्जन
ड्रॉप आउट बच्चों को दोबारा स्कूल में पढ़ने के लिए प्रेरित किया जाएगा। सर्वे के माध्यम से रिपोर्ट तैयार की जाएगी और इन बच्चों का दाखिला करवाया जाएगा।-कपिल पूनिया, जिला शिक्षा अधिकारी रेवाड़ी।