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Rewari News: नागरिक अस्पताल में अब निशुल्क होगी कीमोथेरेपी
Wed, 25 Feb 2026 10:29 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Wed, 25 Feb 2026 10:29 PM IST
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रेवाड़ी। नागरिक अस्पताल रेवाड़ी। संवाद
रेवाड़ी। कैंसर पीड़ितों के लिए नागरिक अस्पताल में बने डे केयर कैंसर यूनिट की शुरूआत हो गई है। खास बात है कि अब जिले के कैंसर मरीजों को इलाज के लिए दूसरे शहरों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। मरीजों की कीमोथेरेपी अब नागरिक अस्पताल में ही मुफ्त में होगी।
अभी तक जिले में सरकारी स्तर पर कीमोथेरेपी की सुविधा उपलब्ध नहीं थी। इस कारण जिले के 502 मरीजों को कीमोथेरेपी के लिए रोहतक पीजीआई, झज्जर के नेशनल कैंसर इंस्टीट्यूट (एनसीआई) या दिल्ली के बड़े अस्पतालों में जाना पड़ता था। कीमोथेरेपी सिविल अस्पताल में ही हो सकेगी।
सिविल अस्पताल में मरीजों की स्क्रीनिंग होगी। यदि किसी मरीज को कोई लक्षण दिखते हैं तो उसे फिर पुषिट के लिए झज्जर एम्स में भेजा जाएगा। क्योंकि यहां सिविल में बायोप्सी की सुविधा नहीं है। वहां पर बायोप्सी के बाद मरीज कंफर्म होगा। उसके बाद मरीज को कीमोथेरेपी के लिए रेवाड़ी में रेफर किया जाएगा।
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निजी में कीमोथेरेपी पर होता है काफी खर्च
कैंसर का इलाज निजी अस्पतालों में महंगा है। निजी में कीमोथेरेपी की प्रति साइकिल का खर्च औसतन 20 हजार से डेढ़ लाख रुपये है। साथ ही खर्च इस बात पर निर्भर करता है कि कैंसर किस स्टेज पर है और कौन-सी दवाएं इस्तेमाल की जा रही हैं। कुछ मामलों में एक सेशन का खर्च 2 लाख रुपये के पार भी चला जाता है। ऐसे में सरकारी में यह सुविधा शुरू होना वरदान से कम नहीं है।
वर्जन
कैंसर डे केयर सेंटर का शुभारंभ हो गया है। यह नई बिल्डिंग के तीसरी मंजिल पर बनाया गया है। इसमें मरीजों का मुफ्त इलाज होगा। झज्जर एम्स से रेवाड़ी के मरीजों की लिस्ट आएगी, जिनकी यहां पर कीमोथेरेपी होनी है। इसके लिए दो चिकित्सक व दो स्टाफ को ट्रेनिंग दिलवाई जा चुकी है। साथ ही अस्पताल में कीमोथेरेपी के लिए सभी दवाइयां और सुविधाएं उपलब्ध हैं।- डॉ. रितू यादव, एनसीडी जिला नोडल अधिकारी
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अभी तक जिले में सरकारी स्तर पर कीमोथेरेपी की सुविधा उपलब्ध नहीं थी। इस कारण जिले के 502 मरीजों को कीमोथेरेपी के लिए रोहतक पीजीआई, झज्जर के नेशनल कैंसर इंस्टीट्यूट (एनसीआई) या दिल्ली के बड़े अस्पतालों में जाना पड़ता था। कीमोथेरेपी सिविल अस्पताल में ही हो सकेगी।
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सिविल अस्पताल में मरीजों की स्क्रीनिंग होगी। यदि किसी मरीज को कोई लक्षण दिखते हैं तो उसे फिर पुषिट के लिए झज्जर एम्स में भेजा जाएगा। क्योंकि यहां सिविल में बायोप्सी की सुविधा नहीं है। वहां पर बायोप्सी के बाद मरीज कंफर्म होगा। उसके बाद मरीज को कीमोथेरेपी के लिए रेवाड़ी में रेफर किया जाएगा।
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निजी में कीमोथेरेपी पर होता है काफी खर्च
कैंसर का इलाज निजी अस्पतालों में महंगा है। निजी में कीमोथेरेपी की प्रति साइकिल का खर्च औसतन 20 हजार से डेढ़ लाख रुपये है। साथ ही खर्च इस बात पर निर्भर करता है कि कैंसर किस स्टेज पर है और कौन-सी दवाएं इस्तेमाल की जा रही हैं। कुछ मामलों में एक सेशन का खर्च 2 लाख रुपये के पार भी चला जाता है। ऐसे में सरकारी में यह सुविधा शुरू होना वरदान से कम नहीं है।
वर्जन
कैंसर डे केयर सेंटर का शुभारंभ हो गया है। यह नई बिल्डिंग के तीसरी मंजिल पर बनाया गया है। इसमें मरीजों का मुफ्त इलाज होगा। झज्जर एम्स से रेवाड़ी के मरीजों की लिस्ट आएगी, जिनकी यहां पर कीमोथेरेपी होनी है। इसके लिए दो चिकित्सक व दो स्टाफ को ट्रेनिंग दिलवाई जा चुकी है। साथ ही अस्पताल में कीमोथेरेपी के लिए सभी दवाइयां और सुविधाएं उपलब्ध हैं।- डॉ. रितू यादव, एनसीडी जिला नोडल अधिकारी