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चंडीगढ़ की टीम करेगी सीवरेज प्रोजेक्ट की जांच
अमर उजाला ब्यूरो/रेवाड़ी
Updated Thu, 27 Aug 2015 12:46 AM IST
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पांच साल पहले मुख्यमंत्री की घोषणा के बाद धारूहेड़ा में पूर्व मंत्री कप्तान अजय सिंह यादव के प्रयासों से वर्ष 2013 में शुरू हुआ सीवरेज का काम करीब एक साल से बजट के अभाव में अधर में लटका पड़ा हुआ है।
करीब एक साल से बंद पडे़ कार्य को पूरा करवाने के लिए जनस्वास्थ्य विभाग एक साल से बजट की बाट जोह रहा है। सुविधा के लिए बनाए गए चैंबर अधिक ऊंचाई पर होने के कारण परेशानी का सबब बने हुए हैं।
अधूरे पडे़ कार्य से परेशान सुधार समिति के पदाधिकारी की शिकायत पर संज्ञान लेते हुए अधूरे पडे़ सीवरेज कार्य की जांच चंडीगढ मुख्यालय ने एक टीम को सौंपी है, जो कि मौके पर जाकर सीवरेज प्रोजेक्ट की जांच करेगी।
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गौरतलब है कि वर्ष 2010 में मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने धारूहेड़ा में 18 करोड़ की लागत से सीवरेज लाइन बिछाने की घोषणा की थी। करीब तीन साल के बाद अप्रैल 2013 में कार्य की मंजूरी मिलने पर कस्बे में सीवरेज का कार्य शुरू किया गया था।
एरिया ज्यादा होने के कारण अगस्त 2014 तक 20 प्रतिशत कार्य ही पूरा हो सका और बजट के अभाव में 80 फीसदी कार्य अधूरा पड़ा हुआ है।
ऊंचे चैंबर बने समस्या
जो चैंबर ठेकेदार की ओर से बनाए गए हैं, उनकी ऊंचाई इतनी ज्यादा है कि कालोनियों में वाहनों का आवागमन बाधित हो गया है। इतना ही नहीं पानी की निकासी के अभाव में जगह-जगह गलियों में दूषित पानी जमा होने लगा है। इतना ही नहीं 14 अगस्त को गली से गुजरते समय एक बुजुर्ग कीचड़ होने से गिर गया था। उसका सिर चेंबर से टकराने के बाद बुजुर्ग की मौत हो गई थी।
-नहीं हुआ काम पूरा
कस्बे में 18 करोड़ रुपये के बजट से अप्रैल 2014 तक सीवरेज कार्य को पूरा करना था, लेकिन बजट खत्म होने के कारण करीब एक साल से काम अधूरा पडा हुआ है। बजट कांग्रेस सरकार के समय पास हुआ था तथा अब वर्तमान में भाजपा की सरकार आने से बार-बार बजट बढाने के प्रयास किए जा रहे हैं।
टूटी सड़क के लिए जिम्मेदार कौन
जनस्वास्थ्य विभाग की ओर से सीवरेज लाइन बिछाने के लिए गलियों में बनाई गई सड़क टूट गई है, ऐसे न तो लोक निर्माण विभाग, न ही नगर पालिका का तथा न ही ठेकेदार इस सडक को ठीक करने की जिम्मेदारी ले रहा है। जगह-जगह टूटी सड़क भी लोगों के लिए परेशानी का सबब बनी हुई है।
चैंबरों को ठीक करवाने के लिए लगाई सीएम विंडो पर गुहार
अधूरे पडे़ सीवरेज के कार्य से परेशान होकर समाजसेवी ने सीएम विंडो पर अधूरे कार्य को पूरा करने तथा ऊंचे चैंबरों को नीचा करने की गुहार लगाई थी। अभी हाल में मामले की जांच के लिए चंडीगढ़ से एक टीम को यहां आने के निर्देश मिले हैं, जो इसकी जांच रिपोर्ट मुख्यालय को सौंपेगी।
-राकेश सैनी, नगर सुधार समिति
मुझे 18 करोड़ का बजट दिया गया था, लेकिन बास रोड पर एरिया ज्यादा होने के कारण बजट खत्म हो चुका है। बजट और मिलते ही अधूरे कार्य को पूरा कर दिया जाएगा।
-सचिन, ठेकेदार, सीवरेज
अधूरे पडे़ सीवरेज प्रोजेक्ट को लेकर लोक निर्माण मंत्री राव नरबीर से भी कार्य को पूरा करने की मांग की गई है। मंत्री ने आश्वासन दिया है कि जल्द ही बजट को बढवाकर अधूरे काम को पूरा कराया जाएगा।
-डीके सैनी, उपचेयरमैन, नपा, धारूहेड़ा
एक करोड़ का बजट बढ़ाने के लिए उच्चाधिकारियों को अवगत कराया गया है। बजट आते ही अधूरे कार्य को पूरा करवा दिया जाएगा। बजट के अभाव में कार्य बंद है।
-दीपक जेई, जन स्वास्थ्य विभाग, रेवाड़ी
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करीब एक साल से बंद पडे़ कार्य को पूरा करवाने के लिए जनस्वास्थ्य विभाग एक साल से बजट की बाट जोह रहा है। सुविधा के लिए बनाए गए चैंबर अधिक ऊंचाई पर होने के कारण परेशानी का सबब बने हुए हैं।
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अधूरे पडे़ कार्य से परेशान सुधार समिति के पदाधिकारी की शिकायत पर संज्ञान लेते हुए अधूरे पडे़ सीवरेज कार्य की जांच चंडीगढ मुख्यालय ने एक टीम को सौंपी है, जो कि मौके पर जाकर सीवरेज प्रोजेक्ट की जांच करेगी।
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गौरतलब है कि वर्ष 2010 में मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने धारूहेड़ा में 18 करोड़ की लागत से सीवरेज लाइन बिछाने की घोषणा की थी। करीब तीन साल के बाद अप्रैल 2013 में कार्य की मंजूरी मिलने पर कस्बे में सीवरेज का कार्य शुरू किया गया था।
एरिया ज्यादा होने के कारण अगस्त 2014 तक 20 प्रतिशत कार्य ही पूरा हो सका और बजट के अभाव में 80 फीसदी कार्य अधूरा पड़ा हुआ है।
ऊंचे चैंबर बने समस्या
जो चैंबर ठेकेदार की ओर से बनाए गए हैं, उनकी ऊंचाई इतनी ज्यादा है कि कालोनियों में वाहनों का आवागमन बाधित हो गया है। इतना ही नहीं पानी की निकासी के अभाव में जगह-जगह गलियों में दूषित पानी जमा होने लगा है। इतना ही नहीं 14 अगस्त को गली से गुजरते समय एक बुजुर्ग कीचड़ होने से गिर गया था। उसका सिर चेंबर से टकराने के बाद बुजुर्ग की मौत हो गई थी।
-नहीं हुआ काम पूरा
कस्बे में 18 करोड़ रुपये के बजट से अप्रैल 2014 तक सीवरेज कार्य को पूरा करना था, लेकिन बजट खत्म होने के कारण करीब एक साल से काम अधूरा पडा हुआ है। बजट कांग्रेस सरकार के समय पास हुआ था तथा अब वर्तमान में भाजपा की सरकार आने से बार-बार बजट बढाने के प्रयास किए जा रहे हैं।
टूटी सड़क के लिए जिम्मेदार कौन
जनस्वास्थ्य विभाग की ओर से सीवरेज लाइन बिछाने के लिए गलियों में बनाई गई सड़क टूट गई है, ऐसे न तो लोक निर्माण विभाग, न ही नगर पालिका का तथा न ही ठेकेदार इस सडक को ठीक करने की जिम्मेदारी ले रहा है। जगह-जगह टूटी सड़क भी लोगों के लिए परेशानी का सबब बनी हुई है।
चैंबरों को ठीक करवाने के लिए लगाई सीएम विंडो पर गुहार
अधूरे पडे़ सीवरेज के कार्य से परेशान होकर समाजसेवी ने सीएम विंडो पर अधूरे कार्य को पूरा करने तथा ऊंचे चैंबरों को नीचा करने की गुहार लगाई थी। अभी हाल में मामले की जांच के लिए चंडीगढ़ से एक टीम को यहां आने के निर्देश मिले हैं, जो इसकी जांच रिपोर्ट मुख्यालय को सौंपेगी।
-राकेश सैनी, नगर सुधार समिति
मुझे 18 करोड़ का बजट दिया गया था, लेकिन बास रोड पर एरिया ज्यादा होने के कारण बजट खत्म हो चुका है। बजट और मिलते ही अधूरे कार्य को पूरा कर दिया जाएगा।
-सचिन, ठेकेदार, सीवरेज
अधूरे पडे़ सीवरेज प्रोजेक्ट को लेकर लोक निर्माण मंत्री राव नरबीर से भी कार्य को पूरा करने की मांग की गई है। मंत्री ने आश्वासन दिया है कि जल्द ही बजट को बढवाकर अधूरे काम को पूरा कराया जाएगा।
-डीके सैनी, उपचेयरमैन, नपा, धारूहेड़ा
एक करोड़ का बजट बढ़ाने के लिए उच्चाधिकारियों को अवगत कराया गया है। बजट आते ही अधूरे कार्य को पूरा करवा दिया जाएगा। बजट के अभाव में कार्य बंद है।
-दीपक जेई, जन स्वास्थ्य विभाग, रेवाड़ी