फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Rewari News ›   Chandigarh headquarters will send draft of action plan to stop contaminated water.

Rewari News: दूषित पानी रोकने के लिए कार्य योजना का ड्राफ्ट भेजेंगे चंडीगढ़ मुख्यालय

Fri, 25 Oct 2024 01:43 AM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी Updated Fri, 25 Oct 2024 01:43 AM IST
विज्ञापन
Chandigarh headquarters will send draft of action plan to stop contaminated water.
धारूहेड़ा। भिवाड़ी क्षेत्र से धारूहेड़ा में आ रहे दूषित पानी की समस्या के समाधान को लेकर उपायुक्त अभिषेक मीणा ने वीरवार को मौके का मुआयना किया। साथ ही साहबी बैराज का भी जायजा लिया गया। एचएसवीपी, पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड, जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी, सिंचाई, एचएसआईआईडीसी सहित संबंधित विभागों के अधिकारियों को दूषित पानी को धारूहेड़ा के इलाके में आने से रोकने के लिए चर्चा की गई।
विज्ञापन

इससे पूर्व स्थानीय लघु सचिवालय में भी अधिकारियों की बैठक का आयोजन किया गया, जिसमें प्रस्तावित कार्य योजनाओं पर विस्तारपूर्वक चर्चा की गई। पानी को रोकने के लिए कार्य योजना के ड्राफ्ट जल्द से जल्द चंडीगढ़ मुख्यालय को मंजूरी के लिए भेजे जाने के निर्देश दिए गए।
विज्ञापन

धारूहेड़ा में एक रैंप बनाया गया है, ताकि भिवाड़ी का दूषित पानी प्रवेश न कर सके। हालांकि, फिर भी भिवाड़ी गुपचुप तरीके से धारूहेड़ा में पानी छोड़ ही देता है। लोग भी समस्या से निजात पाने के लिए लंबे समय से इंतजार कर रहे हैं। उसके बावजूद स्थिति जस की तस बनी हुई है। ऐसे में धारूहेड़ा के लोग भी काफी चिंतित हैं। एक तरफ से आना जाना लोगों का काफी मुश्किल हो चुका है। स्थाई समाधान न होने से व्यापार भी काफी प्रभावित हो रहा है। दोनों राज्यों में भाजपा की सरकार होने के बावजूद स्थाई समाधान नहीं हुआ।
विज्ञापन
विज्ञापन



पूर्व सीएम मनोहर लाल भी देखने पहुंचे थे रैंप

भिवाड़ी के औद्योगिक क्षेत्र का दूषित पानी घुसने की करीब दो दशक पुरानी शिकायत है। इसी को लेकर प्रशासन द्वारा धारूहेड़ा-भिवाड़ी के बीच सीमा में एक रैंप बनाया था। पिछले वर्ष 30 जुलाई को हरियाणा के पूर्व सीएम मनोहर लाल ने अलवर और रेवाड़ी के उच्च अधिकारियों के साथ बैठक की थी और उन्हें गंदे पानी के प्रवाह को रोकने के लिए कदम उठाने का आदेश दिया था। राजस्थान के अफसरों ने इस पानी के समाधान के लिए कदम नहीं उठाए। तिजारा विधायक बाबा बालक नाथ पिछले वर्ष नवंबर में रैंप को तोड़ने पहुंचे थे, लेकिन प्रशासनिक दखल के बाद वह वापस चले गए। कुछ माह पहले राजस्थान पुलिस की तरफ से सीमा पर बैरिकेड्स लगाने को लेकर भी धारूहेड़ा पुलिस के साथ धक्का मुक्का हो चुकी थी, तब भी काफी विवाद हुआ था।


गांवों में घुल रहा है जहर, रिपोर्ट के महत्वपूर्ण तथ्य

गांव खरखड़ा निवासी प्रकाश यादव ने बताया कि साहबी बैराज में एसटीपी प्लाट की तरफ से वर्षों से छोड़े जा रहे प्रदूषित पानी की वजह से आसपास के दर्जनों गांवों का भूमिगत जलस्तर और पीने का पानी भी अपनी गुणवत्ता खो चुका है। जुलाई में जिले के डुंगरवास, मसानी, खलियावास, रसगन, खरखड़ा, निखरी, ततारपुर खालसा और भटसाना गांवों में पेयजल की गुणवत्ता पर गंभीर रिपोर्ट ने गंभीर सवाल खड़े किए हैं। सभी क्षेत्र साहबी बैराज के आसपास के लगते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed