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Rewari News: सांग सम्राट मास्टर नेकीराम के नाम पर आईजीयू में चेयर स्थापित
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आईजीयू प्रशासन को आभार जताता प्रतिनिधिमंडल। स्रोत : संस्था
रेवाड़ी। सांग सम्राट व लोक कवि मास्टर नेकीराम के नाम पर इंदिरा गांधी विश्वविद्यालय में मास्टर नेकीराम चेयर स्थापित होने पर विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधिमंडल ने वाइस चांसलर प्रो. असीम मिगलानी और रजिस्ट्रार प्रो. दिलबाग सिंह से मिलकर विश्वविद्यालय प्रशासन का आभार जताया।
इस मौके पर रजिस्ट्रार प्रो. दिलबाग सिंह ने कहा कि इस चेयर के माध्यम से मास्टर नेकीराम और अन्य लोक कवियों द्वारा रचित साहित्य, उनकी सांग परंपरा का हरियाणवी सांग मंचन में योगदान आदि विषय पर जल्द शोध कार्य, सेमिनार व विभिन्न कार्यक्रम शुरू किए जाएंगे।
सांग सम्राट मास्टर नेकीराम साहित्य कला मंच के अध्यक्ष व पूर्व बीईओ सुंदरलाल भांडोरिया ने बताया कि इस चेयर की स्थापना से लोक कला साधकों, लोक संस्कृति और साहित्य प्रेमियों सहित पूरे इलाके में खुशी का माहौल है। यह चेयर मास्टर नेकीराम और अन्य लोक कवियों द्वारा रचित साहित्य पर शोध कार्य करने के क्षेत्र में मील का पत्थर साबित होगी।
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उन्होंने बताया कि रेवाड़ी के गांव जैतड़ावास में जन्मे सांग सम्राट व लोक कवि मास्टर नेकीराम ने दर्जनों हरियाणवी सांगों का सृजन करते हुए उनका 60 वर्षों तक निरंतर मंचन किया और स्वतंत्रता संग्राम में भी राष्ट्रीय एवं जन जागृति के लिए अपना प्रेरक योगदान दिया।
इनके पिता प्रसिद्ध संगीताचार्य मास्टर मूलचंद व पुत्र सांगी मास्टर राजेंद्र सिंह सहित इनकी तीन पीढ़ियों ने निरंतर सौ वर्षों तक सांग कला का संरक्षण व संवर्धन किया जिसके कारण इनके घराने को हरियाणा के प्रमुख सांग घरानों में गिना जाता है।
बताया कि मास्टर नेकीराम साहित्य एवं लोकनाट्य कला संरक्षण परिषद, माता रमाबाई सामाजिक उत्थान संस्था, श्री गुरु रविदास मंदिर व हॉस्टल, सेवा स्तंभ, हजरस, आवाज फाउंडेशन हरियाणा, मेघवाल कल्याण सभा, अखिल भारतीय मानव कष्ट निवारण समिति, ऑल हरियाणा शेड्यूल्ड कास्ट एंपलाइज फेडरेशन, श्री गुरु रविदास विश्व महापीठ, मिशन इक्वलिटी, दलित कष्ट निवारण समिति के सामूहिक प्रयास रंग लाए।
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इस मौके पर रजिस्ट्रार प्रो. दिलबाग सिंह ने कहा कि इस चेयर के माध्यम से मास्टर नेकीराम और अन्य लोक कवियों द्वारा रचित साहित्य, उनकी सांग परंपरा का हरियाणवी सांग मंचन में योगदान आदि विषय पर जल्द शोध कार्य, सेमिनार व विभिन्न कार्यक्रम शुरू किए जाएंगे।
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सांग सम्राट मास्टर नेकीराम साहित्य कला मंच के अध्यक्ष व पूर्व बीईओ सुंदरलाल भांडोरिया ने बताया कि इस चेयर की स्थापना से लोक कला साधकों, लोक संस्कृति और साहित्य प्रेमियों सहित पूरे इलाके में खुशी का माहौल है। यह चेयर मास्टर नेकीराम और अन्य लोक कवियों द्वारा रचित साहित्य पर शोध कार्य करने के क्षेत्र में मील का पत्थर साबित होगी।
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उन्होंने बताया कि रेवाड़ी के गांव जैतड़ावास में जन्मे सांग सम्राट व लोक कवि मास्टर नेकीराम ने दर्जनों हरियाणवी सांगों का सृजन करते हुए उनका 60 वर्षों तक निरंतर मंचन किया और स्वतंत्रता संग्राम में भी राष्ट्रीय एवं जन जागृति के लिए अपना प्रेरक योगदान दिया।
इनके पिता प्रसिद्ध संगीताचार्य मास्टर मूलचंद व पुत्र सांगी मास्टर राजेंद्र सिंह सहित इनकी तीन पीढ़ियों ने निरंतर सौ वर्षों तक सांग कला का संरक्षण व संवर्धन किया जिसके कारण इनके घराने को हरियाणा के प्रमुख सांग घरानों में गिना जाता है।
बताया कि मास्टर नेकीराम साहित्य एवं लोकनाट्य कला संरक्षण परिषद, माता रमाबाई सामाजिक उत्थान संस्था, श्री गुरु रविदास मंदिर व हॉस्टल, सेवा स्तंभ, हजरस, आवाज फाउंडेशन हरियाणा, मेघवाल कल्याण सभा, अखिल भारतीय मानव कष्ट निवारण समिति, ऑल हरियाणा शेड्यूल्ड कास्ट एंपलाइज फेडरेशन, श्री गुरु रविदास विश्व महापीठ, मिशन इक्वलिटी, दलित कष्ट निवारण समिति के सामूहिक प्रयास रंग लाए।