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Rewari News: 40 दुकानों का मामला... मार्केट कमेटी की दायर याचिकाओं को एसडीएम कोर्ट ने किया खारिज
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सब्जी मंडी के सामने मार्केट कमेटी की स्थित दुकानें। संवाद
- फोटो : मंदिर पर कब्जे की शिकायत करने अलीगंज एसडीएम पहुंचे ग्रामीण।
प्रवेश चौहान
रेवाड़ी। शहर के नाई वाली चौक स्थित सब्जी मंडी के सामने मार्केट कमेटी की 40 दुकानों के मामले को लेकर एसडीएम कोर्ट ने तकनीकी खामी के कारण तीन याचिकाओं को खारिज कर दिया है। मार्केट कमेटी रेवाड़ी ने दुकानों को खंडहर हालत में बताते हुए कब्जाधारी दुकानदारों से खाली करने के लिए एसडीएम रेवाड़ी की अदालत में पब्लिक फ्री मैसेज एक्ट के तहत मांग की थी।
इस मामले में काफी लंबे समय से विवाद बना हुआ था, क्योंकि दुकानों में मौजूद किराएदार स्वयं को मुख्यमंत्री स्वामित्व योजना के तहत दुकान का मालिक बनाने की गुहार लगा रहे हैं। दुकान के किराएदारों का कहना है कि वह नई पॉलिसी के तहत मालिक बनने के अधिकारी हैं, लेकिन मार्केट कमेटी की ओर से इन दुकानदारों को पब्लिक प्रेमिसेस एक्ट में अवैध कब्जाधारी बताते हुए व दुकान की गिराऊ हालत को देखते हुए खाली करने के लिए आदेश लेने हेतु एसडीएम कोर्ट में याचिका दायर की गई थी।
इन याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए आयुक्त गुरुग्राम मंडल ने भी पिछले साल अपने आदेश में एसडीएम कोर्ट को 2 माह के अंदर आदेश करने के निर्देश जारी किए थे। मुख्यमंत्री स्वामित्व योजना के तहत दुकानदारों की ओर से किए गए आवेदन के बाद मार्केट कमेटी ने ऐसे किराएदार, जिन्होंने 20 साल तक या उसके बाद तक किराया अदा किया हुआ है, उनका नाम केस से वापस लेने के लिए बयान दे दिया था।
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कुछ ऐसे दुकानदारों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की गई थी, जो न तो किराएदार हैं और न ही मार्केट कमेटी के रिकॉर्ड में दर्ज चले आते हैं। इसके साथ ही उन्होंने स्वामित्व योजना के तहत आवेदन भी नहीं किया हुआ है। फिलहाल तकनीकी खामियों के चलते याचिकाओं को खारिज कर दिया गया है। इसके साथ ही निर्देश दिए गए हैं कि इन याचिकाओं को जिनके खिलाफ बेदखली की कार्रवाई की जानी है, नए सिरे से दायर किया जाए।
वर्ष 2016 से ही चल रही है कानूनी कार्रवाई
मार्केट कमेटी के अंतर्गत आने वाली इन सभी 40 दुकानों को खाली करने के लिए कार्रवाई साल 2016 से ही विभिन्न अदालत में चल रही है। दुकानदारों को 11 अप्रैल 2016 व 27 जून 2016 को नोटिस भेजकर दुकान खाली करने के लिए लिखा गया था। दुकानों की खस्ताहाल स्थिति के कारण दुकान खाली कराई जानी थी, जिसके बाद मार्केट कमेटी ने एसडीएम कोर्ट में पब्लिक प्रेमिसेस एक्ट के तहत बेदखल करने की कार्रवाई शुरू की थी, लेकिन उस समय एसडीएम कोर्ट में यह कहते हुए याचिका दोबारा से डालने के लिए निर्देश दिए थे कि कुछ दुकानों के मूल किराएदार की मृत्यु हो चुकी है, इसलिए उनके वारिसों को पक्षकार बनाकर नए सिरे से पिटीशन दायर की जाए। तब से मामला चल रहा है।
दुकानदार बोले- दुकानें हमारे हक की
दुकानदारों सभी दुकानों से बकाया किराया राशि जमा करवाकर उन्हें उनकी दुकानों का मालिकाना हक देने का अनुरोध किया है। सरकार के सहयोग और समर्थन से अनुकूल परिस्थितियों के चलते अब प्रशासन ने नोटिफिकेशन भी जारी कर दिया, ताकि सभी दुकानदारों का पिछले अनेक वर्षों से लंबित किराया जमा हो और उन्हें उनकी दुकान का मलिकाना हक मिले। कहा है कि स्वामित्व योजना के तहत दुकानों का मालिकाना हक मिलना उनका अधिकार है।
वर्जन
40 दुकानें अलॉट करने को लेकर बहुत पहले ही मुख्यालय से आदेश दिए गए हैं। मगर अभी तक दुकान अलॉट करने को लेकर मार्केट कमेटी ने कोई भी कदम नहीं उठाया है। किराएदार इन दुकानों के असली मालिक हैं और नियमों को भी पूरा करते हैं। जल्द से जल्द दुकानों को अलॉट किया जाए।
-सुरेंद्र अग्गी, प्रधान, नई सब्जी मंडी व्यापार मंडल (नाई वाली चौक)
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रेवाड़ी। शहर के नाई वाली चौक स्थित सब्जी मंडी के सामने मार्केट कमेटी की 40 दुकानों के मामले को लेकर एसडीएम कोर्ट ने तकनीकी खामी के कारण तीन याचिकाओं को खारिज कर दिया है। मार्केट कमेटी रेवाड़ी ने दुकानों को खंडहर हालत में बताते हुए कब्जाधारी दुकानदारों से खाली करने के लिए एसडीएम रेवाड़ी की अदालत में पब्लिक फ्री मैसेज एक्ट के तहत मांग की थी।
इस मामले में काफी लंबे समय से विवाद बना हुआ था, क्योंकि दुकानों में मौजूद किराएदार स्वयं को मुख्यमंत्री स्वामित्व योजना के तहत दुकान का मालिक बनाने की गुहार लगा रहे हैं। दुकान के किराएदारों का कहना है कि वह नई पॉलिसी के तहत मालिक बनने के अधिकारी हैं, लेकिन मार्केट कमेटी की ओर से इन दुकानदारों को पब्लिक प्रेमिसेस एक्ट में अवैध कब्जाधारी बताते हुए व दुकान की गिराऊ हालत को देखते हुए खाली करने के लिए आदेश लेने हेतु एसडीएम कोर्ट में याचिका दायर की गई थी।
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इन याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए आयुक्त गुरुग्राम मंडल ने भी पिछले साल अपने आदेश में एसडीएम कोर्ट को 2 माह के अंदर आदेश करने के निर्देश जारी किए थे। मुख्यमंत्री स्वामित्व योजना के तहत दुकानदारों की ओर से किए गए आवेदन के बाद मार्केट कमेटी ने ऐसे किराएदार, जिन्होंने 20 साल तक या उसके बाद तक किराया अदा किया हुआ है, उनका नाम केस से वापस लेने के लिए बयान दे दिया था।
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कुछ ऐसे दुकानदारों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की गई थी, जो न तो किराएदार हैं और न ही मार्केट कमेटी के रिकॉर्ड में दर्ज चले आते हैं। इसके साथ ही उन्होंने स्वामित्व योजना के तहत आवेदन भी नहीं किया हुआ है। फिलहाल तकनीकी खामियों के चलते याचिकाओं को खारिज कर दिया गया है। इसके साथ ही निर्देश दिए गए हैं कि इन याचिकाओं को जिनके खिलाफ बेदखली की कार्रवाई की जानी है, नए सिरे से दायर किया जाए।
वर्ष 2016 से ही चल रही है कानूनी कार्रवाई
मार्केट कमेटी के अंतर्गत आने वाली इन सभी 40 दुकानों को खाली करने के लिए कार्रवाई साल 2016 से ही विभिन्न अदालत में चल रही है। दुकानदारों को 11 अप्रैल 2016 व 27 जून 2016 को नोटिस भेजकर दुकान खाली करने के लिए लिखा गया था। दुकानों की खस्ताहाल स्थिति के कारण दुकान खाली कराई जानी थी, जिसके बाद मार्केट कमेटी ने एसडीएम कोर्ट में पब्लिक प्रेमिसेस एक्ट के तहत बेदखल करने की कार्रवाई शुरू की थी, लेकिन उस समय एसडीएम कोर्ट में यह कहते हुए याचिका दोबारा से डालने के लिए निर्देश दिए थे कि कुछ दुकानों के मूल किराएदार की मृत्यु हो चुकी है, इसलिए उनके वारिसों को पक्षकार बनाकर नए सिरे से पिटीशन दायर की जाए। तब से मामला चल रहा है।
दुकानदार बोले- दुकानें हमारे हक की
दुकानदारों सभी दुकानों से बकाया किराया राशि जमा करवाकर उन्हें उनकी दुकानों का मालिकाना हक देने का अनुरोध किया है। सरकार के सहयोग और समर्थन से अनुकूल परिस्थितियों के चलते अब प्रशासन ने नोटिफिकेशन भी जारी कर दिया, ताकि सभी दुकानदारों का पिछले अनेक वर्षों से लंबित किराया जमा हो और उन्हें उनकी दुकान का मलिकाना हक मिले। कहा है कि स्वामित्व योजना के तहत दुकानों का मालिकाना हक मिलना उनका अधिकार है।
वर्जन
40 दुकानें अलॉट करने को लेकर बहुत पहले ही मुख्यालय से आदेश दिए गए हैं। मगर अभी तक दुकान अलॉट करने को लेकर मार्केट कमेटी ने कोई भी कदम नहीं उठाया है। किराएदार इन दुकानों के असली मालिक हैं और नियमों को भी पूरा करते हैं। जल्द से जल्द दुकानों को अलॉट किया जाए।
-सुरेंद्र अग्गी, प्रधान, नई सब्जी मंडी व्यापार मंडल (नाई वाली चौक)