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Rewari News: पीएमएफएमई का लाभ लेने का आह्वान
Wed, 21 May 2025 11:17 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Wed, 21 May 2025 11:17 PM IST
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रेवाड़ी। केंद्र सरकार की प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना (पीएमएफएमई) का लाभ पहुंचाने के लिए अधिक से अधिक प्रचार-प्रसार किया जा रहा है।
उपायुक्त अभिषेक मीणा ने बताया कि प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना का उद्देश्य सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों को बढ़ावा देना है। इस योजना के तहत एफपीओ, एसएचजी, सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण उद्यमियों और सहकारी समितियां को लाभ पहुंचाया जा सकता है। योजना का लाभ लें।
इस योजना के तहत सरकार द्वारा फूड प्रोसेसिंग और अन्य सामान्य सुविधाओं जैसे सोर्टिंग- ग्रेडिंग, वेयर हाउस, फार्म गेट कोल्डस्टोर्स, खाद्य उत्पादों हेतु सामान्य प्रसंस्करण सुविधाओं के लिए 35 प्रतिशत तक सब्सिडी व 3 करोड़ रुपये तक का ऋण मुहैया करवाया जा रहा है।
इस योजना का उद्देश्य ऋण लिंक्ड सब्सिडी के माध्यम से 2 लाख सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण को सहायता प्रदान कर उनका विकास करना है। ये उद्योग सिर्फ भारत ही नहीं बल्कि ग्लोबल सप्लाई और वैल्यू चैन को सशक्त करने में बड़ी भूमिका निभा रहे हैं।
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इस योजना से न केवल सूक्ष्म उद्योगों को मजबूती मिल रही है बल्कि रोजगार के नए अवसर भी पैदा हो रहे हैं। उन्होंने बताया कि एक सुविकसित खाद्य प्रसंस्करण सेक्टर जिसमें प्रसंस्करण का प्रतिशत अधिक हो, अपव्यय को कम करने में मदद करता है।
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उपायुक्त अभिषेक मीणा ने बताया कि प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना का उद्देश्य सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों को बढ़ावा देना है। इस योजना के तहत एफपीओ, एसएचजी, सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण उद्यमियों और सहकारी समितियां को लाभ पहुंचाया जा सकता है। योजना का लाभ लें।
इस योजना के तहत सरकार द्वारा फूड प्रोसेसिंग और अन्य सामान्य सुविधाओं जैसे सोर्टिंग- ग्रेडिंग, वेयर हाउस, फार्म गेट कोल्डस्टोर्स, खाद्य उत्पादों हेतु सामान्य प्रसंस्करण सुविधाओं के लिए 35 प्रतिशत तक सब्सिडी व 3 करोड़ रुपये तक का ऋण मुहैया करवाया जा रहा है।
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इस योजना का उद्देश्य ऋण लिंक्ड सब्सिडी के माध्यम से 2 लाख सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण को सहायता प्रदान कर उनका विकास करना है। ये उद्योग सिर्फ भारत ही नहीं बल्कि ग्लोबल सप्लाई और वैल्यू चैन को सशक्त करने में बड़ी भूमिका निभा रहे हैं।
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इस योजना से न केवल सूक्ष्म उद्योगों को मजबूती मिल रही है बल्कि रोजगार के नए अवसर भी पैदा हो रहे हैं। उन्होंने बताया कि एक सुविकसित खाद्य प्रसंस्करण सेक्टर जिसमें प्रसंस्करण का प्रतिशत अधिक हो, अपव्यय को कम करने में मदद करता है।