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अब 5 एकड़ में में बनेगा ब्वॉयज कॉलेज, डीटीपी ने ड्राफ्ट तैयार कर कमेटी को भेजा
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लघु सचिवालय में वीरवार को अधिकारियों की बैठक लेते डीसी यशेंद्र सिंह।
- फोटो : Rewari
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सीएम घोषणा के पांच साल बाद भी जिला मुख्यालय पर गवर्नमेंट कॉलेज का निर्माण कार्य शुरू नहीं हो सका है। लेकिन 12 जनवरी को सीएम आगमन से पहले फाइल तेजी से आगे बढ़ रही है। हालांकि घोषणा के समय कॉलेज 10 एकड़ में शहर के सेक्टर-20 में बनाया जाना था, लेकिन मास्टर प्लान- 2031 का हवाला देकर जमीन घटाकर 5.32 एकड़ कर दी गई। लेकिन हुडा की ओर से इसमें से भी 0.32 जमीन कम कर दी गई है। ऐसे में अब जिला नगर योजनाकार की ओर से पांच एकड़ जमीन पर कॉलेज का जोलिंग प्लान अर्थात प्रारूप फाइनल अप्रूवल के लिए भेज दिया गया है।
कमेटी से अप्रूवल मिलने के बाद जमीन शिक्षा विभाग को सौंपी जाएगी। जिम्मेदारों ने बताया कि करीब 15 दिन के अंदर प्रारूप पास होने के बाद जमीन शिक्षा विभाग को दे दी जाएगी। डीटीपी की ओर से वीरवार को एक बार फिर से कमेटी के पास रिमाइंडर भेजा गया है, ताकि जल्द से जल्द कॉलेज निर्माण की फाइल पर मुहर लग सके।
2018 में निर्माण के लिए मिल चुका है 12 करोड़ का बजट
सीएम मनोहरलाल ने वर्ष 2016 में शहर की अनाज मंडी में एक जनसभा के दौरान जिला मुख्यालय पर ब्वॉयज कॉलेज निर्माण की घोषणा की थी। वर्ष 2018 में कॉलेज निर्माण के लिए 12 करोड़ रुपये की राशि शिक्षा विभाग को मिल गई थी, लेकिन जमीन फाइनल नहीं होने के अभाव में आज तक निर्माण कार्य शुुरू नहीं हो पाया। बता दें कि दो साल तक को 10 एकड़ में निर्माण को लेकर शिक्षा विभाग व हुडा के बीच खींचतान चलती रही, लेकिन बाद में मास्टर प्लान का हवाला देकर 5.32 एकड़ जमीन सेक्टर-20 में अलॉट हुई थी।
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दो साल से स्कूल में लग रही हैं कॉलेज की कक्षाएं
भवन निर्माण नहीं होने के चलते बीते दो सालों से कॉलेज की कक्षाएं शहर के भाड़ावास गेट स्थित सरकारी सीनियर सेकेंडरी स्कूूल में चल रही हैं। यहां पर करीब 250 विद्यार्थी बीए व बीकॉम की शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। भवन व लैब के अभाव में बीएससी के लिए छात्रों का एडमिशन नहीं किया जा रहा है, लेकिन सवाल है कि जब भवन ही नहीं तो शिक्षा भी कैसी मिल रही होगी समझा जा सकता है।
15 शिक्षकों की अप्रूवल नियुक्ति महज दो की
कॉलेज शुरू करने से पहले शिक्षा विभाग की ओर से कॉलेज के लिए 15 शिक्षकों की पोस्ट प्रस्तावित की थी, लेकिन यहां पर महज दो शिक्षकों की नियुक्ति ही हो पाई है। इसके अलावा 15 नॉन टीचिंग की पोस्ट पर भी तीन ही नियुक्ति हो पाई हैं। ऐसे में घोषणाओं पर किस तरह से काम बढ़ता है आसानी से समझा जा सकता है।
जल्द शिक्षा विभाग को सौंपी जाएगी जमीन : ईओ
हरियाणा शहरी विका स प्राधिकरण के कार्यकारी अधिकारी दीपक घनघस ने बताया कि वीरवार को हुुई बैठक में कॉलेज निर्माण पर मंथन किया गया है। उम्मीद है कि अगले 15 दिन के अंदर अप्रूवल मिलते ही जमीन शिक्षा विभाग को सौंप दी जाएगी।
अप्रूवल के लिए फाइल समिति को : डीटीपी
डीटीपी मनीष यादव ने बताया कि जोलिंग प्लान तैयार कर अप्रूव्ल के लिए एचएसवीपी व कमेटी के पास भेज दिया गया है। उम्मीद है कि जल्द ही फाइल को अनुमति मिल जाएगी।
डीसी ने जल्द से जल्द काम करने के दिए निर्देश : प्रिंसिपल
कार्यवाहक प्रिंसिपल अर्जुन सिंह ने कहा कि वीरवार को डीसी ने बैठक बुलाई थी। डीटीपी व हुडा अधिकारियों को जल्द से जल्द औपचारिकताएं पूरी कर जमीन शिक्षा विभाग को देने के साथ ही टेंडर देकर निर्माण कार्य जल्द शुरू करने के निर्देश दिए हैं। उम्मीद है कि जल्द काम शुरू हो जाएगा।
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कमेटी से अप्रूवल मिलने के बाद जमीन शिक्षा विभाग को सौंपी जाएगी। जिम्मेदारों ने बताया कि करीब 15 दिन के अंदर प्रारूप पास होने के बाद जमीन शिक्षा विभाग को दे दी जाएगी। डीटीपी की ओर से वीरवार को एक बार फिर से कमेटी के पास रिमाइंडर भेजा गया है, ताकि जल्द से जल्द कॉलेज निर्माण की फाइल पर मुहर लग सके।
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2018 में निर्माण के लिए मिल चुका है 12 करोड़ का बजट
सीएम मनोहरलाल ने वर्ष 2016 में शहर की अनाज मंडी में एक जनसभा के दौरान जिला मुख्यालय पर ब्वॉयज कॉलेज निर्माण की घोषणा की थी। वर्ष 2018 में कॉलेज निर्माण के लिए 12 करोड़ रुपये की राशि शिक्षा विभाग को मिल गई थी, लेकिन जमीन फाइनल नहीं होने के अभाव में आज तक निर्माण कार्य शुुरू नहीं हो पाया। बता दें कि दो साल तक को 10 एकड़ में निर्माण को लेकर शिक्षा विभाग व हुडा के बीच खींचतान चलती रही, लेकिन बाद में मास्टर प्लान का हवाला देकर 5.32 एकड़ जमीन सेक्टर-20 में अलॉट हुई थी।
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दो साल से स्कूल में लग रही हैं कॉलेज की कक्षाएं
भवन निर्माण नहीं होने के चलते बीते दो सालों से कॉलेज की कक्षाएं शहर के भाड़ावास गेट स्थित सरकारी सीनियर सेकेंडरी स्कूूल में चल रही हैं। यहां पर करीब 250 विद्यार्थी बीए व बीकॉम की शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। भवन व लैब के अभाव में बीएससी के लिए छात्रों का एडमिशन नहीं किया जा रहा है, लेकिन सवाल है कि जब भवन ही नहीं तो शिक्षा भी कैसी मिल रही होगी समझा जा सकता है।
15 शिक्षकों की अप्रूवल नियुक्ति महज दो की
कॉलेज शुरू करने से पहले शिक्षा विभाग की ओर से कॉलेज के लिए 15 शिक्षकों की पोस्ट प्रस्तावित की थी, लेकिन यहां पर महज दो शिक्षकों की नियुक्ति ही हो पाई है। इसके अलावा 15 नॉन टीचिंग की पोस्ट पर भी तीन ही नियुक्ति हो पाई हैं। ऐसे में घोषणाओं पर किस तरह से काम बढ़ता है आसानी से समझा जा सकता है।
जल्द शिक्षा विभाग को सौंपी जाएगी जमीन : ईओ
हरियाणा शहरी विका स प्राधिकरण के कार्यकारी अधिकारी दीपक घनघस ने बताया कि वीरवार को हुुई बैठक में कॉलेज निर्माण पर मंथन किया गया है। उम्मीद है कि अगले 15 दिन के अंदर अप्रूवल मिलते ही जमीन शिक्षा विभाग को सौंप दी जाएगी।
अप्रूवल के लिए फाइल समिति को : डीटीपी
डीटीपी मनीष यादव ने बताया कि जोलिंग प्लान तैयार कर अप्रूव्ल के लिए एचएसवीपी व कमेटी के पास भेज दिया गया है। उम्मीद है कि जल्द ही फाइल को अनुमति मिल जाएगी।
डीसी ने जल्द से जल्द काम करने के दिए निर्देश : प्रिंसिपल
कार्यवाहक प्रिंसिपल अर्जुन सिंह ने कहा कि वीरवार को डीसी ने बैठक बुलाई थी। डीटीपी व हुडा अधिकारियों को जल्द से जल्द औपचारिकताएं पूरी कर जमीन शिक्षा विभाग को देने के साथ ही टेंडर देकर निर्माण कार्य जल्द शुरू करने के निर्देश दिए हैं। उम्मीद है कि जल्द काम शुरू हो जाएगा।