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Rewari News: रैन बसेरों के आसपास नहीं लगे हैं बोर्ड
Fri, 03 Jan 2025 11:40 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Fri, 03 Jan 2025 11:40 PM IST
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फोटो: 25बावल में दिन के समय बंद पड़ा रैन बसेरा। संवाद
संवाद न्यूज एजेंसी
बावल। कस्बे में बनाए गए दो रैन बसेरों के आसपास कोई बोर्ड नहीं लगाने से लोगों को इसकी जानकारी नहीं हो पा रही है। इसकी वजह से जरूरतमंदों को इसका लाभ नहीं मिल रहा है।
कस्बे में एक रैन बसेरा फायर ऑफिस के पुराने भवन और दूसरा रैन बसेरा बावल थाने के पास बनाया गया है। शुक्रवार को जब संवाद न्यूज एजेंसी की टीम पड़ताल करने पहुंची तो मालूम चला कि आस-पास कोई भी बोर्ड नहीं लगा था। ऐसे में लोगों को यहां रैन बसेरा होने की जानकारी नहीं मिल पा रही है। नियम के मुताबिक रैन बसेरे के बारे में आसपास बोर्ड लगा होना जरूरी है, ताकि लोगों को इसकी उपस्थिति के बारे में जानकारी मिल सके। दोनों रैन बसेरे नगर पालिका की तरफ से संचालित किए जाते हैं और यह रैन बसेरे हर साल संचालित होते हैं। उसके बाद आसपास कोई भी बोर्ड नहीं लगाया गया है। मौजूदा समय में रात का तापमान 5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया जा रहा है, जिससे एक पल भी रात बाहर गुजारना लगभग मुश्किल है। उसके बावजूद व्यवस्थाओं की तरफ बिल्कुल भी ध्यान नहीं दिया जा रहा है।
बावल औद्योगिक क्षेत्र है, यहां पर बड़ी संख्या में श्रमिक कार्य करने के लिए आते हैं। ऐसे में यह दोनों रैन बसेरे काफी मायने रखते हैं। अगर रैन बसेरों के बारे में जरूरतमंदों को पता चलेगा तो उनके लिए काफी सहूलियत हो जाएगी। मगर नगर पालिका की तरफ से बिल्कुल भी ध्यान नहीं दिया जा रहा है। इससे जरूरतमंदों को भी काफी परेशानी हो रही है।
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वर्जन:
कस्बा में जो रैन बसेरे संचालित किए जा रहे हैं वह शाम को 6 बजे खुलते हैं, जो भी लोग आते हैं। उनके लिए विशेष सुविधा उपलब्ध करवाई जा रही है। लोगों को किसी प्रकार की परेशानी नहीं होने दी जा रही है। -कपिल, सचिव, नगर पालिका बावल।
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बावल। कस्बे में बनाए गए दो रैन बसेरों के आसपास कोई बोर्ड नहीं लगाने से लोगों को इसकी जानकारी नहीं हो पा रही है। इसकी वजह से जरूरतमंदों को इसका लाभ नहीं मिल रहा है।
कस्बे में एक रैन बसेरा फायर ऑफिस के पुराने भवन और दूसरा रैन बसेरा बावल थाने के पास बनाया गया है। शुक्रवार को जब संवाद न्यूज एजेंसी की टीम पड़ताल करने पहुंची तो मालूम चला कि आस-पास कोई भी बोर्ड नहीं लगा था। ऐसे में लोगों को यहां रैन बसेरा होने की जानकारी नहीं मिल पा रही है। नियम के मुताबिक रैन बसेरे के बारे में आसपास बोर्ड लगा होना जरूरी है, ताकि लोगों को इसकी उपस्थिति के बारे में जानकारी मिल सके। दोनों रैन बसेरे नगर पालिका की तरफ से संचालित किए जाते हैं और यह रैन बसेरे हर साल संचालित होते हैं। उसके बाद आसपास कोई भी बोर्ड नहीं लगाया गया है। मौजूदा समय में रात का तापमान 5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया जा रहा है, जिससे एक पल भी रात बाहर गुजारना लगभग मुश्किल है। उसके बावजूद व्यवस्थाओं की तरफ बिल्कुल भी ध्यान नहीं दिया जा रहा है।
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बावल औद्योगिक क्षेत्र है, यहां पर बड़ी संख्या में श्रमिक कार्य करने के लिए आते हैं। ऐसे में यह दोनों रैन बसेरे काफी मायने रखते हैं। अगर रैन बसेरों के बारे में जरूरतमंदों को पता चलेगा तो उनके लिए काफी सहूलियत हो जाएगी। मगर नगर पालिका की तरफ से बिल्कुल भी ध्यान नहीं दिया जा रहा है। इससे जरूरतमंदों को भी काफी परेशानी हो रही है।
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कस्बा में जो रैन बसेरे संचालित किए जा रहे हैं वह शाम को 6 बजे खुलते हैं, जो भी लोग आते हैं। उनके लिए विशेष सुविधा उपलब्ध करवाई जा रही है। लोगों को किसी प्रकार की परेशानी नहीं होने दी जा रही है। -कपिल, सचिव, नगर पालिका बावल।