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Rewari News: गाजे-बाजे के साथ निकली भोले बाबा की बरात

Fri, 08 Mar 2024 12:02 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Fri, 08 Mar 2024 12:02 AM IST
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Bhole Baba's wedding procession took place with musical instruments.
रेवाड़ी। जिले में धूमधाम से आज महाशिवरात्रि मनाई जाएगी। महाशिवरात्रि की पूर्व संध्या पर वीरवार को भगवान शंकर की भव्य बारात व झांकी निकाली गई। झांकी को भाजपा नेता सतीश खोला ने झंडी दिखाकर रवाना किया। यह बारात अलग-अलग जगहों का भ्रमण करते हुए वापस घंटेश्वर मंदिर पर लौटी। इस दौरान गाजे-बाजे के साथ निकाली झांकी को देखने के लिए लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी। बरात शहर में भ्रमण के दौरान शिवभक्तों ने आतिशबाजी कर खुशियां मनाई। बरात भ्रमण के समय बम-बम भोले और हर-हर महादेव के जयकारे से पूरा क्षेत्र गूंज उठा। वहीं बरात के वापस घंटेश्वर मंदिर आने के बाद शिव-पार्वती का विवाह संपन्न करवाया गया। सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पुलिस कर्मचारी दल-बल के साथ मौजूद थे। महाशिवरात्रि का पर्व भगवान शिव और माता पार्वती को समर्पित है। इस दिन माता पार्वती और भगवान शिव शादी के बंधन में बंधे थे। इसलिए इस दिन माता पार्वती और भगवान शिव की पूजा अर्चना करने से व्यक्ति को सुख और सौभाग्य का आशीर्वाद प्राप्त होता है।
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आज रात 9:57 बजे चतुर्दशी तिथि शुरू होगी
पंचांग के अनुसार फाल्गुन के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि का आरंभ आठ मार्च को रात में 9 बजकर 57 मिनट पर होगा। अगले दिन 9 मार्च को 6 बजकर 17 मिनट समाप्त होगी। भगवान शिव की पूजा करने का विशेष महत्व प्रदोष काल में होता है। इसलिए 8 मार्च को ही महाशिवरात्रि का पर्व मनाया जाएगा। ऐसी मान्यता है कि माता पार्वती ने भगवान शिव को पाने के लिए कठोर तपस्या की और महाशिवरात्रि के दिन ही तपस्या सफल हुई। उनका विवाह भगवान शिव के साथ संपन्न हुआ। महाशिवरात्रि का व्रत महिलाएं अखंड सौभाग्य की प्राप्ति के लिए रखती हैं।
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आज दिन-रात के चारों प्रहरों में होगी शिव पूजा
शहर के धारूहेड़ा चुंगी स्थित ज्योतिष संस्थान के ज्योतिषाचार्य अजय शास्त्री के अनुसार आज सर्वार्थ सिद्धि योग व संयोग से प्रदोष और महाशिवरात्रि एक होने से दोनों ही तिथियां भगवान भोलेनाथ को समर्पित हैं। इस दिन शिवलिंग का अभिषेक करना चाहिए इसे रुद्राभिषेक भी कहते हैं। क्योंकि शिवजी का एक नाम रुद्र भी है रुद्र का अभिषेक यानी रुद्राभिषेक। शिव पुराण में बताया गया है कि रुद्राभिषेक करना विशेष फलदाई है। सर्वदेवात्मको रुद्र: सर्वे देवा शिवात्मका अर्थात सभी देवताओं की आत्मा में रुद्र उपस्थित हैं और सभी देवता रुद्र की आत्मा में हैं।
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पूजा विधि-विधान से करें, पूर्ण होती हैं मनोकामनाएं

शास्त्री के अनुसार शिवरात्रि में भोलेनाथ का गन्ने के रस से अभिषेक करने पर लक्ष्मी प्राप्ति, दूध से मनोकामनाएं पूर्ण, घी से आरोग्यता व वंश वृद्धि, इत्र युक्त जल से बीमारी नष्ट होती है। सरसों के तेल से शत्रु नाश, दही से भवन वाहन प्राप्ति, तथा शहद युक्त जल से अभिषेक करने पर समस्त पापों का नाश होता है।
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