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‘अफवाहों से सतर्क रहें, राशन की दुकानों से जबरन नहीं बेचा जा रहा तिरंगा, यह स्वैछिक है’
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तिरंगा यात्रा में भाग लेते शहर के पार्षद
- फोटो : Rewari
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रेवाड़ी। हरियाणा सरकार की ओर से ‘हर घर तिरंगा’ अभियान को लेकर इन दिनों जिले में राशन डिपो पर राष्ट्रध्वज वितरण केंद्र बनाए गए हैं। कुछ लोगों ने अफवाह फैला रखा है कि यहां राशन लेने आने वालों को जबरन तिरंगा बेचा जा रहा है। ऐसी चर्चाओं पर जिला खाद्य एवं आपूर्ति नियंत्रक ने विराम लगाते हुए लोगों को सतर्क रहने की बात कही है। साथ ही लोगों से अपील की कि राशन की दुकानों पर भी झंडा वितरण के लिए रखा हुआ है। वहां पर इसे जबरन नहीं बेचा जा रहा है, जिसकी इच्छा है वह इसे खरीदें, जिसकी नहीं है उसे जबरन नहीं बेचा जाएगा।
प्रशासन की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि सामाजिक संस्थाएं और समाजसेवी अपनी ओर से कमजोर आर्थिक स्थिति वाले परिवारों को राष्ट्रध्वज उपलब्ध करा सकते हैं। उधर जिला प्रशासन ने रेडक्रॉस की मदद के लिए तिरंगा कोष भी खुलवाया है। जिले में सार्वजनिक वितरण योजना के तहत संचालित सस्ते राशन की 230 से अधिक दुकानों तक तिरंगे भिजवा दिए गए हैं। इन दुकानों पर राशन के साथ तिरंगा उपलब्ध है। किसी भी परिवार का मुखिया स्वेच्छा से तिरंगा लेकर इसकी एवज में रेडक्रॉस के लिए दान स्वरूप 20 रुपये दे सकता है। सामाजिक संस्थाएं और समाजसेवी भी उनकी इच्छा अनुसार तिरंगे ध्वज लेकर दानराशि रेडक्रॉस खाते में जमा करा सकते हैं। इनके अलावा तिरंगा कोष में कोई भी जिलावासी अपनी ओर से दान राशि जमा करा सकता है। प्रशासनिक अधिकारियों के मुताबिक जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में इस वक्त 1.58 लाख परिवार जबकि शहरी क्षेत्रों में यह संख्या 70 हजार से कुछ अधिक है। जिले में सभी श्रेणी के परिवारों की बात करें तो यह संख्या ढाई लाख से अधिक बताई जाती है, मगर सरकारी आंकड़ों की माने तो ढाई लाख के आंकड़े में अप्रवासी मजदूर या व प्रवासी या किरायेदार हो सकते हैं, जो हरियाणा में सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं उठा रहे।
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शहर के परिवारों तक पहुंचेंगी टीमें, अभियान को सफल बनाने के लिए करेंगी आग्रह
शहरी क्षेत्र में पार्षद एवं वार्ड के लोगों पर आधारित टीम बनाई हैं, जो सभी परिवारों तक पहुंचकर ‘हर घर तिरंगा’ अभियान को सफल बनाने का आग्रह करेंगी, जबकि ग्रामीण क्षेत्रों में यह काम निवर्तमान सरपंच, नंबरदार, चौकीदार एवं सामाजिक कार्यकर्ताओं के माध्यम से पूरा होगा। राशन डिपो धारक के पास तिरंगे पहुंच गए हैं। 20 रुपये दान राशि रेडक्रॉस की ओर से खुलवाए गए खाते में जमा होगी, जिसे परिवार का मुखिया तिरंगा लेते वक्त डिपो धारक को देगा। तिरंगा लेना स्वैच्छिक है।
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सरकार ने भिजवाए 2 लाख से अधिक राष्ट्रध्वज
- ‘हर घर तिरंगा’ अभियान सरकार की पहल है। सभी विभाग इसमें अपनी भागीदारी निभा रहे हैं। सरकार ने 2 लाख से अधिक राष्ट्रीय ध्वज भिजवाए हैं, जिनको शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में राशन डिपो के माध्यम से लोगों को उपलब्ध कराया जाएगा।
-एचपी बंसल, डीडीपीओ
रेडक्रॉस के तिरंगा कोष में जमा होगी राशि
हरियाणा सरकार ने अभियान शुरू किया है। 13 से 15 अगस्त तक हर घर पर राष्ट्रध्वज फहराने का जिलावासियों से आग्रह किया गया है। अधिकारियों एवं कर्मचारियों को भी इस काम में सहयोग देने के लिए निर्देश दिए गए हैं। जिले में वर्तमान में चालू 230 से अधिक सस्ते राशन की दुकानों से 52 हजार से अधिक तिरंगे आ गए हैं। सभी डिपो धारकों से परिवार के मुखिया 20 रुपये देकर तिरंगा ले सकते हैं। यह राशि रेडक्रॉस के तिरंगा कोष में जमा होगी। इस राशि से अधिक धनराशि कोई भी डिपो धारक नहीं वसूल सकता। झंडे की खरीद स्वैच्छिक रखी गई है। -अशोक रावत, जिला खाद्य एवं आपूर्ति नियंत्रक।
दस अहम नियम
1. राष्ट्रीय ध्वज हाथ से काता हुआ या बुने हुआ ऊनी, सूती, सिल्क या खादी से बना हो। यह आयताकार होगा, लंबाई - चौड़ाई का अनुपात 3:2 होना चाहिए। केसरिया रंग को नीचे की ओर करके यह झंडा लगाया या फहराया नहीं जाएगा।
2. सूर्योदय के बाद सूर्यास्त से पहले तिरंगा फहराया जा सकता है। झंडे को किसी भी सूरत में जमीन पर नहीं छुआना है। झंडे को आधा झुकाकर नहीं फहराया जाएगा, सिवाए उन मौकों के किसी शोक की वजह से सरकारी भवनों पर राष्ट्रीय ध्वज को आधा झुकाकर फहराने के आदेश जारी हों।
3. झंडे को कभी पानी में नहीं डुबोया जा सकता। इसे किसी भी तरह फिजिकल डैमेज नहीं पहुंचा सकते। झंडे के किसी भाग को जलाने, नुकसान पहुंचाने के अलावा मौखिक या शाब्दिक तौर पर इसका अपमान करने पर तीन साल तक की कैद या आर्थिक जुर्माना अथवा दोनों हो सकते हैं।
4. राष्ट्रीय ध्वज का व्यापारिक इस्तेमाल नहीं कर सकते। किसी को सलामी देने के लिए झंडे को झुकाया नहीं जाएगा। अगर कोई शख्स झंडे को किसी के आगे झुका देता हो, उसका वस्त्र बना देता हो, मूर्ति में लपेट देता हो या फिर किसी मृत व्यक्ति (शहीद आर्म्ड फोर्सेज के जवानों के अलावा) के शव पर डालता हो, तो इसे तिरंगे का अपमान माना जाता है।
5. तिरंगे की पोशाक बनाकर पहनना गलत है। अगर कोई शख्स कमर के नीचे तिरंगे को कपड़ा बनाकर पहनता है तो यह राष्ट्रीय ध्वज का अपमान माना जाएगा। तिरंगे को अंडरगार्मेंट, रूमाल या कुशन आदि बनाना और उसका इस्तेमाल नहीं किया जा सकता।
6. राष्ट्रीय ध्वज पर कोई भी अक्षर नहीं लिखा जाएगा। खास अवसर या राष्ट्रीय दिवस जैसे गणतंत्र दिवस और स्वतंत्रता दिवस के मौके पर झंडा फहराने से पहले उसमें फूलों की पंखुड़ियां रखने में किसी तरह की कोई पाबंदी नहीं।
7. राष्ट्रीय ध्वज को फहराने के बाद भी झंडे की सम्मानजनक स्थिति बरकरार रहनी चाहिए। फटा या मैला राष्ट्रीय ध्वज फहराया नहीं जा सकता। अगर राष्ट्रीय ध्वज फट जाए, मैला हो जाए तो उसे एकांत में मर्यादित तरीके से पूरी तरह नष्ट कर दिया जाता है।
8. किसी दूसरे झंडे या पताका को राष्ट्रीय झंडे से ऊंचा या उससे ऊपर या उसके बराबर नहीं लगाया जा सकता। इसके अलावा, फूल, माला, प्रतीक या अन्य कोई वस्तु झंडे के पोल के ऊपर रखी जाए।
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प्रशासन की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि सामाजिक संस्थाएं और समाजसेवी अपनी ओर से कमजोर आर्थिक स्थिति वाले परिवारों को राष्ट्रध्वज उपलब्ध करा सकते हैं। उधर जिला प्रशासन ने रेडक्रॉस की मदद के लिए तिरंगा कोष भी खुलवाया है। जिले में सार्वजनिक वितरण योजना के तहत संचालित सस्ते राशन की 230 से अधिक दुकानों तक तिरंगे भिजवा दिए गए हैं। इन दुकानों पर राशन के साथ तिरंगा उपलब्ध है। किसी भी परिवार का मुखिया स्वेच्छा से तिरंगा लेकर इसकी एवज में रेडक्रॉस के लिए दान स्वरूप 20 रुपये दे सकता है। सामाजिक संस्थाएं और समाजसेवी भी उनकी इच्छा अनुसार तिरंगे ध्वज लेकर दानराशि रेडक्रॉस खाते में जमा करा सकते हैं। इनके अलावा तिरंगा कोष में कोई भी जिलावासी अपनी ओर से दान राशि जमा करा सकता है। प्रशासनिक अधिकारियों के मुताबिक जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में इस वक्त 1.58 लाख परिवार जबकि शहरी क्षेत्रों में यह संख्या 70 हजार से कुछ अधिक है। जिले में सभी श्रेणी के परिवारों की बात करें तो यह संख्या ढाई लाख से अधिक बताई जाती है, मगर सरकारी आंकड़ों की माने तो ढाई लाख के आंकड़े में अप्रवासी मजदूर या व प्रवासी या किरायेदार हो सकते हैं, जो हरियाणा में सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं उठा रहे।
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शहर के परिवारों तक पहुंचेंगी टीमें, अभियान को सफल बनाने के लिए करेंगी आग्रह
शहरी क्षेत्र में पार्षद एवं वार्ड के लोगों पर आधारित टीम बनाई हैं, जो सभी परिवारों तक पहुंचकर ‘हर घर तिरंगा’ अभियान को सफल बनाने का आग्रह करेंगी, जबकि ग्रामीण क्षेत्रों में यह काम निवर्तमान सरपंच, नंबरदार, चौकीदार एवं सामाजिक कार्यकर्ताओं के माध्यम से पूरा होगा। राशन डिपो धारक के पास तिरंगे पहुंच गए हैं। 20 रुपये दान राशि रेडक्रॉस की ओर से खुलवाए गए खाते में जमा होगी, जिसे परिवार का मुखिया तिरंगा लेते वक्त डिपो धारक को देगा। तिरंगा लेना स्वैच्छिक है।
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सरकार ने भिजवाए 2 लाख से अधिक राष्ट्रध्वज
- ‘हर घर तिरंगा’ अभियान सरकार की पहल है। सभी विभाग इसमें अपनी भागीदारी निभा रहे हैं। सरकार ने 2 लाख से अधिक राष्ट्रीय ध्वज भिजवाए हैं, जिनको शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में राशन डिपो के माध्यम से लोगों को उपलब्ध कराया जाएगा।
-एचपी बंसल, डीडीपीओ
रेडक्रॉस के तिरंगा कोष में जमा होगी राशि
हरियाणा सरकार ने अभियान शुरू किया है। 13 से 15 अगस्त तक हर घर पर राष्ट्रध्वज फहराने का जिलावासियों से आग्रह किया गया है। अधिकारियों एवं कर्मचारियों को भी इस काम में सहयोग देने के लिए निर्देश दिए गए हैं। जिले में वर्तमान में चालू 230 से अधिक सस्ते राशन की दुकानों से 52 हजार से अधिक तिरंगे आ गए हैं। सभी डिपो धारकों से परिवार के मुखिया 20 रुपये देकर तिरंगा ले सकते हैं। यह राशि रेडक्रॉस के तिरंगा कोष में जमा होगी। इस राशि से अधिक धनराशि कोई भी डिपो धारक नहीं वसूल सकता। झंडे की खरीद स्वैच्छिक रखी गई है। -अशोक रावत, जिला खाद्य एवं आपूर्ति नियंत्रक।
दस अहम नियम
1. राष्ट्रीय ध्वज हाथ से काता हुआ या बुने हुआ ऊनी, सूती, सिल्क या खादी से बना हो। यह आयताकार होगा, लंबाई - चौड़ाई का अनुपात 3:2 होना चाहिए। केसरिया रंग को नीचे की ओर करके यह झंडा लगाया या फहराया नहीं जाएगा।
2. सूर्योदय के बाद सूर्यास्त से पहले तिरंगा फहराया जा सकता है। झंडे को किसी भी सूरत में जमीन पर नहीं छुआना है। झंडे को आधा झुकाकर नहीं फहराया जाएगा, सिवाए उन मौकों के किसी शोक की वजह से सरकारी भवनों पर राष्ट्रीय ध्वज को आधा झुकाकर फहराने के आदेश जारी हों।
3. झंडे को कभी पानी में नहीं डुबोया जा सकता। इसे किसी भी तरह फिजिकल डैमेज नहीं पहुंचा सकते। झंडे के किसी भाग को जलाने, नुकसान पहुंचाने के अलावा मौखिक या शाब्दिक तौर पर इसका अपमान करने पर तीन साल तक की कैद या आर्थिक जुर्माना अथवा दोनों हो सकते हैं।
4. राष्ट्रीय ध्वज का व्यापारिक इस्तेमाल नहीं कर सकते। किसी को सलामी देने के लिए झंडे को झुकाया नहीं जाएगा। अगर कोई शख्स झंडे को किसी के आगे झुका देता हो, उसका वस्त्र बना देता हो, मूर्ति में लपेट देता हो या फिर किसी मृत व्यक्ति (शहीद आर्म्ड फोर्सेज के जवानों के अलावा) के शव पर डालता हो, तो इसे तिरंगे का अपमान माना जाता है।
5. तिरंगे की पोशाक बनाकर पहनना गलत है। अगर कोई शख्स कमर के नीचे तिरंगे को कपड़ा बनाकर पहनता है तो यह राष्ट्रीय ध्वज का अपमान माना जाएगा। तिरंगे को अंडरगार्मेंट, रूमाल या कुशन आदि बनाना और उसका इस्तेमाल नहीं किया जा सकता।
6. राष्ट्रीय ध्वज पर कोई भी अक्षर नहीं लिखा जाएगा। खास अवसर या राष्ट्रीय दिवस जैसे गणतंत्र दिवस और स्वतंत्रता दिवस के मौके पर झंडा फहराने से पहले उसमें फूलों की पंखुड़ियां रखने में किसी तरह की कोई पाबंदी नहीं।
7. राष्ट्रीय ध्वज को फहराने के बाद भी झंडे की सम्मानजनक स्थिति बरकरार रहनी चाहिए। फटा या मैला राष्ट्रीय ध्वज फहराया नहीं जा सकता। अगर राष्ट्रीय ध्वज फट जाए, मैला हो जाए तो उसे एकांत में मर्यादित तरीके से पूरी तरह नष्ट कर दिया जाता है।
8. किसी दूसरे झंडे या पताका को राष्ट्रीय झंडे से ऊंचा या उससे ऊपर या उसके बराबर नहीं लगाया जा सकता। इसके अलावा, फूल, माला, प्रतीक या अन्य कोई वस्तु झंडे के पोल के ऊपर रखी जाए।