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फर्जी वेबसाइट, डिस्काउंट ऑफर और डिलीवरी मैसेज से रहें सावधान : एसपी
Sat, 03 Oct 2026 12:51 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Sat, 03 Oct 2026 12:51 AM IST
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रेवाड़ी। त्योहारी सीजन में ऑनलाइन खरीदारी बढ़ने के साथ ही साइबर ठग भी सक्रिय हो गए हैं। ठग फर्जी शॉपिंग वेबसाइट, आकर्षक डिस्काउंट ऑफर और नकली डिलीवरी मैसेज के जरिये लोगों को ठगी का शिकार बना सकते हैं। इसे देखते हुए पुलिस अधीक्षक ने लोगों से ऑनलाइन खरीदारी के दौरान सतर्कता बरतने की अपील की है।
एसपी हेमेंद्र कुमार मीणा ने बताया कि त्योहार के दौरान सोशल मीडिया और मैसेज के जरिये भारी छूट, सीमित समय के ऑफर, गिफ्ट वाउचर या बेहद कम कीमत पर सामान देने के प्रलोभन दिए जाते हैं।
ऐसे ऑफर पर भुगतान करने से पहले वेबसाइट और विक्रेता की विश्वसनीयता जांचनी चाहिए। खरीदारी के लिए केवल विश्वसनीय वेबसाइट या आधिकारिक एप का इस्तेमाल करें।
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उन्होंने कहा कि सर्च इंजन या सोशल मीडिया पर मिले कस्टमर केयर नंबर पर बिना सत्यापन संपर्क न करें। ओटीपी, यूपीआई पिन, सीवीवी, कार्ड नंबर और बैंक संबंधी गोपनीय जानकारी किसी के साथ साझा न करें।
फर्जी डिलीवरी मैसेज से भी सावधान रहें। पार्सल अटकने, पता अपडेट करने, अतिरिक्त शुल्क या रिफंड के नाम पर भेजे गए संदिग्ध लिंक न खोलें और न ही बिना जांच के क्यूआर कोड स्कैन करें। पैसे प्राप्त करने के लिए यूपीआई पिन दर्ज करने की जरूरत नहीं होती। साइबर ठगी होने पर तुरंत 1930 पर कॉल करें या राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं।
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एसपी हेमेंद्र कुमार मीणा ने बताया कि त्योहार के दौरान सोशल मीडिया और मैसेज के जरिये भारी छूट, सीमित समय के ऑफर, गिफ्ट वाउचर या बेहद कम कीमत पर सामान देने के प्रलोभन दिए जाते हैं।
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ऐसे ऑफर पर भुगतान करने से पहले वेबसाइट और विक्रेता की विश्वसनीयता जांचनी चाहिए। खरीदारी के लिए केवल विश्वसनीय वेबसाइट या आधिकारिक एप का इस्तेमाल करें।
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उन्होंने कहा कि सर्च इंजन या सोशल मीडिया पर मिले कस्टमर केयर नंबर पर बिना सत्यापन संपर्क न करें। ओटीपी, यूपीआई पिन, सीवीवी, कार्ड नंबर और बैंक संबंधी गोपनीय जानकारी किसी के साथ साझा न करें।
फर्जी डिलीवरी मैसेज से भी सावधान रहें। पार्सल अटकने, पता अपडेट करने, अतिरिक्त शुल्क या रिफंड के नाम पर भेजे गए संदिग्ध लिंक न खोलें और न ही बिना जांच के क्यूआर कोड स्कैन करें। पैसे प्राप्त करने के लिए यूपीआई पिन दर्ज करने की जरूरत नहीं होती। साइबर ठगी होने पर तुरंत 1930 पर कॉल करें या राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं।