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Rewari News: मशरूम की खेती से आत्मनिर्भर बनीं, दूसरों को दिया रोजगार
Sat, 21 Mar 2026 12:29 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Sat, 21 Mar 2026 12:29 AM IST
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रेवाड़ी। दीपिका यादव
रेवाड़ी। गांव घासेड़ा की दीपिका यादव (39) मशरूम की आधुनिक खेती कर न खुद आत्मनिर्भर बनी हैं बल्कि कई महिलाओं को भी रोजगार दिया है। उन्होंने पांच साल पहले 30 लाख रुपये निवेश कर एसी मशरूम फार्म की शुरूआत की थी। बाद में काम बढ़ने पर फार्म का विस्तार किया और एक अन्य यूनिट शुरू की है।
उनका लगभग 50 प्रतिशत उत्पाद ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के माध्यम से बिक जाता है जबकि बाकी मशरूम दिल्ली की आजादपुर मंडी में भेजा जाता है। इसके अलावा कुछ माल गुरुग्राम के बाजारों में भी सप्लाई किया जाता है। मांग अच्छी होने के कारण उत्पाद बेचने में किसी तरह की परेशानी नहीं आती।
दीपिका यादव ने बताया कि फार्म में करीब 10 से 12 महिलाएं कार्यरत हैं। उन्हें उनके कार्य के अनुसार भुगतान किया जाता है। यहां काम करने वाली महिलाओं को प्रतिमाह लगभग 10 से 12 हजार रुपये तक की आय हो जाती है, जिससे उनके परिवार की आर्थिक स्थिति भी मजबूत हो रही है। स्थानीय स्तर पर महिलाओं को रोजगार देने के कारण यह फार्म आसपास के क्षेत्र में भी चर्चा का विषय बना हुआ है।
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सालाना 100 टन मशरूम का उत्पादन हो रहा
दीपिका यादव ने बताया कि एसी मशरूम फार्म होने के कारण यहां पूरे वर्ष मशरूम का उत्पादन किया जाता है। सामान्य तौर पर मशरूम की खेती मौसम पर निर्भर होती है। एसी तकनीक के उपयोग से तापमान और नमी को नियंत्रित किया जाता है, जिससे सालभर उत्पादन संभव हो पाता है। इस फार्म में प्रतिवर्ष लगभग 100 टन मशरूम का उत्पादन किया जाता है, जो बाजार में अच्छी कीमत पर बिकता है।
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उनका लगभग 50 प्रतिशत उत्पाद ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के माध्यम से बिक जाता है जबकि बाकी मशरूम दिल्ली की आजादपुर मंडी में भेजा जाता है। इसके अलावा कुछ माल गुरुग्राम के बाजारों में भी सप्लाई किया जाता है। मांग अच्छी होने के कारण उत्पाद बेचने में किसी तरह की परेशानी नहीं आती।
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दीपिका यादव ने बताया कि फार्म में करीब 10 से 12 महिलाएं कार्यरत हैं। उन्हें उनके कार्य के अनुसार भुगतान किया जाता है। यहां काम करने वाली महिलाओं को प्रतिमाह लगभग 10 से 12 हजार रुपये तक की आय हो जाती है, जिससे उनके परिवार की आर्थिक स्थिति भी मजबूत हो रही है। स्थानीय स्तर पर महिलाओं को रोजगार देने के कारण यह फार्म आसपास के क्षेत्र में भी चर्चा का विषय बना हुआ है।
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सालाना 100 टन मशरूम का उत्पादन हो रहा
दीपिका यादव ने बताया कि एसी मशरूम फार्म होने के कारण यहां पूरे वर्ष मशरूम का उत्पादन किया जाता है। सामान्य तौर पर मशरूम की खेती मौसम पर निर्भर होती है। एसी तकनीक के उपयोग से तापमान और नमी को नियंत्रित किया जाता है, जिससे सालभर उत्पादन संभव हो पाता है। इस फार्म में प्रतिवर्ष लगभग 100 टन मशरूम का उत्पादन किया जाता है, जो बाजार में अच्छी कीमत पर बिकता है।