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Rewari News: बावल विधायक राष्ट्रीय सम्मेलन में हुए शामिल
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राष्ट्रीय सम्मेलन में भाग लेते विधायक डॉ. कृष्ण कुमार। स्रोत : प्रवक्ता
रेवाड़ी। अनुसूचित जातियों एवं जनजातियों के कल्याण, विकास और सशक्तिकरण में संसदीय एवं विधायी समितियों की भूमिका विषय पर राष्ट्रीय सम्मेलन उड़ीसा की राजधानी भुवनेश्वर में शुरू हुआ। इस आयोजन में हरियाणा की ओर से बावल के विधायक डॉ. कृष्ण कुमार ने भाग लिया।
डॉ. कृष्ण कुमार ने सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि यह केवल विचार विमर्श का मंच नहीं है बल्कि हमारे संविधान की आत्मा और सामाजिक न्याय के आदर्शों को दोबारा पुष्ट करने का अवसर है।
उन्होंने कहा कि संविधान निर्माताओं ने स्वतंत्रता और विधिक समानता के बाद भी सदियों पुरानी सामाजिक-आर्थिक विषमताओं को दूर करने के लिए विशेष समितियों की आवश्यकता को समझा था। इन्हीं उद्देश्यों की पूर्ति के लिए संसद और विधानसभाओं में अनुसूचित जाति एवं जनजाति कल्याण समितियां गठित की गईं।
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उन्होंने बताया कि ये समितियां सरकार की नीतियों और योजनाओं की निगरानी करती हैं ताकि लाभ वास्तव में जरूरतमंदों तक पहुंच सके। डॉ. कृष्ण कुमार ने याद दिलाया कि पहला सम्मेलन 1976 में नई दिल्ली में हुआ था जबकि 2025 का यह सम्मेलन पहली बार दिल्ली से बाहर भुवनेश्वर में हो रहा है जो विकेंद्रीकरण और समावेशिता की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
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डॉ. कृष्ण कुमार ने सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि यह केवल विचार विमर्श का मंच नहीं है बल्कि हमारे संविधान की आत्मा और सामाजिक न्याय के आदर्शों को दोबारा पुष्ट करने का अवसर है।
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उन्होंने कहा कि संविधान निर्माताओं ने स्वतंत्रता और विधिक समानता के बाद भी सदियों पुरानी सामाजिक-आर्थिक विषमताओं को दूर करने के लिए विशेष समितियों की आवश्यकता को समझा था। इन्हीं उद्देश्यों की पूर्ति के लिए संसद और विधानसभाओं में अनुसूचित जाति एवं जनजाति कल्याण समितियां गठित की गईं।
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उन्होंने बताया कि ये समितियां सरकार की नीतियों और योजनाओं की निगरानी करती हैं ताकि लाभ वास्तव में जरूरतमंदों तक पहुंच सके। डॉ. कृष्ण कुमार ने याद दिलाया कि पहला सम्मेलन 1976 में नई दिल्ली में हुआ था जबकि 2025 का यह सम्मेलन पहली बार दिल्ली से बाहर भुवनेश्वर में हो रहा है जो विकेंद्रीकरण और समावेशिता की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।