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गुस्साए कर्मचारियों ने छह घंटे तक जाम किए बसों के पहिये, यात्री रहे परेशान
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हड़ताल के कारण बस स्टैंड परिसर से गायब रहीं बसें।
- फोटो : Rewari
रेवाड़ी। सोनीपत में हुई रोडवेज कर्मचारी की हत्या के आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर वीरवार को रेवाड़ी डिपो के कर्मचारियों ने बसों का चक्का जाम कर दिया। सुबह आठ बजे शुरू हुआ प्रदर्शन दोपहर दो बजे तक चला। हड़ताल के कारण यात्रियों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा। यात्री प्राइवेट बसों में यात्रा करते दिखाई दिए। रोडवेज कर्मचारियों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए मृतक कर्मचारी के परिवार के एक सदस्य को स्थायी नौकरी और 50 लाख रुपये का मुआवजा देने की मांग की।
दो दिन पहले सोनीपत में थार गाड़ी से कुचलकर एक रोडवेज कर्मचारी की हत्या कर दी गई थी, जबकि कई लोग घायल हुए थे। 24 घंटे से ज्यादा का वक्त गुजरने के बाद भी आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होने पर रोडवेज कर्मचारी साझा मोर्चा की तरफ से चक्का जाम का एलान किया गया। वीरवार सुबह 8 बजे के बाद से रेवाड़ी डिपो से कोई भी रोडवेज बस रवाना नहीं हो पाई हैं। रेवाड़ी जिले की रोडवेज की सभी कर्मचारी एसोसिएशन के प्रधानों व पदाधिकारियों ने प्रदर्शन में शामिल रहे।
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8 बजे तक अहम रूटों पर बसें हुई थी रवाना
सुबह 4 बजे से 8 बजे तक 30 से ज्यादा बसें अहम रूटों पर रवाना की गईं। इनमें चंडीगढ़, शिमला, आगरा, मथुरा, जयपुर, गुरुग्राम, दिल्ली, फरीदाबाद, महेंद्रगढ़, नारनौल की तरफ बसें भेजी गई। दिल्ली, नारनौल व महेंद्रगढ़ इन रूटों पर दैनिक यात्रियों की संख्या भी काफी ज्यादा है। ऐसे में छह घंटे से ज्यादा वक्त से बसों के पहिए थमने से यात्रियों को भारी परेशानी झेलनी पड़ी है।
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जीएम भी पहुंचे समझाने
वीरवार को रोडवेज के तमाम कर्मचारियों ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। धरना-प्रदर्शन कर रहे कर्मचारियों को समझाने के लिए जीएम रविश हुड्डा खुद उनके बीच पहुंचे, लेकिन कर्मचारी चक्का जाम पर डटे रहे। कर्मचारियों के विरोध प्रदर्शन को देखते हुए बस स्टैंड पर भारी पुलिस फोर्स तैनात की गई।
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छह घंटे में करीब दो लाख का हुआ घाटा
परिवहन विभाग के अधिकारियों के मुताबिक जिले में चक्का जाम के कारण करीब पांच हजार किलोमीटर बसें नहीं चली। इससे परिवहन विभाग को करीब दो लाख रुपये का घाटा हुआ है। परिवहन विभाग के रेवाड़ी डिपो की बसें हर रोज करीब चालीस हजार किलोमीटर चलती हैं। दोपहर दो बजे के बाद बसों का संचालन शुरू होने के बाद यात्रियों ने राहत की सांस ली है।
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यात्री बोले- हड़ताल नहीं होने देनी चाहिए, यात्रियों को होती है परेशानी
रोडवेज की हड़ताल की जानकारी नहीं थी। अटली जाना है। प्राइवेट बस में काफी भीड़ है। प्राइवेट बस में ज्यादा भीड़ होने के कारण बस में नहीं चढ़ पर पाई। अब अगली बस का इंतजार कर रही हूं। सरकार को भी इस तरह हड़ताल नहीं होने देनी चाहिए। इससे यात्रियों को परेशानी झेलनी पड़ती है।
- अंजलि, बेरली खुर्द।
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रेवाड़ी में एक शॉप पर कार्य करता हूं। सुबह घर से चलने लगा तो पता चला कि रोडवेज बस की हड़ताल है। बस नहीं होने के कारण आज छुट्टी करनी पड़ी। हड़ताल करने से एक दिन पहले पता लगता तो दूसरी व्यवस्था करते। सरकार को हड़ताल पर शिकंजा कसना चाहिए। इससे लोगों को परेशानी होती है।
- नमनीत, तिजारा निवासी
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वर्जन
दोपहर दो बजे के बाद बसों का संचालन शुरू हो गया था। बसों के चक्का जाम के कारण करीब पांच हजार किलोमीटर बसें कम चली हैं। इससे करीब दो लाख रुपये का घाटा परिवहन विभाग को हुआ है।
- रविश हुड्डा, महाप्रबंधक, हरियाणा राज्य परिवहन विभाग, रेवाड़ी।
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दो दिन पहले सोनीपत में थार गाड़ी से कुचलकर एक रोडवेज कर्मचारी की हत्या कर दी गई थी, जबकि कई लोग घायल हुए थे। 24 घंटे से ज्यादा का वक्त गुजरने के बाद भी आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होने पर रोडवेज कर्मचारी साझा मोर्चा की तरफ से चक्का जाम का एलान किया गया। वीरवार सुबह 8 बजे के बाद से रेवाड़ी डिपो से कोई भी रोडवेज बस रवाना नहीं हो पाई हैं। रेवाड़ी जिले की रोडवेज की सभी कर्मचारी एसोसिएशन के प्रधानों व पदाधिकारियों ने प्रदर्शन में शामिल रहे।
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8 बजे तक अहम रूटों पर बसें हुई थी रवाना
सुबह 4 बजे से 8 बजे तक 30 से ज्यादा बसें अहम रूटों पर रवाना की गईं। इनमें चंडीगढ़, शिमला, आगरा, मथुरा, जयपुर, गुरुग्राम, दिल्ली, फरीदाबाद, महेंद्रगढ़, नारनौल की तरफ बसें भेजी गई। दिल्ली, नारनौल व महेंद्रगढ़ इन रूटों पर दैनिक यात्रियों की संख्या भी काफी ज्यादा है। ऐसे में छह घंटे से ज्यादा वक्त से बसों के पहिए थमने से यात्रियों को भारी परेशानी झेलनी पड़ी है।
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जीएम भी पहुंचे समझाने
वीरवार को रोडवेज के तमाम कर्मचारियों ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। धरना-प्रदर्शन कर रहे कर्मचारियों को समझाने के लिए जीएम रविश हुड्डा खुद उनके बीच पहुंचे, लेकिन कर्मचारी चक्का जाम पर डटे रहे। कर्मचारियों के विरोध प्रदर्शन को देखते हुए बस स्टैंड पर भारी पुलिस फोर्स तैनात की गई।
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छह घंटे में करीब दो लाख का हुआ घाटा
परिवहन विभाग के अधिकारियों के मुताबिक जिले में चक्का जाम के कारण करीब पांच हजार किलोमीटर बसें नहीं चली। इससे परिवहन विभाग को करीब दो लाख रुपये का घाटा हुआ है। परिवहन विभाग के रेवाड़ी डिपो की बसें हर रोज करीब चालीस हजार किलोमीटर चलती हैं। दोपहर दो बजे के बाद बसों का संचालन शुरू होने के बाद यात्रियों ने राहत की सांस ली है।
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यात्री बोले- हड़ताल नहीं होने देनी चाहिए, यात्रियों को होती है परेशानी
रोडवेज की हड़ताल की जानकारी नहीं थी। अटली जाना है। प्राइवेट बस में काफी भीड़ है। प्राइवेट बस में ज्यादा भीड़ होने के कारण बस में नहीं चढ़ पर पाई। अब अगली बस का इंतजार कर रही हूं। सरकार को भी इस तरह हड़ताल नहीं होने देनी चाहिए। इससे यात्रियों को परेशानी झेलनी पड़ती है।
- अंजलि, बेरली खुर्द।
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रेवाड़ी में एक शॉप पर कार्य करता हूं। सुबह घर से चलने लगा तो पता चला कि रोडवेज बस की हड़ताल है। बस नहीं होने के कारण आज छुट्टी करनी पड़ी। हड़ताल करने से एक दिन पहले पता लगता तो दूसरी व्यवस्था करते। सरकार को हड़ताल पर शिकंजा कसना चाहिए। इससे लोगों को परेशानी होती है।
- नमनीत, तिजारा निवासी
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वर्जन
दोपहर दो बजे के बाद बसों का संचालन शुरू हो गया था। बसों के चक्का जाम के कारण करीब पांच हजार किलोमीटर बसें कम चली हैं। इससे करीब दो लाख रुपये का घाटा परिवहन विभाग को हुआ है।
- रविश हुड्डा, महाप्रबंधक, हरियाणा राज्य परिवहन विभाग, रेवाड़ी।