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झमाझम बारिश के बाद निकली धूप से सर्दी घटी

Mon, 24 Jan 2022 12:06 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Mon, 24 Jan 2022 12:06 AM IST
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After the heavy rain, the winter valley came out from the sun
माडल टाउन में भरे बारिश के पानी से गुजरते बाइक सवार। - फोटो : Rewari
रेवाड़ी। बारिश से जनवरी में सर्दी के तेवर नरम पड़े हैं। रविवार को धूप निकलने से ठंड से राहत मिली है। बावल में कृषि विज्ञान केंद्र के क्षेत्रीय निदेशक डॉ. धर्मबीर यादव ने बताया कि शनिवार को हुई तेज बारिश से सरसों की फसलें बिछ गई हैं, लेकिन धूप निकलने पर ये फसलें फिर से लहलहा जाएंगी। ज्यादा नुकसान अगेती सरसों की फसल को होगा। रविवार को अधिकतम तापमान 16.2 व न्यूनतम 10.5 डिग्री सेल्सियस रहा। शनिवार को अधिकतम 15.5 और न्यूनतम नौ डिग्री सेल्सियस था।
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धूप निकलने पर रविवार को मौसम में काफी अच्छा हो गया। गलन पिछले कुछ दिनों से थी उसमें सुधार हुआ है। दिनभर आसमान में बादल छाने के साथ दोपहर बाद हल्की धूप निकलने से राहत मिली। रविवार सुबह आठ बजे तक जिले में सबसे ज्यादा बावल में 19 मिलीमीटर बारिश हुई। इसके अलावा रेवाड़ी में 18, पाल्हावास में 12, नाहड़ और डहीना में नौ-नौ, कोसली, धारूहेड़ा में आठ - आठ, मनेठी में 7.5, जाटूसाना में पांच, परखोत्तमपुर में चार मिलीमीटर बारिश हुई।
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फसलों में नहीं होंगी बीमारियां
बावल में कृषि विज्ञान केंद्र के क्षेत्रीय निदेशक डॉ. धर्मबीर यादव ने बताया कि बारिश से एक ओर जहां किसानों को सिंचाई करने की जरूरत नहीं पड़ेगी, वहीं फसलों में आ रही विभिन्न बीमारियां भी नहीं होंगी। बारिश के पानी से सरसों और गेहूं के दानों में फुटाव बेहतर होगा। इससे उत्पादन भी बढ़ेगा। भूमिगत लवणीय व क्षारीय पानी के मुकाबले बारिश का पानी फसलों के लिए खाद की तरह काम करता है।
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वैवाहिक आयोजनों में डाला बारिश ने खलल
शनिवार को जिले में जगह-जगह वैवाहिक आयोजन थे। बारिश के कारण टेंट भीग गए तथा पूरा कार्यक्रम ही अस्त व्यस्त हो गया। इतना ही नहीं देर रात तक शहर में बिजली भी गुल रही, जिसके कारण परेशानी और भी बढ़ गई थी। जलभराव से झील बनीं सड़कें शनिवार को रात तक हुई बारिश के कारण शहर और कस्बों की गलियां और सड़कें जलमग्न हो गईं।
इन मार्गों पर भरा सबसे अधिक पानी
शहर के कोनसीवास रोड का मुख्य मार्ग पर रविवार शाम तक पानी भरा रहा। कंपनीबाग, माडल टाउन, ब्रास मार्केट, नई अनाजमंडी, बस अड्डा, नाईवाली चौक, दिल्ली रोड़ का मुख्य मार्ग, बावल, धारूहेड़ा सहित विभिन्न स्थानों पर जलभराव से लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ा। जगह जगह सीवर जाम और नालियां अवरुद्ध होने से लोगों का घरों से निकलना मुश्किल हुआ।
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खोदे गए नाले में भरा पानी, लोगों के लिए बना मुसीबत
शहर के मुख्य बाजार में नगर परिषद की ओर से नाले का निर्माण कराया जा रहा है। कई जगह नाले के लिए खोदाई करके छोड़ी हुई है। बारिश के पानी से नाले के लिए खोदा गया गड्ढा भर गया है और पानी दुकानों में भी घुस गया है। व्यापारी विजय गुप्ता का कहना है कि नाले का पानी उनकी दुकान तक में घुस गया, जिसके कारण काफी नुकसान हुआ है।
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आंशिक रूप से बादल छाए रहने की संभावना
हिसार के हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय के मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार 24 जनवरी को आंशिक रूप से बादल छाए रहने की संभावना है। 25 जनवरी को मौसम खुश्क तथा सुबह धुंध छाने तथा 26 जनवरी से हल्की गति से उत्तर पश्चिमी हवाएं चलने से रात के तापमान में कमी आने की संभावना है।
किसानों बोले-ज्यादा बारिश होना फसलों के लिए नुकसानदायक
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बारिश अगर सीमित होती है तो फसलों को कोई नुकसान नहीं होगा, लेकिन बारिश ज्यादा होने पर फसलों के लिए नुकसानदायक साबित हो सकती है। सरसों की फसल को लेकर किसान चिंतित है।
-विजय तंवर, गांव रतनथल
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सरसों में अब सफेद रतवा की बीमारी देखने को मिल रही है। इसके अलावा बारिश के बाद अगर हवा चलती है तो सरसों की फसल को नुकसान हो सकता है। बीमारी से बचाने के लिए दवाइयों का प्रयोग किया जाएगा।
-करतार, गांव धनिया
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गेहूं की फसल में बारिश इस बार फायदेमंद है। ज्यादा बारिश होती है तो किसानों की मेहनत पर पानी फिर जाएगा। सरसों की फसल में बीमारी देखने को मिल रही है। इसे बचाने के लिए उपाय किए जाएंगे।

-राजेंद्र, गांव श्याम राजेंद्र
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कोट
जिले में अब तक बारिश हुई है तो यह फसलों के लिए फायदेमंद है। अब यदि आगे भी बारिश होती है तो फसलों के लिए नुकसान हो सकता है। सरसों की फसल में सफेद रतवा की बीमारी उत्पन्न हो रही है। अगर बारिश के बाद हवा चलती है तो सरसों की फसल को नुकसान हो सकता है। किसान को एहतियात बरतने की जरूरत है।
-डॉ. धर्मबीर यादव, क्षेत्रीय निदेशक, कृषि विज्ञान केंद्र बावल
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