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Rewari News: किशोरियों को लगेगी सर्वाइकल कैंसर से बचाव की वैक्सीन
Thu, 26 Feb 2026 11:40 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Thu, 26 Feb 2026 11:40 PM IST
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रेवाड़ी। जिले में किशोरियों को सर्वाइकल कैंसर (गर्भाशय ग्रीवा कैंसर) से बचाने के लिए विशेष टीकाकरण अभियान शुरू करने की तैयारी की जा रही है। स्वास्थ्य विभाग ने करीब 10 हजार से अधिक किशोरियों को वैक्सीन लगाने का लक्ष्य तय किया है। अभियान की शुरुआत जल्द होने की संभावना है।
जिला टीकाकरण अधिकारी डॉ. भंवर सिंह ने बताया कि 14 से 15 वर्ष आयु वर्ग की किशोरियों को यह वैक्सीन लगाई जाएगी। इसके लिए 150 से अधिक स्वास्थ्य कर्मचारियों को प्रशिक्षण दिया जा चुका है। कर्मचारी अब अभिभावकों और किशोरियों को वैक्सीन के प्रति जागरूक करने में जुटे हैं, ताकि तय लक्ष्य को समय पर पूरा किया जा सके।
क्यों जरूरी है ये टीकाकरण : विशेषज्ञों के अनुसार महिलाओं में सर्वाइकल कैंसर का खतरा 30 से 50 वर्ष की आयु में अधिक देखा जाता है। हालांकि ह्यूमन पेपिलोमा वायरस (एचपीवी) का संक्रमण कम उम्र में भी हो सकता है, लेकिन कैंसर बनने की प्रक्रिया धीरे-धीरे विकसित होती है।
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नियमित पैप स्मीयर या एचपीवी जांच न कराने वाली महिलाओं में जोखिम और बढ़ जाता है। यह वैक्सीन एचपीवी संक्रमण से बचाव में प्रभावी मानी जाती है। 14 वर्ष की आयु में वैक्सीन देना अधिक असरदार होता है, क्योंकि इस उम्र में शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बेहतर प्रतिक्रिया देती है।
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नागरिक अस्पताल में है स्क्रीनिंग सुविधा
जिले के नागरिक अस्पताल में सर्वाइकल कैंसर की स्क्रीनिंग की सुविधा उपलब्ध है। हाल ही में अस्पताल की लैब में कैंसर की जांच के लिए नई मशीन भी स्थापित की गई है। यहां एफएनएसी टेस्ट के माध्यम से भी जांच की जा रही है। इसके अलावा ओरल कैंसर की स्क्रीनिंग भी की जा रही है।
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यू-विन पोर्टल पर होगी डिजिटल ट्रैकिंग
टीकाकरण का पूरा रिकॉर्ड यू-विन पोर्टल पर दर्ज किया जाएगा, जिससे भविष्य में फॉलो-अप लेना आसान रहेगा। जिले में 14 वर्ष की किशोरियों की संख्या कुल आबादी का लगभग एक प्रतिशत है, जिन्हें इस चरण में कवर किया जाएगा।
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जिला टीकाकरण अधिकारी डॉ. भंवर सिंह ने बताया कि 14 से 15 वर्ष आयु वर्ग की किशोरियों को यह वैक्सीन लगाई जाएगी। इसके लिए 150 से अधिक स्वास्थ्य कर्मचारियों को प्रशिक्षण दिया जा चुका है। कर्मचारी अब अभिभावकों और किशोरियों को वैक्सीन के प्रति जागरूक करने में जुटे हैं, ताकि तय लक्ष्य को समय पर पूरा किया जा सके।
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क्यों जरूरी है ये टीकाकरण : विशेषज्ञों के अनुसार महिलाओं में सर्वाइकल कैंसर का खतरा 30 से 50 वर्ष की आयु में अधिक देखा जाता है। हालांकि ह्यूमन पेपिलोमा वायरस (एचपीवी) का संक्रमण कम उम्र में भी हो सकता है, लेकिन कैंसर बनने की प्रक्रिया धीरे-धीरे विकसित होती है।
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नियमित पैप स्मीयर या एचपीवी जांच न कराने वाली महिलाओं में जोखिम और बढ़ जाता है। यह वैक्सीन एचपीवी संक्रमण से बचाव में प्रभावी मानी जाती है। 14 वर्ष की आयु में वैक्सीन देना अधिक असरदार होता है, क्योंकि इस उम्र में शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बेहतर प्रतिक्रिया देती है।
नागरिक अस्पताल में है स्क्रीनिंग सुविधा
जिले के नागरिक अस्पताल में सर्वाइकल कैंसर की स्क्रीनिंग की सुविधा उपलब्ध है। हाल ही में अस्पताल की लैब में कैंसर की जांच के लिए नई मशीन भी स्थापित की गई है। यहां एफएनएसी टेस्ट के माध्यम से भी जांच की जा रही है। इसके अलावा ओरल कैंसर की स्क्रीनिंग भी की जा रही है।
यू-विन पोर्टल पर होगी डिजिटल ट्रैकिंग
टीकाकरण का पूरा रिकॉर्ड यू-विन पोर्टल पर दर्ज किया जाएगा, जिससे भविष्य में फॉलो-अप लेना आसान रहेगा। जिले में 14 वर्ष की किशोरियों की संख्या कुल आबादी का लगभग एक प्रतिशत है, जिन्हें इस चरण में कवर किया जाएगा।