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नियम विरुद्ध प्रचार सामग्री छापने पर होगी कार्रवाई : डीसी
Tue, 20 Aug 2024 01:23 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Tue, 20 Aug 2024 01:23 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
रेवाड़ी। विधानसभा चुनाव के मद्देनजर जिला निर्वाचन अधिकारी व डीसी अभिषेक मीणा ने जिले के सभी पंजीकृत प्रिंटिंग प्रेस संचालकों को चुनाव से संबंधित पंफलेट, पोस्टर और अन्य प्रचार सामग्री की छपाई और प्रकाशन के संबंध में नोटिस जारी किया है। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि नियमविरुद्ध तरीके से चुनाव प्रचार के पंफलेट, पोस्टर आदि की छपाई और प्रकाशन करने पर संबधित मुद्रक व प्रकाशकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
जिला निर्वाचन अधिकारी ने प्रिंटिंग प्रेस मालिकों को निर्देश दिया है कि वे बिना जांच पड़ताल व नियमों के विरूद्ध जाकर कोई भी चुनाव प्रचार सामग्री प्रकाशित न करें। चुनाव के दौरान मुद्रक व प्रकाशक के नाम के बिना चुनाव से संबंधित पंफलेट व पोस्टर आदि छापना जनप्रतिनिधि अधिनियम 1951 की धारा 127 ए का उल्लंघन है। ऐसा करने वाले प्रिंटर के खिलाफ भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 163 के तहत कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। जिसमें छह महीने की सजा से लेकर प्रिंटिंग प्रेस का लाइसेंस निरस्त करने का प्रावधान है। उन्होंने कहा कि चुनाव से संबंधित हर सामग्री पर मुद्रक व प्रकाशक का नाम अवश्य छापें।
कहा कि चुनाव आयोग ने विधानसभा चुनाव के उम्मीदवारों के खर्च की सीमा निर्धारित की हुई है। इसलिए यह जरूरी है कि उनके पंफलेट व पोस्टर आदि के खर्च का भी पूरा हिसाब किताब रहे। चुनाव से संबंधित पंफलेट व पोस्टर आदि उसी स्थिति में छापें, जब सामग्री छपवाने वाला व्यक्ति हलफनामे के साथ दो गवाह दे और उनके हस्ताक्षर भी लेने जरूरी हैं। ऐसे पोस्टर व पम्पलेट आदि छापने के बाद उनकी एक कॉपी जिला मैजिस्ट्रेट को भेजनी होगी और राज्य स्तर पर मुख्य चुनाव अधिकारी को कॉपी भेजकर यह बताना होगा कि अमुक व्यक्ति ने चुनाव से संबंधित कितनी संख्या में पोस्टर अथवा पंफलेट छपवाएं हैं और उनके खर्च का भी विवरण देना होगा।
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रेवाड़ी। विधानसभा चुनाव के मद्देनजर जिला निर्वाचन अधिकारी व डीसी अभिषेक मीणा ने जिले के सभी पंजीकृत प्रिंटिंग प्रेस संचालकों को चुनाव से संबंधित पंफलेट, पोस्टर और अन्य प्रचार सामग्री की छपाई और प्रकाशन के संबंध में नोटिस जारी किया है। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि नियमविरुद्ध तरीके से चुनाव प्रचार के पंफलेट, पोस्टर आदि की छपाई और प्रकाशन करने पर संबधित मुद्रक व प्रकाशकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
जिला निर्वाचन अधिकारी ने प्रिंटिंग प्रेस मालिकों को निर्देश दिया है कि वे बिना जांच पड़ताल व नियमों के विरूद्ध जाकर कोई भी चुनाव प्रचार सामग्री प्रकाशित न करें। चुनाव के दौरान मुद्रक व प्रकाशक के नाम के बिना चुनाव से संबंधित पंफलेट व पोस्टर आदि छापना जनप्रतिनिधि अधिनियम 1951 की धारा 127 ए का उल्लंघन है। ऐसा करने वाले प्रिंटर के खिलाफ भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 163 के तहत कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। जिसमें छह महीने की सजा से लेकर प्रिंटिंग प्रेस का लाइसेंस निरस्त करने का प्रावधान है। उन्होंने कहा कि चुनाव से संबंधित हर सामग्री पर मुद्रक व प्रकाशक का नाम अवश्य छापें।
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कहा कि चुनाव आयोग ने विधानसभा चुनाव के उम्मीदवारों के खर्च की सीमा निर्धारित की हुई है। इसलिए यह जरूरी है कि उनके पंफलेट व पोस्टर आदि के खर्च का भी पूरा हिसाब किताब रहे। चुनाव से संबंधित पंफलेट व पोस्टर आदि उसी स्थिति में छापें, जब सामग्री छपवाने वाला व्यक्ति हलफनामे के साथ दो गवाह दे और उनके हस्ताक्षर भी लेने जरूरी हैं। ऐसे पोस्टर व पम्पलेट आदि छापने के बाद उनकी एक कॉपी जिला मैजिस्ट्रेट को भेजनी होगी और राज्य स्तर पर मुख्य चुनाव अधिकारी को कॉपी भेजकर यह बताना होगा कि अमुक व्यक्ति ने चुनाव से संबंधित कितनी संख्या में पोस्टर अथवा पंफलेट छपवाएं हैं और उनके खर्च का भी विवरण देना होगा।
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